रामजस कॉलेज विवाद को वैचारिक लड़ाई मान रहा भगवा परिवार
रामजस कॉलेज विवाद से डीयू में शुरू हुई राष्ट्रवाद और गैर राष्ट्रवाद की बहस अब वाम और भगवा परिवार के बीच की वैचारिक लड़ाई बन गई है। संघ परिवार जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) मामले की तरह रामजस कॉलेज विवाद को भी वाम वैचारिकता की कवायद मान रहा है। वामदलों के साथ छिड़ी बौद्धिक जंग को अब संघ अंजाम तक पहुंचाने में जुट गया है। वाम विचारधारा के खिलाफ संघ डीयू के साथ पूरे देश में सीधा हमला बोलेगा।
हालांकि गुरमेहर कौर ने विवाद में आकर भगवा संगठनों का जायका बिगाड़ दिया है। वह कारगिल युद्ध के शहीद की बेटी हैं। इसलिए भगवा संगठन उन पर सीधे हमले से बचेगा। केंद्रीय मंत्रियों के जरिए गुरमेहर कौर पर हुए तल्ख हमले भी संघ को रास नहीं आए हैं। संघ के एक शीर्ष पदाधिकारी का कहना है कि गुरमेहर के मामले को तूल देने से हमें बचना चाहिए।
वाम विचारधारा के खिलाफ माहौल बनाने के प्रयास में संघ ने डीयू को लाल आतंक से निजात दिलाने के नाम पर बुधवार को अपने समर्थित कॉलेज शिक्षकों का मार्च आयोजित करेगा। इसके साथ ही केरल के वाम आतंक को राष्ट्रीय मुद्दा बनाते हुए संघ के कार्यकर्ता एक मार्च को देशभर के जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर वामपंथी देश विरोधी नारे नहीं लगा सकते'
अखिल भारतीय विधार्थी परिषद (एबीवीपी) के दिल्ली प्रांत के अध्यक्ष अवनीश मित्तल ने अमर उजाला से कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर वामपंथी देश विरोधी नारे नहीं लगा सकते। उन्होंने बताया कि एक मार्च को डीयू के सभी राष्ट्रवादी शिक्षक पैदल मार्च के जरिए वामदलों के कुत्सित प्रयास का विरोध करेंगे।
संघ के एक अन्य संगठन एबीआरएसएम ने रामजस कॉलेज की घटना को वाम विचार समर्थित शिक्षकों की कवायद बताते हुए कार्यक्रम में जेएनयू मामले के आरोपी उमर खालिद को बुलाए जाने के कड़ी निंदा की है। एबीआरएसएम के दिल्ली प्रांत के महासचिव अनुराग मिश्र ने कहा है कि वे डीयू में जेएनयू सरीखे मामलों की पुनरावृत्ति नहीं होने देंगे और डीयू को देश विराधी ताकतों का अड्डा नहीं बनने देंगे।
इस बीच, संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख जे नंद कुमार ने कहा है कि केरल में वामपंथी कार्यकर्ताओं के जरिए हो रही उनके कार्यकर्ताओं की हत्या के खिलाफ एक मार्च को देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। संघ के कार्यकर्ता देश के 269 स्थानों पर केरल के वाम आतंक के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे। संघ का कहना है अब तक उसके 269 कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है।