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आरबीआई ने नोटबंदी का कारण बताने से किया इंकार
एजेंसी/ नई दिल्ली
Updated Fri, 30 Dec 2016 04:54 AM IST
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केंद्र सरकार ने 500 व 1000 रुपये के नोट क्यों बंद किए गए, इसका कारण सार्वजनिक करने से भारतीय रिजर्व बैंक ने इंकार कर दिया है। एक आरटीआई में भारतीय रिजर्व बैंक से जवाब मांगा गया था कि नोटबंदी क्यों की गई।
मौद्रिक नीति नियामक ने इसके साथ ही करेंसी नोट को बदलने में लगने वाले समय को भी बताने से इंकार कर दिया। एक आरटीआई के जवाब में आरबीआई ने कहा कि जानकारी में एक कार्यक्रम के भविष्य के तारीख पूछी जा रही है जो कि आरटीआई अधिनियम की धारा 2(एफ) के तहत सूचना देने के अंतर्गत नहीं आती। देश के सबसे बड़े बैंक ने देश की 20 लाख करोड़ करेंसी की नोटबंदी का कारण बताने से आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(ए) के तहत इंकार कर दिया।
यह धारा कहती है कि कोई सूचना, जिसे प्रकट करने से भारत की संप्रभुता और सुरक्षा, राज्य के रणनीतिक, वैज्ञानिक या आर्थिक हितों, विदेशी राज्य के साथ संबंध की अखंडता प्रभावित होती है तो वे किसी अपराध की शह के लिए नेतृत्व करेंगे।
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मौद्रिक नीति नियामक ने इसके साथ ही करेंसी नोट को बदलने में लगने वाले समय को भी बताने से इंकार कर दिया। एक आरटीआई के जवाब में आरबीआई ने कहा कि जानकारी में एक कार्यक्रम के भविष्य के तारीख पूछी जा रही है जो कि आरटीआई अधिनियम की धारा 2(एफ) के तहत सूचना देने के अंतर्गत नहीं आती। देश के सबसे बड़े बैंक ने देश की 20 लाख करोड़ करेंसी की नोटबंदी का कारण बताने से आरटीआई अधिनियम की धारा 8(1)(ए) के तहत इंकार कर दिया।
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यह धारा कहती है कि कोई सूचना, जिसे प्रकट करने से भारत की संप्रभुता और सुरक्षा, राज्य के रणनीतिक, वैज्ञानिक या आर्थिक हितों, विदेशी राज्य के साथ संबंध की अखंडता प्रभावित होती है तो वे किसी अपराध की शह के लिए नेतृत्व करेंगे।
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