फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Rare Olive Ridley turtles return to Odisha after 33 years, egg-laying process begins at Gahirmatha beach

Odisha: 33 साल बाद ओडिशा में लौटे दुर्लभ ओलिव रिडले कछुए, गहिरमाथा समुद्र तट पर अंडे देने की प्रक्रिया शुरू

Mon, 10 Mar 2025 05:42 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर Published by: शुभम कुमार Updated Mon, 10 Mar 2025 05:42 AM IST
सार

दुर्लभ ओलिव रिडले कछुए 33 साल बाद ओडिशा वापस लौटे हैं। ये कछुए राज्य में केंद्रपाड़ा जिले के गहिरमाथा समुद्री अभयारण्य के एकाकुलानासी द्वीप पर फिर से दिखाई दिए हैं। ये यहां अंडे देने के लिए घोंसले बनाने के लिए पहुंचे हैं।

विज्ञापन
Rare Olive Ridley turtles return to Odisha after 33 years, egg-laying process begins at Gahirmatha beach
ओलिव रिडले कछुआ (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Meta AI

विस्तार

दुर्लभ ओलिव रिडले कछुए 33 साल बाद ओडिशा वापस लौटे हैं। ये कछुए राज्य में केंद्रपाड़ा जिले के गहिरमाथा समुद्री अभयारण्य के एकाकुलानासी द्वीप पर फिर से दिखाई दिए हैं। ये यहां अंडे देने के लिए घोंसले बनाने के लिए पहुंचे हैं। सहायक वन संरक्षक मानस दास कहते हैं कि आखिरी बार समुद्री कछुए की यह प्रजाति 1992 में दिखाई दी थी और तब तीन लाख कछुओं ने यहां अंडे दिए थे। दास ने पुष्टि की है कि इन कछुओं ने यहां अंडे देने शुरू कर दिए हैं।
विज्ञापन


वह कहते हैं कि द्वीप के इस सुंदर समुद्र तट का आकार समुद्री कटाव की वजह से छोटा हो गया था। इस वजह से यह कछुओं के घोंसला बनाने के लिए उपयुक्त नहीं रह गया था। लेकिन 2020 में प्राकृतिक रूप से यहां रेत और गाद इकट्ठा होने से समुद्र तट फिर से बड़ा हो गया। इससे कछुओं के अंडे देने के लिए एक मुफीद वातावरण बना गया और वे बड़ी संख्या में अंडे देने पहुंचे हैं। दास के मुताबिक, यह ओडिशा वन विभाग के चलाए जा रही कछुआ संरक्षण कोशिशों के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है।
विज्ञापन


दो दिनों में ही 1.7 लाख कछुए पहुंचे अंडे देने
पहले यह समुद्र तट लगभग 4 किमी लंबा था,लेकिन प्राकृतिक प्रक्रिया के कारण अब यह बढ़कर 8 किमी हो गया है। पिछले दो दिनों में लगभग 1.7 लाख कछुए अंडे देने पहुंचे हैं। अब नासी-2 समुद्र तट के साथ यह जगह भी कछुओं के लिए पसंदीदा घोंसला बनाने वाली जगहों में शामिल हो गई है। अब तक, नासी-2 समुद्र तट पर 2.63 लाख कछुए अंडे दे चुके हैं। हर साल लाखों ओलिव रिडले कछुए अंडे देने के लिए ओडिशा के समुद्र तटों पर आते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मादा अंडे देने के बाद बेफिक्र होकर लौट जाती है समुद्र में
केंद्रपाड़ा जिले का गहिरमाथा समुद्र तट दुनिया का सबसे बड़ा ओलिव रिडले कछुओं के अंडे देने वाली जगह माना जाता है। गहिरमाथा के अलावा,ये कछुए रुशिकुल्या और देवी नदी मुहाने पर भी अंडे देने आते हैं। अंडे देने के बाद मादा कछुआ समुद्र में लौट जाती हैं। ये अंडों की देखभाल नहीं करते। लगभग 45-50 दिनों बाद,अंडों से बच्चे निकलते हैं और खुद ही समुद्र की ओर बढ़ जाते हैं। यह एक दुर्लभ प्राकृतिक घटना है, जहां बच्चे बिना मां की देखभाल के बड़े होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed