फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Rashtriya kisan parishad says, new agricultural laws are dangerous for farmers, their future may be ruined

कृषि कानूनों के पीछे छिपी असलियत खतरनाक, किसानों का भविष्य हो सकता है बर्बादः राष्ट्रीय किसान परिषद

Mon, 07 Dec 2020 06:44 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 07 Dec 2020 06:44 PM IST
सार

सरकार ने इन कानूनों में निजी क्षेत्र को खुले बाजार में अपनी मनमानी कीमतों पर किसानों से फसलों की खरीद की छूट दे दी है। इससे पहले तो किसान ज्यादा कीमत की लालच में खुले बाजार में फसलों को बेचेगा, लेकिन इससे एपीएमसी मंडियों की आवश्यकता नहीं रह जाएगी। धीरे-धीरे इसे बंद कर दिया जाएगा...

विज्ञापन
Rashtriya kisan parishad says, new agricultural laws are dangerous for farmers, their future may be ruined
किसान आंदोलन - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

नए कृषि कानूनों को लेकर किसान संगठनों का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। किसानों का आरोप है कि ये कानून दिखने में तो किसान हितैषी लगते हैं, लेकिन इनके अमल में आने से किसानों का अपनी जमीनों से अधिकार छिन जाएगा। उनकी अब तक की सबसे बड़ी ताकत बना एमएसपी भी केवल कागजों पर बनकर रह जाएगा।

विज्ञापन


राष्ट्रीय किसान परिषद के अखिल भारतीय महामंत्री सुरेश सिंह ने कहा कि सरकार ने इन कानूनों में निजी क्षेत्र को खुले बाजार में अपनी मनमानी कीमतों पर किसानों से फसलों की खरीद की छूट दे दी है। इससे पहले तो किसान ज्यादा कीमत की लालच में खुले बाजार में फसलों को बेचेगा, लेकिन इससे एपीएमसी मंडियों की आवश्यकता नहीं रह जाएगी। धीरे-धीरे इसे बंद कर दिया जाएगा। जब किसानों के सामने एपीएमसी मंडियां खत्म हो जाएंगी, तब प्राइवेट कंपनियां अपनी मनचाही कीमतों पर खरीद करेंगी जिससे किसानों को भारी घाटा होगा।
विज्ञापन



इस स्थिति में न्यूनतम समर्थन मूल्य की बात केवल कागजों पर बनकर रह जाएगी। एपीएमसी मंडियों के न होने से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिलेगा और किसान कंपनियों की कीमत पर फसलों की खरीद के लिए मजबूर होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


किसान नेता ने कहा कि इसी प्रकार कानून में कांट्रैक्ट फार्मिंग का जो प्रस्ताव किया गया है, उससे किसानों का अपनी जमीनों पर वास्तविक हक खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को इन कानूनों को तत्काल वापस लेना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed