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India-Germany: मजबूत होंगे भारत और जर्मनी के रिश्ते, दोनों देशों ने ऊर्जा और शहरी विकास संबंध बढ़ाने पर की बात

Sat, 21 Sep 2024 05:59 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Sat, 21 Sep 2024 05:59 PM IST
सार

जर्मन प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख बारबरा शेफर ने कहा कि जर्मनी और भारत के बीच दीर्घकालिक, भरोसेमंद और रणनीतिक साझेदारी है। हम भारत के साथ अपनी साझेदारी में कई क्षेत्रों में पहले ही सफल हो चुके हैं।  

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Relations between India and Germany strengthen, countries talked about increasing energy and mobility sector
वार्ता के दौरान मौजूद जमर्नी और भारतीय प्रतिनिधिमंडल के अधिकारी। - फोटो : ANI

विस्तार

भारत और जर्मनी के रिश्तों को मजबूत करने के लिए भारत के आर्थिक मामलों के विभाग और जर्मनी के आर्थिक सहयोग व विकास मंत्रालय ने विकास नीति को लेकर वार्ता की। इसमें दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल ने नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी विकास, कृषि पारिस्थितिकी और गतिशीलता के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया। जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कोल्ज की भारत यात्रा से पहले हुई इस वार्ता में कई प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हुई। 

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वार्ता में जर्मन प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख बारबरा शेफर ने कहा कि जर्मनी और भारत के बीच दीर्घकालिक, भरोसेमंद और रणनीतिक साझेदारी है। 2024 में दोनों पक्षों ने दुनिया भर में नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश के लिए भारत-जर्मनी प्लेटफॉर्म के लॉन्च के साथ इसे और बढ़ाया है। जर्मनी अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को विश्वसनीय रूप से पूरा करता है। उन्होंने कहा कि न केवल प्रतिबद्धताएं बनाना बल्कि ठोस परिणाम हासिल करना भी महत्वपूर्ण है।
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शेफर ने कहा कि हम भारत के साथ अपनी साझेदारी में कई क्षेत्रों में पहले ही सफल हो चुके हैं। भारत-जर्मनी ने मिलकर 7,700 किलोमीटर की आधुनिक ट्रांसमिशन लाइनें बनाई है। साथ ही जर्मनी के वित्तपोषण के सहयोग से मुंबई, सूरत और अहमदाबाद में मेट्रो का निर्माण किया गया है। जर्मनी भारतीय किसानों को उनके कृषि उत्पादन को अधिक जलवायु-लचीला, संसाधन-कुशल और टिकाऊ बनाने में समर्थन करता है। इसके अलावा दोनों देश पेरू और विभिन्न अफ्रीकी देशों में  त्रिकोणीय परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं। जर्मनी की ओर से कहा गया कि यह वार्ता अक्तूबर में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मनी के चांसलर स्कोल्ज के बीच होने वाली मुलाकात के लिए अनुकूल है। 
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भारत में जर्मन विकास सहयोग के प्रमुख उवे गेहलेन ने कहा कि भारत-जर्मनी जब अपनी अद्वितीय क्षमता को प्रदर्शित करते हैं तो सतत ऊर्जा परिवर्तन की गुणवत्ता बढ़ जाती है। यह विश्व स्तर पर सकारात्मक उदाहरण स्थापित करता है। इस साल जर्मनी ने रियायती ऋण और तकनीकी सहयोग के रूप में इन क्षेत्रों में पहल के लिए 1 बिलियन यूरो से अधिक का आवंटन किया है। यह बजट नवीकरणीय ऊर्जा, शहरी विकास, गतिशीलता, वन पारिस्थितिकी तंत्र, जल, टिकाऊ और लचीली कृषि, कृषि पारिस्थितिकी, व्यावसायिक शिक्षा और स्वच्छ गंगा के लिए राष्ट्रीय मिशन में सहयोग के लिए आवंटित किया गया है। 

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