अब संघ ने की महाराष्ट्र को चार राज्यों में बांटने की वकालत
- संघ और प्रकाश अंबेडकर ने की राज्य को बांटने की मांग
- प्रकाश अंबेडकर बोले, महाराष्ट्र बंटे पांच राज्यों में और देश में हो 200 राज्य
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महाराष्ट्र के महाधिवक्ता श्रीहरि अणे के मराठवाड़ा को अलग करने का बयान देने के बाद महाराष्ट्र के बंटवारे को लेकर सियासत शुरू हो गई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने जहां महाराष्ट्र को चार राज्यों में बांटने की वकालत की है, तो वहीं, भारत रत्न डॉ.भीमराव अंबेडकर के नाती प्रकाश अंबेडकर ने महाराष्ट्र में पांच और देश में 200 राज्य बनाने की मांग उठाई है।
महाराष्ट्र के टुकड़े कर विदर्भ और मराठवाड़ा को अलग राज्य बनाने की बात करने वाले राज्य के महाधिवक्ता अणे को पद से इस्तीफा देना पड़ा, लेकिन उनके बयान ने बंटवारे की राजनीति को हवा दे दी है। हालांकि छोटे राज्य संघ का एजेंडा रहा है।
इसके मद्देनजर संघ के पूर्व प्रवक्ता मा.गो.वैद्य ने कोंकण, पश्चिम महाराष्ट्र, विदर्भ और मराठवाड़ा-खानदेश को अलग राज्य बनाने के लिए राज्य पुनर्गठन आयोग बनाने की मांग कर दी है।
देश में 200 नए राज्यों के गठन की मांग
लेकिन, भारिप बहुजन महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश अंबेडकर ने देश में 200 नए राज्यों के गठन की मांग कर सबको चौंका दिया है। श्रीहरि अणे के बयान को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा है कि अणे ने विदर्भ और मराठवाड़ा राज्य बनाने का बयान संघ और भाजपा की शह पर दिया है।
उन्होंने कहा कि जो काम आरएसएस करना चाहती थी, उसे अणे ने किया और अब राज्य के महाधिवक्ता पद से इस्तीफा देकर मुक्त हो गए हैं। शिवसेना पहले से ही राज्य के बंटवारे के विरोध में है। इसलिए अणे के बयान का सबसे ज्यादा विरोध शिवसेना ने ही किया है।