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पुणे के भीमा कोरेगांव का इतिहास पाठ्यपुस्तकों में हो शामिल: रामदास अठावले
Sat, 02 Jan 2021 03:05 AM IST
Kuldeep Singh
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 02 Jan 2021 03:05 AM IST
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रामदास अठावले
- फोटो : ANI
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पुणे के कोरेगांव भीमा युद्ध की 203वीं बरसी पर शुक्रवार को पुणे के निकट ‘विजय स्तंभ’ पर श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि वह पाठ्यपुस्तकों में कोरेगांव भीमा युद्ध के इतिहास को शामिल किया जाना चाहिए। इसके लिए वे शिक्षा मंत्री को पत्र लिखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दलित और सवर्ण का विवाद खत्म होना चाहिए। तभी असल में दलितों पर होने वाले अत्याचार को रोका जा सकता है।
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वहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने भी कोरेगांव भीमा युद्ध की बरसी पर श्रद्धांजलि अर्पित की। बता दें कि पुणे-अहमदनगर रोड पर इस विजय स्तंभ को अंग्रेजों ने ईस्ट इंडिया कंपनी और मराठा शासकों के पेशवाओं के बीच एक जनवरी 1818 को हुए युद्ध में विजय के बाद बनवाया था। तीन साल पहले 2018 में इसी भीमा कोरेगांव में हिंसक झड़प हुई थी। उसके बाद यह स्थान देशभर में चर्चित हो गया।
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