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कर्नाटक: सिद्धारमैया पर विवादित बयान मामले में पूर्व मंत्री को हाईकोर्ट से राहत; FIR पर चार सप्ताह का स्टे

Tue, 30 May 2023 06:53 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरू Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 30 May 2023 06:53 PM IST
सार

भाजपा विधायक नारायण द्वारा दायर की गई याचिका में कहा गया है कि शिकायत केवल याचिकाकर्ता को परेशान करने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से दर्ज की गई है। याचिकाकर्ता एक विधायक होने के नाते अपने निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है, अगर प्राथमिकी के तहत आगे की कार्यवाही पर रोक नहीं लगाई जाती है तो उसे बहुत कठिनाई और संकट में डाला जाएगा।  
 

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Remarks against Siddaramaiah: Karnataka HC stays FIR against BJP MLA Ashwath Narayan for four weeks
Karnataka High Court - फोटो : PTI

विस्तार

कर्नाटक के पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक सीएन अश्वथ नारायण को कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया को लेकर दिए गए अपने विवादित बयान को लेकर हाईकोर्ट से राहत मिली है। इस मामले में मंगलवार को कर्नाटक हाईकोर्ट ने अश्वथ नारायण के खिलाफ चार सप्ताह के लिए एफआईआर पर रोक लगा दी। बता दें कि सिद्धारमैया पर टिप्पणी को लेकर मैसूर के देवराज पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जिसके बाद उन्होंने एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।

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भाजपा विधायक नारायण द्वारा दायर की गई याचिका में कहा गया है कि शिकायत केवल याचिकाकर्ता को परेशान करने के दुर्भावनापूर्ण इरादे से दर्ज की गई है। याचिकाकर्ता एक विधायक होने के नाते अपने निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करता है, अगर प्राथमिकी के तहत आगे की कार्यवाही पर रोक नहीं लगाई जाती है तो उसे बहुत कठिनाई और संकट में डाला जाएगा।  
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वरिष्ठ अधिवक्ता प्रभुलिंग नवदगी के जरिए लगाई गई याचिका और दलीलें सुनने के बाद न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना ने कहा कि प्रथम दृष्टया आईपीसी की धारा 153 (दंगे के लिए उकसाना) के तहत यह अपराध के रूप नें नहीं आता है।
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सुनवाई के दौरान नवदगी ने कोर्ट में बताया कि नई सरकार के सत्ता में आने के बाद 24 मई, 2023 को कांग्रेस पार्टी के सदस्य द्वारा शिकायत दर्ज की गई थी और उसी दिन प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह दिखाता है कि यह कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण इरादे से की गई थी। उन्होंने अदालत को सूचित किया कि फरवरी में ही एक और शिकायत दर्ज की गई थी और मामले में एक असंज्ञेय रिपोर्ट दायर की गई थी।

इस बयान से फंसे पूर्व मंत्री
गौरतलब है, अश्वथ नारायण ने कहा था कि टीपू का बेटा सिद्धारमैया आएगा... क्या आप टीपू या सावरकर चाहते हैं? हमें टीपू सुल्तान को कहां भेजना चाहिए? उरी गौड़ा और नन्जे गौड़ा ने क्या किया? उसी तरह उन्हें भी बाहर कर दिया जाना चाहिए और भेज दिया जाना चाहिए।


बयान पर सफाई भी दी थी
हालांकि, बाद में अपने बचाव में पूर्व मंत्री अश्वथ नारायण ने कहा था कि उन्होंने सिद्धारमैया की तुलना टीपू सुल्तान से की थी। उन्होंने टीपू सुल्तान के प्रति सिद्धारमैया के प्यार के बारे में बात की है। उनके बारे में अपमानजनक बात नहीं की है। नारायण ने कहा था कि मैंने कांग्रेस पार्टी को हराने का आह्वान किया है। मेरी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। यह एक वैचारिक अंतर है। अगर उन्हें ठेस पहुंची है तो मैं उनसे माफी मांगता हूं।

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