फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Rakesh Asthana was delayed to get Rs 2 crore of bribe then Look Out Notice Sent

राकेश अस्थाना के खिलाफ शिकायत में हुए थे कई सनसनीखेज खुलासे, घूस के 2 करोड़ रुपए का भी जिक्र

Fri, 11 Jan 2019 04:51 PM IST
आसिम खान जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली 
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली  Published by: आसिम खान Updated Fri, 11 Jan 2019 04:51 PM IST
विज्ञापन
Rakesh Asthana was delayed to get Rs 2 crore of bribe then Look Out Notice Sent
राकेश अस्थाना

केंद्रीय जांच एजेंसी के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ तेलंगाना निवासी सतीश बाबू सना ने पिछले साल जो शिकायत दी थी, उसमें कई सनसनीखेज खुलासे हुए थे। निदेशक आलोक वर्मा को दी शिकायत में उन्होंने कहा था, 'मुझे और मेरे परिवार को झूठे केस में टॉर्चर न किया जाए’, केवल इस प्रताड़ना से बचने के लिए मैंने देश की सर्वश्रेष्ठ जांच एजेंसी के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को उनके आदमियों के हाथ कथित तौर से 2.95 करोड़ रुपए पहुंचा दिए थे। कुल पांच करोड़ रुपये की बात हुई थी। बाकी की राशि लगभग दो करोड़ रुपये देने में थोड़ी देरी हो गई। इसी बात पर अस्थाना नाराज हो गए और उन्होंने मेरे खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी करा दिया।  

विज्ञापन


इतनी बड़ी रकम लेने के बाद भी कोई लिहाज नहीं किया

अपनी शिकायत में सतीश बाबू ने लिखा है, हैरानी की बात यह रही कि कथित तौर से घूस की इतनी बड़ी रकम देने के बावजूद सीबीआई के स्पेशल निदेशक ने कोई लिहाज नहीं किया। मैं अपने बेटे का दाखिला कराने के लिए परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ फ्रांस जा रहा था। सब खुश थे हमारा बेटा पढ़ने के लिए बाहर जा रहा है। इससे पहले कि हम हवाईजहाज में सवार होते, हमें हैदराबाद एयरपोर्ट पर रोक लिया गया। मैंने डीएसपी देवेन्द्र से सम्पर्क किया। वे बोले, हमें बताए बिना विदेश क्यों जा रहे थे। वह मुझे संयुक्त निदेशक सीबीआई साई मनोहर के पास ले गए। बोले, मैं झूठ बोल रहा हूं। 
विज्ञापन


तीन अक्टूबर को मुझे फिर मुख्यालय बुलाया। इस बीच मैंने (दिराम) विदेशी मुद्रा के रूप में उन्हें 11 लाख रुपए दे दिए। इसके अलावा मनोज प्रसाद के आदमी पुनीत को भी 25 लाख दे दिए। सीबीआई वाले फिर दबाव बनाने लगे। जब देखा कि इनकी भूख बढ़ती जा रही है तो मैंने सीबीआई निदेशक को इनकी शिकायत दे दी। सीबीआई ने स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना, डीएसपी देवेन्द्र कुमार, सोमेश प्रसाद, मनोज प्रसाद और अन्य कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सीबीआई में चल रहा था उगाही का बड़ा खेल

शिकायतकर्ता सतीश बाबू सना के मुताबिक, सीबीआई के डीएसपी देवेन्द्र कुमार ने 9 अक्टूबर  2017 को मुझे पहला नोटिस भेजा। इसमें लिखा था कि मोईन अख्तर कुरैशी मामले में पूछताछ के लिए उसे 12 अक्टूबर को सीबीआई मुख्यालय आना है। मैं चला गया। कुरैशी के साथ क्या सम्बंध है, ऐसे कुछ सवाल पूछे। मुझे ऑडियो भी सुनाया गया। मैंने अपनी स्टेटमेंट दर्ज करा दी और शाम को घर चला गया। उन्हें बता दिया था कि मैं एक निवेशक हूं, मैने कोई गलत काम नहीं किया। आठ दिन बाद यानी 17 अक्टूबर को फिर डीएसपी ने नोटिस भेज दिया। 

मैं 23 अक्टूबर को पेश हुआ तो फिर वही पहले वाले सवाल। मैंने बता दिया कि कुरैशी की ग्रेट हाइट इंफ्रा कम्पनी में 50 लाख रुपए निवेश किए थे। आयकर विभाग में भी यह सब जानकारी है। 1 नवम्बर 2017 को फिर बुला लिया। वही सवाल और वही जवाब चलते रहे। हां, इस बार वहां पर सुकेश गुप्ता, शब्बीर अली और कुरैशी भी मौजूद थे। जांच अधिकारी देवेन्द्र कुमार बोला कि मैंने वेनपिक केस के पचास लाख दिए हैं। मैंने इस बात से इंकार कर दिया और लिखित में कहा कि मेरा इस केस से कोई लेना-देना नहीं है। फिर भी नोटिस आते रहे। 
 

अरे यह फोटो तो राकेश अस्थाना की है 

बतौर सतीश बाबू, दुबई में मेरी मुलाकात मनोज प्रसाद नाम के व्यक्ति से हुई। उसने सोमेश से मिलवाया। सोमेश ने सीबीआई के अफसर से फोन पर बात करा दी। मुझसे कहा, पांच करोड़ दे दो, नोटिस नहीं आएगा। 3 करोड़ एडवांस देने होंगे और बाकी चार्जशीट फाइल करते समय दे देना। पक्का क्लीन चिट मिल जाएगी। सोमेश ने अपने मोबाइल के व्हाट्सएप की डीपी की फोटो दिखाई। उसने बताया, ये राकेश अस्थाना हैं। फोटो वर्दी में थी। मैंने गूगल पर चेक किया तो वह फोटो स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना की थी। यह सोचकर कि ये लोग परिवार को भी परेशान करेंगे, मैंने सोमेश को एक करोड़ दे दिए। 

दिल्ली प्रेस क्लब की पार्किंग में पेमेंट की गई। सोमेश ने एक फोन भी सुनवाया, जिसमें सीबीआई का आला अफसर अपने मातहत अधिकारी को यह मामला निपटाने का आदेश दे रहा है। सोमेश का यह भी कहना था कि अस्थाना लंदन में मेरे घर पर ही ठहरते हैं। मैं उनका निवेश का काम धंधा भी सम्भालता हूं। अब तक 2.95 करोड़ दिए जा चुके थे। इसके बाद कुछ माह तक सब शांत रहा, लेकिन इस साल फिर से नोटिस आने लगे। फिर वही सवाल होने लगे। 

एक ही सवाल पूछने के लिए 13 बार सीबीआई मुख्यालय बुलाया

सीबीआई के डीएसपी देवेंद्र कुमार, जिसके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया था, ने मुझे 13 बार सीबीआई मुख्यालय बुलाया था। हर बार एक ही सवाल पूछा जाता कि बताओ मोईन अख्तर कुरैशी के साथ तुम्हारा क्या संबंध है। सतीश ने कई बार जवाब दिया कि वह एक निवेशक बैंकर है। उसने मोईन की कंपनी में पचास लाख रुपये निवेश किए हैं। पहली पेशी से लेकर आखिरी पेशी तक उसने यही जवाब मौखिक तौर पर और लिखित रुप से दिया, लेकिन केस का जांच अधिकारी देवेंद्र कुमार कुछ मानने को तैयार नहीं था। वह कहता था, जब तक ‘बॉस’ यानी अस्थाना इशारा नहीं करेंगे, तुम्हें राहत नहीं मिलेगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed