फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ram Mandir: auspicious yoga is made for pran pratishtha of Ramlala, these four days are very important

Ram Mandir: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए ऐसे बना है शुभ योग, बेहद अहम हैं ये चार दिन

Mon, 07 Aug 2023 01:42 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Mon, 07 Aug 2023 01:42 PM IST
विज्ञापन
सार
Ram Mandir: जिन तारीखों में अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है, वह प्रधानमंत्री मोदी की राशि के लिहाज से भी सर्व सिद्धि योग बना रहा है। वहीं रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए देश के अलग-अलग क्षेत्र के दस हजार ऋषि-मुनि राम मंदिर के जन्मभूमि परिसर में अभिषेक करेंगे...
loader
Ram Mandir: auspicious yoga is made for pran pratishtha of Ramlala, these four days are very important
Ram Mandir: PM Modi - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht

विस्तार

प्रधानमंत्री मोदी 21 जनवरी से लेकर 24 जनवरी के बीच में किसी भी एक दिन अयोध्या में बन रहे राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा करेंगे। वेदाचार्यों और ज्योतिषियों के मुताबिक 21 और 22 जनवरी सबसे महत्वपूर्ण तिथि मानी जा रही है। जबकि 23 और 24 जनवरी को भी नक्षत्रों के ग्रह योग का शुभ संयोग बन रहा है। दरअसल जिन तारीखों में अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है, वह प्रधानमंत्री मोदी की राशि के लिहाज से भी सर्व सिद्धि योग बना रहा है। वहीं रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए देश के अलग-अलग क्षेत्र के दस हजार ऋषि-मुनि राम मंदिर के जन्मभूमि परिसर में अभिषेक करेंगे। प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियों के लिहाज से तय हुआ है कि परिसर में न किसी तरह का कोई मंच बनाया जाएगा और न ही कोई बैठक का आयोजन होगा।

पीएम मोदी की राशि से मिल रहे सर्व सिद्ध योग

अखिल भारतीय सनातन ज्योतिषी संघ के मुखिया आचार्य प्रदीप तिवारी कहते हैं कि राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए जनवरी की जो चार तिथियां तय की गई हैं, वह सर्व सिद्धि योग के लिहाज से सबसे मुफीद हैं। आचार्य तिवारी कहते हैं कि इन चार तिथियों में सबसे महत्वपूर्ण तिथि 21 जनवरी की बन रही है। 21 जनवरी को रोहिणी नक्षत्र का शुक्ल योग है। वह कहते हैं कि इस नक्षत्र और योग में सूर्य का दिन रविवार पड़ रहा है, जो सर्वथा उत्तम माना जाता है। उनका कहना है कि इसी दिन भद्रा स्वर्ग में है। यानी शुभ कार्य के लिए यह सबसे सबसे पुण्य दिनों में से एक माना जाता है। वह कहते हैं कि 21 जनवरी को ही इन सर्व सिद्धि योग में मोदी की राशि वृश्चिक का भी होना महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा। उनके मुताबिक इस तिथि को सातवें भाव के उच्च के चंद्रमा मिलने से सर्वथा सिद्धि योग सबसे शुभ माना जा रहा है।

ज्योतिष के मुताबिक 22 जनवरी भी सर्वथा सिद्ध योग में शामिल है। आचार्य प्रदीप त्रिवेदी कहते हैं कि 22 जनवरी को मृगशिरा नक्षत्र होगा। जबकि ब्रह्म और इंद्र योग के साथ द्वादशी की तिथि भी सर्वथा अमृत योग बना रही है। उनके मुताबिक तिथि भी प्राण प्रतिष्ठा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जबकि 23 जनवरी को आद्रा नक्षत्र में वेद्रत योग बन रहा है, जो जया सिद्ध योग माना जाता है। यह तिथि भी प्राण प्रतिष्ठा के लिहाज से ऐसे ही योग और नक्षत्रों के चलते तय की गई है। जबकि 24 जनवरी को पुनर्वसु नक्षत्र है। आचार्य प्रदीप तिवारी कहते हैं कि 21 से 24 तारीख के बीच में निकाली गई तिथियों में 21 और 22 सर्व सिद्धि योग के साथ सबसे अहम तिथि बन रही है। हालांकि उनका कहना है कि 23 और 24 तारीख जनवरी को भी सर्वार्थ सिद्धि योग होने के चलते प्राण प्रतिष्ठा की जा सकती है।

न कोई मंच बनेगा और न कोई बैठक होगी

राम मंदिर में होने वाली प्राण प्रतिष्ठा को लेकर तैयारियां भी जोरों से चल रही है। राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े अनिल मिश्रा कहते हैं कि प्राण प्रतिष्ठा के दौरान न कोई परिसर में मंच सजाया जाएगा और न ही किसी तरीके की कोई बैठक की जाएगी। वह कहते हैं कि जन्मभूमि परिसर में दस हजार ऋृषि मुनियों को एक साथ अभिषेक में शामिल किया जा रहा है। प्राण प्रतिष्ठा से पहले यह ऋृषि मुनि अभिषेक शुरू करेंगे। इस दौरान देश के 136 सनातन परंपराओं वाले 25 हजार से ज्यादा धर्म गुरुओं को भी आमंत्रित किया गया है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed