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Ram Mandir: बाबा ने बनारस को किया मालामाल, अब अयोध्या को समृद्ध करेंगे राम लला; सरकार भी कमाएगी हजारों करोड़

Fri, 12 Jan 2024 10:33 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Fri, 12 Jan 2024 10:33 PM IST
सार

दिल्ली के अधिकारियों की एक टीम अयोध्या से लौटकर आयी है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के अधिकारी भी अयोध्या से लौटे हैं। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी का कहना है कि अगले तीन सालों में अयोध्या का विकास देखकर आंखे चुधिया जाएंगी। 

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Ram Mandir Baba made Banaras rich, Ram Lala will enrich Ayodhya; Government will also earn thousand crores
ram mandir - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

अयोध्या की रौनक बढ़ गई है। हर रोज हजारों लोग रामलला नव निर्माणाधीन महल का दर्शन के इरादे से पहुंच रहे हैं। सुशील पांडे बताते हैं कि हाड़ कंपाती ठंड में भी सरयू नदी में डुबकी लगाने वालों की संख्या में कई गुणा की बढ़ोत्तरी हो चुकी है। पहले वह 150-200 रुपये रोज घर लेकर जाते हैं। इन दिनों 700-800 रुपये का औसत बन रहा है। गुप्तार घाट पर भुट्टा भूनकर बेचने वाली सरिता को भी 300-350 रुपये बच जाते हैं। अभी तो यह बानगी है। अनुमान है कि 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद से हर रोज मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम अपनी जन्मभूमि अयोध्या, वहां के कारोबारियों और सरकार को मोटी आमदनी कराने वाले हैं।
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दिल्ली के अधिकारियों की एक टीम अयोध्या से लौटकर आयी है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के अधिकारी भी अयोध्या से लौटे हैं। वरिष्ठ आईएएस अधिकारी का कहना है कि अगले तीन सालों में अयोध्या का विकास देखकर आंखे चुधिया जाएंगी। वह कहते हैं कि अभी अयोध्या में राम लला और उनके मंदिर के आस पास विकसित होने वाले संसाधन पर जितना खर्च हो रहा है, कुछ सालों में इसका कई गुणा जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) मिल जाने की संभावना है।
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बाबा विश्वनाथ बनारस को कर रहे हैं मालामाल
आयकर विभाग के आंकड़े पर जाएं तो 2022-23 में 81518 करदाताओं से 1770 करोड़ रूपये के करीब का जीएसटी संग्रह हुआ है। जबकि 2021-2022 में करदाता 69 हजार थे और जीएसटी का संग्रह भी 1468 करोड़ के करीब था। 2020-2021 में करीब 60 हजार व्यापारियों से 1127 करोड़ रुपये के करीब जीएसटी एकत्र हुई थी।
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दर्शनार्थियों की संख्या पर गौर करें तो दिसंबर 2020 में बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर का लोकार्पण हुआ था। दो साल के भीतर बनारस में बाबा का दर्शन करने वाले दर्शनार्थियों की संख्या में 13 करोड़ को पार कर गई है। बनारस में स्र्टट अप से प्रोफेशनल कैरियर को धार देने वाले अभय शंकर तिवारी कहते हैं कि देखते-देखते बनारस न केवल खूबसूरत हुआ है, बल्कि कारोबार, व्यापार, अवसर में भी बढ़ोत्तरी हुई है। टूर एंड ट्रैवल्स वाले बढ़े हैं। अस्पताल, होटल की जरूरत बढ़ी है और शहर की जमीनों के भाव में कई गुणा का उछाल आया है। संजय सिंह एक शिक्षण संस्थान के प्रबंधक हैं। वह कहते हैं कि बाबा विश्वनाथ कॉरिडोर के उद्घाटन को बनारस की अर्थव्यवस्था के उछाल में एक माइल स्टोन माना जा सकता है। हम कहते हैं कि यह अर्थ व्यवस्था अगले एक दो साल में 25000 करोड़ रुपये के कारोबार को छू सकती सकती है।

'जब हमारे गोलगप्पे खत्म हो जा रहे हैं तो दूसरे की क्या कहें?'
बनारस में गणेश चाट भंडार का ठेला लगाने वाले गणेश ने फोन पर बताया कि फर्क तो बहुत पड़ा है। बनारस में चाट मशहूर है। गणेश बताते हैं कि कोरोना के बाद से सैलानी भी बढ़े हैं और उनके चाट का धंधा भी। अब तो वह 2000 रुपये के करीब का गोलगप्पा बेंच लेते हैं। रोज उनका चाट शाम 8.30 बजे तक खत्म हो जाता है। जबकि पहले 9.30-10 बजे तक वह बाजार में रहते थे। गणेश कहते हैं कि अब सैलानी, दर्सनार्थी लोग काफी संख्या में आ रहे हैं। इसका असर केवल बनारस पर ही नहीं पड़ रहा है, बल्कि चंदौली, गाजीपुर, आजमगढ़, जौनपुर, भदोही और आस-पास के जिलों पर भी पड़ रहा है।

अयोध्या में रामपथ पर सुबह ही लंबी मौर्या की दुकान पर लगती है लाइन
रामपथ पर आगे बढ़िए दार्यी तरफ मौर्या की छोटी दुकान हैं। कुल्हड़ में दही में जलेबी को चम्मच से फेटकर ग्राहकों को देते हैं। इसके साथ समोसा चाट, जलेबी, दही, रबड़ी भी। सुबह की नाश्ता करने वालों की भीड़ लग जाती है। मौर्या कहते हैं कि 22 जनवरी को राम लला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है, लेकिन पिछले कुछ महीनों से मंदिर दर्शन के लिए आने वालों की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। लता मंगेशकर चौक पर महान गायिका के सम्मान में वीणा है। इस गोलचक्कर से चाहे सरयू की तरफ मुडिए या हनुमान गढ़ी की तरफ गाइड के रूप में तमाम लड़के आपको मिल जाएंगे। सब अयोध्या में मंदिर परिसर में घुमाने, दर्शन कराने का प्रस्ताव देंगे। यह सब अभी गैर प्रशिक्षित गाइड हैं। हिंदी भाषी। अयोध्या से लौटकर शास्त्री भवन में बैठने वाले संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी का कहना है कि मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद वहां इस तरह के कई गुणा शिक्षित गाइड की जरूरत पड़ेगी।


लखनऊ  से अयोध्या, गोरखपुर, बनारस....और खुलेंगे बड़े कारोबारी दरवाजे
आशीष गोयल उ.प्र. कॉडर के आईएएस अधिकारी हैं। कहते हैं कि अयोध्या से अभी तमाम जिलों को जोडऩे वाले हाई-वे तैयार हो रहे हैं। कुछ प्रस्ताव में हैं। कुछ का उन्नयन हो रहा है। चौड़ीकरण, विस्तारीकरण चल रहा है। आप बस कुछ साल इंतजार कीजिए। आशीष गोयल कहते हैं कि राज्य में विकास की रफ्तार दिखेगी। तमाम युवाओं, कारोबारियों, दुकानदारों को इसका लाभ मिलेगा। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए तमाम घरेलू स्तर पर संभावनाएं आने वाली हैं। आशीष कहते हैं कि जब लोगों की आवाजाही बढ़ती है तो इससे केवल बड़े होटल, कारोबार का ही फायदा नहीं होता, बल्कि इससे जमीन के निचले स्तर तक लोग लाभान्वित होते हैं। उ.प्र. शहरी विकास मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि इससे लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, बनारस समेत तमाम जिलों में बड़े पैमाने पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। सरकार के राजस्व में भी अच्छे पैमाने पर बढ़ोत्तरी होगी। इन सबको आप एक विकास के घरेलू मॉडल से जोड़ सकते हैं।
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