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TMC Crisis: कल्याण बनर्जी को निष्कासित करने की मांग, बागी काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र
Mon, 15 Jun 2026 08:50 PM IST
Pavan
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: Pavan
Updated Mon, 15 Jun 2026 08:50 PM IST
सार
तृणमूल कांग्रेस में टूट के बाद अब बागियों की ओर से ममता बनर्जी के करीबी कल्याण बनर्जी पर निशाना साधा जा रहा है। दरअसल, बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है और कल्याण बनर्जी को लोकसभा से निष्कासित करने की मांग की है।
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काकोली घोष दस्तीदार, बागी सांसद, TMC
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी गुट की नेता और सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर टीएमसी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को लोकसभा से निष्कासित करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कल्याण बनर्जी ने कई बार सदन के भीतर उनके और अन्य महिला सांसदों के खिलाफ अपमानजनक, अभद्र और महिलाओं का अपमान करने वाली टिप्पणियां की हैं।
यह भी पढ़ें- बंगाल में नहीं कम हो रही TMC नेताओं की मुश्किलें: अब कुणाल घोष पर फेंके गए अंडे, जानें युवक ने क्या लगाए आरोप
'उनका व्यवहार किसी सांसद के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं'
काकोली घोष दस्तीदार ने 10 जून को लिखे गए अपने पत्र में कहा कि कल्याण बनर्जी का व्यवहार किसी सांसद के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद बार-बार व्यक्तिगत हमले, डराने-धमकाने वाली भाषा और महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां करते रहे हैं। उनके अनुसार यह कोई एक बार की घटना नहीं, बल्कि लगातार दोहराया जाने वाला व्यवहार है।
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'टिप्पणियां केवल राजनीतिक मतभेदों तक सीमित नहीं'
उन्होंने पत्र में कहा कि इस तरह की टिप्पणियां केवल राजनीतिक मतभेदों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि व्यक्तिगत उत्पीड़न और दुर्व्यवहार की श्रेणी में आती हैं। इससे उन्हें व्यक्तिगत रूप से मानसिक पीड़ा हुई है और संसद में महिला सांसदों की स्वतंत्र भागीदारी भी प्रभावित होती है।
कल्याण बनर्जी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
काकोली घोष ने लोकसभा अध्यक्ष से मामले का संज्ञान लेने और कल्याण बनर्जी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक हो तो उन्हें तत्काल लोकसभा से निष्कासित भी किया जाए। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब टीएमसी के भीतर बागी सांसदों और पार्टी नेतृत्व के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। हाल ही में कल्याण बनर्जी ने बागी सांसदों पर निशाना साधते हुए उन्हें चुनौती दी थी कि अगर उनमें हिम्मत है तो वे भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर दिखाएं।
यह भी पढ़ें- रक्षा क्षेत्र में बड़ी छलांग: DRDO ने किया स्वदेशी लॉन्ग रेंज क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण, भारत की बढ़ी ताकत
बागी गुटों ने एनसीपीआई में किया विलय
रविवार को काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में लोकसभा के 20 बागी टीएमसी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की और यह भी घोषणा की कि उनका समूह अब नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय कर चुका है। काकोली ने दावा किया कि इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष को सौंपे गए ज्ञापन पर सभी 20 सांसदों के हस्ताक्षर हैं।
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'उनका व्यवहार किसी सांसद के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं'
काकोली घोष दस्तीदार ने 10 जून को लिखे गए अपने पत्र में कहा कि कल्याण बनर्जी का व्यवहार किसी सांसद के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद बार-बार व्यक्तिगत हमले, डराने-धमकाने वाली भाषा और महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणियां करते रहे हैं। उनके अनुसार यह कोई एक बार की घटना नहीं, बल्कि लगातार दोहराया जाने वाला व्यवहार है।
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Rebel TMC MP Kakoli Ghosh Dastidar, who along with 19 other MPs joined Nationalist Citizens Party of India (NCPI) yesterday, gives a complaint to Lok Sabha Speaker Om Birla, "seeking expulsion of Kalyan Banerjee, Member of Parliament, for repeated verbal abuse, misogynistic… pic.twitter.com/Q6N3Sca6JD
— ANI (@ANI) June 15, 2026
'टिप्पणियां केवल राजनीतिक मतभेदों तक सीमित नहीं'
उन्होंने पत्र में कहा कि इस तरह की टिप्पणियां केवल राजनीतिक मतभेदों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि व्यक्तिगत उत्पीड़न और दुर्व्यवहार की श्रेणी में आती हैं। इससे उन्हें व्यक्तिगत रूप से मानसिक पीड़ा हुई है और संसद में महिला सांसदों की स्वतंत्र भागीदारी भी प्रभावित होती है।
कल्याण बनर्जी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
काकोली घोष ने लोकसभा अध्यक्ष से मामले का संज्ञान लेने और कल्याण बनर्जी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक हो तो उन्हें तत्काल लोकसभा से निष्कासित भी किया जाए। यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब टीएमसी के भीतर बागी सांसदों और पार्टी नेतृत्व के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। हाल ही में कल्याण बनर्जी ने बागी सांसदों पर निशाना साधते हुए उन्हें चुनौती दी थी कि अगर उनमें हिम्मत है तो वे भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर दिखाएं।
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बागी गुटों ने एनसीपीआई में किया विलय
रविवार को काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में लोकसभा के 20 बागी टीएमसी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की और यह भी घोषणा की कि उनका समूह अब नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय कर चुका है। काकोली ने दावा किया कि इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष को सौंपे गए ज्ञापन पर सभी 20 सांसदों के हस्ताक्षर हैं।