फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Relief in Lockdown for farmers in Uttar Pradesh, Police is implying its own law

लॉकडाउन से छूट : साहब सरकार ने आदेश तो अच्छा दे दिया, लेकिन पुलिस लट्ठ चला देती है

Sun, 12 Apr 2020 09:55 PM IST
गौरव पाण्डेय डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Sun, 12 Apr 2020 09:55 PM IST
सार

बुलंदशहर से वेदपाल का फोन आया। वेदपाल मिस्त्री को अपनी स्कूटी पर बैठाकर ला रहे थे। चेहरे पर दोनों ने गमछा बांध रखा था, लेकिन पुलिस ने लट्ठ बजा दिया। वेदपाल के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा खेती खलिहानी में मिली छूट के कारण वह मिस्त्री को बुलाने गए थे। किसान नेता चौधरी पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि वेदपाल की शिकायत कोई अकेली नहीं है। यह रोज हो रहा है। पुलिस अपना लोकल कानून चला दे रही है।

विज्ञापन
Relief in Lockdown for farmers in Uttar Pradesh, Police is implying its own law
किसानों को बुरी तरह प्रभावित कर रहा लॉकडाउन - फोटो : पीटीआई

विस्तार

चौधरी पुष्पेंद्र सिंह पश्चिमी यूपी से हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रबी की फसलों की कटाई, मड़ाई और खरीफ की फसल की बुआई को देखते हुए सही कदम उठाया है। राज्य सरकार ने कोविड-19 के संक्रमण के फैलाव को रोकने की प्राथमिकता दिखाते हुए व्यवहारिक आदेश दिया है, लेकिन पुलिस लोगों से अपने तरीके से तर्क करने लगती है। जहां मन में आता है, उस रास्ते को बंद कर देती है। किसान भी इससे दो-चार हो रहे हैं।

विज्ञापन

पुलिस का इससे क्या लेना-देना

चौधरी पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि किसान को एक फसल बुआई, जुताई, निराई करने के बाद अपने उस उपकरण की जरूरत कभी-कभी कई महीने बाद पड़ती है। इसी तरह से थ्रेसर जैसे मड़ाई के उपकरण प्रतिदिन काम नहीं आते। कटाई के काम आने वाले हारवेस्टर की जरूरत हर रोज नहीं पड़ती। 

विज्ञापन


दूसरे, लॉकडाऊन के बाद काफी समय से खड़ी गाड़ी, ट्रैक्टर या अन्य को हवा, पंचर बनवाने आदि की जरूरत पड़ती है। जो उपकरण काफी समय बाद प्रयोग में आते हैं, उन्हें मिस्त्री आदि की आवश्यकता पड़ती है। चौधरी का कहना है कि पुलिस के जवान जानते सब हैं। वे भी किसान के बेटे हैं या गांव से संबंद्ध रखते हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर सरकार के आदेश की बजाय अपना कानून चला देते हैं। इससे लोगों की परेशानी बढ़ जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी ध्यान दें

चौधरी पुष्पेंद्र सिंह का कहना है कि केवल राज्य सरकार के आदेश से काम नहीं चलेगा। यहां जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी को ध्यान देना होगा। चौधरी का कहना है कि 15 अप्रैल के बाद किसान अपना गेहूं बेचने निकलेगा। अभी वह कटाई पूरी करने में लगा है, मड़ाई में लगेगा। इसे ध्यान में रखकर जबतक जिला प्रशासन खुलकर आगे नहीं आएगा, किसानों को सुविधा मिल पाना मुश्किल है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed