बंगाल रथ यात्रा: ममता सरकार डाल सकती है अड़ंगा, विजयवर्गीय बोले- नहीं रोक सकता प्रशासन
पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में सभी पार्टियां लोगों को अपनी तरफ करने की तैयारियों में जुटी हुई हैं। इसी कड़ी में भाजपा फरवरी और मार्च के महीने में रथ यात्रा निकालने वाली है। भाजपा की इस प्रस्तावित रथ यात्रा को लेकर कोलकाता उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई है। वहीं कहा जा रहा है कि ममता सरकार भी भाजपा को यात्रा निकालने की अनुमति देने के मूड में नही हैं। हालांकि टीएमसी ने सफाई देते हुए कहा है कि उसने किसी भी यात्रा को अनुमति देने से मना नहीं किया है। दूसरी ओर भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को चुनाव आयोग से मुलाकात की।
भाजपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से की मुलाकात
पार्टी नेता भूपेंद्र यादव सहित पश्चिम बंगाल के भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारत निर्वाचन आयोग से मुलाकात की। यादव ने कहा, 'कई चरणों में मतदान होना चाहिए, टीएमसी के इशारे पर काम करने वाले अधिकारियों को बदल दिया जाना चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने बंगाल में केवल प्रशिक्षित केंद्रीय पुलिस बलों (सीपीएफ) के सदस्यों को तैनात करने की मांग की ताकि चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता, गरिमा और पवित्रता सुनिश्चित की जा सके।'
A delegation of West Bengal Bharatiya Janata Party (BJP) leaders led by Rajya Sabha MP Swapan Dasgupta writes to Election Commission to "deploy members of only Central Police Forces (CPF), duly trained to ensure fairness, dignity, and sanctity of the process." pic.twitter.com/1GLKgsFeEV
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) February 5, 2021
कोर्ट ने नहीं दिया स्थगन प्रस्ताव: विजयवर्गीय
भाजपा सांसद कैलाश विजयवर्गीय ने शुक्रवार को कहा, 'अदालत ने 'रथ यात्रा' पर स्थगन आदेश नहीं दिया है, इसलिए जिला प्रशासन इसे रोक नहीं सकता है। विपक्ष के रूप में, लोगों के बीच जाना हमारा मौलिक अधिकार है। 6 फरवरी को नड्डा जी यात्रा का उद्घाटन करेंगे और 11 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कूचबिहार से एक अन्य यात्रा में शामिल होंगे।'
टीएमसी ने दी सफाई
पश्चिम बंगाल ने किसी भी यात्रा की अनुमति से इनकार नहीं किया है जैसा कि भाजपा द्वारा दावा किया गया है। वे सत्य के बिना दुर्भावनापूर्ण प्रचार में लिप्त हैं। भाजपा को अपनी यात्रा की अनुमति देने से इनकार करने वाले बंगाल सरकार के भौतिक साक्ष्य दिखाने होंगे। यह पीड़ित होने का दिखावा करने की कोशिश कर रही है। भाजपा के एक पदाधिकारी ने मुख्य सुरक्षा अधिकारी से अनुमति मांगी, उनके कार्यालय ने स्थानीय अधिकारियों को इसे लेकर निर्देशित किया। इस बीच, उच्च न्यायालय में उसी के संबंध में एक जनहित याचिका भी दायर की गई है और यह मामला अब उप-न्यायिक है। हम इस बात को स्पष्ट करते हैं कि तृणमूल कांग्रेस का इस मुद्दे से कोई लेना-देना नहीं है।
अपनी संस्कृति बर्बाद नहीं होने देंगे
माना जा रहा है कि ममता सरकार भाजपा की इस रथ यात्रा को रोकना चाहती है। इसे लेकर ममता सरकार के एक मंत्री ने कहा कि हम अपनी संस्कृति को बर्बाद नहीं होने देना चाहते हैं। साथ ही राज्य में धर्मनिरपेक्षता को बनाए रखना चाहते हैं। बता दें कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा यह रथ यात्रा निकाल रही है। बंगाल के पांच स्थानों से यह यात्रा निकलेगी और सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। रथयात्रा नवाबद्वीप, कूचबिहार, काकद्वीप, झारग्राम और तारापीठ से शुरू होंगी।
अदालत में दायर हुई याचिका
भाजपा की रथयात्रा को रोकने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय से एक जनहित याचिका दाखिल की गई है। बुधवार को रमा प्रसाद सरकार नाम के व्यक्ति ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर भाजपा की इस रथयात्रा को रोकने का निर्देश देने की मांग की है।