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Space Station: नासा भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन बनाने में समन्वय को तैयार, नेल्सन ने चंद्रयान-3 की सफलता को सराहा

Tue, 28 Nov 2023 09:44 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 28 Nov 2023 09:44 PM IST
सार

International Space Station: नासा के प्रशासक बिल नेल्सन ने कहा कि भारत 2040 तक एक वाणिज्यिक अंतरिक्ष स्टेशन बनाना चाहता है। यदि भारत चाहता है कि हम उनके साथ सहयोग करें, तो इसके लिए हम निश्चित रूप से उपलब्ध रहेंगे।

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Ready to collaborate for building Indian space station: NASA Administrator
नासा प्रमुख बिल नेल्सन - फोटो : नासा

विस्तार

अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत को साल 2023 में हासिल उपलब्धियों का पूरी दुनिया पर असर नजर आने लगा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा भी इसरो के साथ कई योजनाओं में काम करने के लिए उतावली हो रही है। उसका यह उत्साह नासा के प्रशासक बिल नेल्सन के भारत पहुंचने पर मंगलवार नजर आया।

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नेल्सन ने बताया कि अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी अगले साल के आखिर तक एक भारतीय नागरिक को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर भेजने पर इसरो के साथ काम कर रही थी, इस यात्री का चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) पर छोड़ा गया है। साथ ही अगर भारत चाहे तो भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन बनाने में भी नासा सहयोग करेगी।

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नेल्सन ने कहा कि अमेरिका व भारत मिलकर भारतीय अंतरिक्ष यात्री को आईएसएस पर भेजने की योजना पर काम कर रहे हैं। यह यात्री कौन होगा, इसका चयन इसरो को करना है, नासा चयन नहीं करेगा। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर भारत चाहे तो उसके अंतरिक्ष स्टेशन के निर्माण में सहयोग करने के लिए भी नासा तैयार है। कहा, हम मानते हैं कि एक व्यावसायिक अंतरिक्ष स्टेशन बनाने का समय आ चुका है। भारत भी शायद साल 2040 तक ऐसा ही व्यावसायिक स्टेशन बनाना चाहता है। अगर वह चाहे तो इस काम में हम उससे सहयोग करने को तैयार हैं। हम उपलब्ध हैं, इसमें समन्वय करना भारत पर है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो को यह स्टेशन साल 2035 तक बनाने के लिए कहा है, वहीं साल 2040 तक चंद्रमा पर भारतीयों को पहुंचाने का लक्ष्य भी बनाया गया है। 

नेल्सन ने देश के विज्ञान व तकनीक मंत्री जितेंद्र सिंह से भी मुलाकात की। सिंह ने बताया कि नेल्सन ने चंद्रयान-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग के लिए इसरो को सराहा। पीएम मोदी की पहल पर अंतरिक्ष व विज्ञान क्षेत्र में हुए सुधारों के बाद यहां तेजी से उभर रहे नए स्टार्टअप्स को लेकर भी उन्होंने उत्साह दिखाया। नेल्सन मुंबई में अंतरिक्ष क्षेत्र में काम कर रहे उद्यमियों से मिलेंगे।

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भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में लीडर इससे पहले भारत पहुंचने के साथ ही नेल्सन ने सोशल मीडिया पर लिखा, मैं भारत पहुंच गया हूं। एक हफ्ते की उत्साहजनक मुलाकातों और आयोजनों शुरुआत होने वाली है। इस दौरे के जरिये नासा और इसरो के बीच साझेदारी बढ़ाई जाएगी। भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में एक लीडर है।

इन सहयोग बिंदुओं पर भी बातचीत

  • मंत्रालय के अनुसार इसरो और नासा ने संयुक्त कार्य समूह बनाया गया, यह मानव-अंतरिक्ष मिशन के लिए सहयोग करेगा।
  • विकिरणों के असर का अध्ययन, छोटी उल्काओं व ग्रह-पथ में मौजूद मलबे को बचाने वाली शील्ड के अध्ययन, अंतरिक्ष में मानव स्वास्थ्य व दवाओं के क्षेत्र में भी सहयोग होगा।
  • प्रमुख अमेरिकी कंपनियों जैसे बोइंग, ब्लू ओरिजिन, वोएजर और भारतीय उद्योगों के साथ काम व सहयोग पर पर भी इसरो चर्चा कर रहा है।
  • \नासा व इसरो में सहयोग के प्रावधानों का विचार-पत्र दोनों की सहमति से बनाया गया है। इसे सरकारों को सहमति के लिए आगे बढ़ाया जा रहा है।
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