RBI का एक और यू-टर्न, 5 हजार तक के पुराने नोट जमा कराने की सीमा हटाई
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आरबीआई ने 5000 से ज्यादा के पुराने नोट जमा कराने के सर्कुलर को वापस ले लिया। अब बैंकों में 5000 से ज्यादा के पुराने नोट जमा कराए जा सकते हैं। इतना ही नहीं, 5 हजार से ज्यादा के पुराने नोट कई बार जमा किए जा सकते हैं। इसके लिए बैंक आपसे किसी तरह की पूछताछ नहीं करेगी।
केंद्रीय बैंक की ओर से जारी नए नोटिफिकेशन में यह भी कहा गया है कि केवाइसी खातों पर एकमुश्त जमा वाला नियम भी लागू नहीं होगा। आरबीआई के इस स्पष्टीकरण का मतलब यह है कि जिन खातों के लिए केवाइसी डॉक्युमेंट्स उपलब्ध हैं, उनमें जितनी भी राशि, जितनी बार चाहें, जमा कराई जा सकती है।
बता दें कि आरबीआई ने नई अधिसूचना जारी कर कहा था कि 5000 रुपए से ज्यादा के 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट 30 दिसम्बर तक एक ही बार बैंक खाते में जमा कराए जा सकेंगे। रिजर्व बैंक ने कहा था कि ये जमा भी जवाब तलब करने के बाद ही स्वीकार किए जाएंगे । जमा कराने वक्त जमाकर्ता से दो बैंक अधिकारियो की मौजूदगी में पूछा जाएगा कि आखिरकार अब तक पैसा क्यों नहीं जमा कराया गया। जवाब संतोषजनक होने के बाद ही पैसा जमा होगा ।RBI issues notification, withdraws Rs.5000 deposit restriction for KYC compliant accounts
— ANI (@ANI_news) December 21, 2016
अब नई अधिसूचना के अनुसार, अब बिना पूछताछ के ही बैंकों में आप 5000 से ज्यादा के पुराने नोट कई बार जमा करा सकते हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरेजवाला ने इस पर कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया 'रिवर्स बैंक ऑफ इंडिया' बन गया है। पिछले 43 दिनों में उन्होंने 126 बार नियम बदले हैं। वहीं बीजेपी के प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हन ने कहा कि लोगों की दिक्कतों को देखते हुए फैसलों में बदलाव किया जा रहा है। लोगों के पैसे के स्रोत के बारे में जांच की प्रक्रिया अलग है और लोगों के पैसे को बैंकों तक पहुंचाने की प्रक्रिया अलग।
Reserve Bank of India has become 'Reverse Bank of India'; In last 43days of #demonetisation, they changed norms 126 times: Randeep Surjewala pic.twitter.com/HoY5HGFcfX
— ANI (@ANI_news) December 21, 2016
सरकार ने कई नियम गले की हड्डी बन गई
प्रधानमंत्री की 8 अक्टूबर को 4000 रुपये बदले जाने की घोषणा के कुछ दिन बाद सरकार ने रियायत देते हुए नोट बदले जाने की सीमा बढ़ाकर 4500 कर दी। लेकिन हफ्तेभर बाद ही यह लिमिट घटाकर अचानक 2000 रुपये ही कर दी।
सरकार ने अचानक 25 नवंबर को घोषणा कर दी कि अब पुराने नोट नहीं बदले जाएंगे केवल जमा किए जा सकेंगे। इसकी वजह से लोगों को काफी दिक्कत हुई।
आरबीआई ने एक नया नियम यह भी लागू किया कि 50 हजार से ज्यादा की रकम केवल उन्हीं खातों में जमा की जा सकेगी जिनमें केवाईसी फार्म जमा होंगे।
शादी के लिए ढाई लाख रुपये निकालने पर थोप दी गई थी शर्तें। सरकार ने शादी वाले घरों को बैंकों से ढाई लाख रुपये तक निकालने की छूट दे दी। लेकिन उसके लिए इतनी शर्तें जोड़ दी गई कि आदमी आसानी से बैंक तक ही न पहुंच सके।
सरकार ने सबसे कड़ा नियम लागू किया जनधन खातों पर। जिनमें लगातार आधी रकम के बाद पैसे निकालने पर रोक लगा दी गई। फिलहाल जनधन खातों से पैसे निकालने या डालने पर रोक जारी है।