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राज्यसभा चुनाव : सुभाष चंद्रा और कार्तिकेय ने चुनाव को बनाया दिलचस्प, भाजपा ने दिया समर्थन

Wed, 01 Jun 2022 05:20 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Wed, 01 Jun 2022 05:20 AM IST
सार

राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मंगलवार को यह कहते हुए अपनी उम्मीदवारी वापस लेली कि कांग्रेस के कुछ नेता हिंदू से नफरत करते हैं। उन्होंने कहा, जब ये लोग हिंदू शब्द से नफरत करते हैं तो एक धर्म गुरु को राज्यसभा कैसे भेज सकते हैं। इसलिए अपनी उम्मीदवारी वापस लेता हूं।

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Rajya Sabha elections: Subhash Chandra and Karthikeya made the election interesting, BJP supported
राज्यसभा चुनाव 2022 - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

राज्यसभा चुनाव में सबकी निगाहें राजस्थान और हरियाणा पर हैं। दोनों राज्यों की छह सीटों के लिए आठ उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। मीडिया जगत के दिग्गज सुभाष चंद्रा और कांग्रेस में रहे विनोद शर्मा के बेटे कार्तिकेय के भाजपा के समर्थन से मैदान में उतरने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। 

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राजस्थान में नामांकन के अंतिम दिन सांसद सुभाष चंद्रा ने निर्दलीय नामांकन भरा तो हरियाणा में कार्तिकेय शर्मा ने निर्दलीय नामांकन किया। राजस्थान में चार सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। कांग्रेस ने यहां रणदीप सुरजेवाला, मुकुल वासनिक और प्रमोद तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा ने पहली सूची में घनश्याम तिवारी को उम्मीदवार बनाने के बाद नामांकन के अंतिम दिन तीसरी सीट के लिए सुभाष चंद्रा को समर्थन देने का एलान किया।
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यहां भाजपा के पास एक सीट जीतने के बाद 30 अतिरिक्त मत होंगे। जबकि कांग्रेस के पास दो सीट जीतने के बाद 27 अतिरिक्त मत होंगे। ऐसे में भाजपा को दूसरी सीट जीतने के लिए 11 अतिरिक्त मत  तो कांग्रेस को तीसरी सीट के लिए 14 अतिरिक्त मत की जरूरत है। राज्य में निर्दलीय 13, आरएलपी, बीटीपी के तीन-तीन, सीपीएम के दो और आरएलडी के एक विधायक हैं। इन अतिरिक्त विधायकों पर दोनों दलों की निगाहें टिकी हैं। राज्यसभा चुनाव 10 जून को होने हैं। 
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हरियाणा दोहराएगा इतिहास 

  • राज्य में दो सीटों पर चुनाव होने हैं। भाजपा ने यहां दूसरी सीट के लिए निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय को समर्थन दिया है। यहां एक सीट जीतने के लिए 31 मत की जरूरत है। भाजपा के पास 40 तो कांग्रेस के पास 31 विधायक हैं। ऐसे में भाजपा निर्दलीय कार्तिकेय को अतिरिक्त नौ मत उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा कार्तिकेय को जेजेपी के दस और सात निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थन का भरोसा है। 
  • पेन कांड दोहराने की संभावना : मीडिया क्षेत्र से जुड़े दो दिग्गजों के मैदान में उतरने के बाद दोनों राज्यों में छह साल पूर्व हरियाणा में हुए ‘पेन कांड’ की पुनरावृत्ति की संभावना बन रही हैं। 2016 के चुनाव में कांग्रेस-इनेलो समर्थित उम्मीदवार आनंद शर्मा को भाजपा समर्थित उम्मीदवार सुभाष चंद्रा से क्रॉस वोटिंग के कारण हार का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस के16 विधायकों ने बैंगनी स्याही वाले पेन की जगह नीला इस्तेमाल किया था।

सज गया मैदान

  • महाराष्ट्र में पीयूष गोयल, अनिल बोंडे के साथ धनंजय महाडिक ने भी भरा पर्चा : महाराष्ट्र में भी भाजपा ने धनंजय महाडिक को बतौर तीसरा उम्मीदवार उतारकर शिवसेना की टेंशन बढ़ा दी है। महाराष्ट्र से केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ अनिल बोंडे और धनंजय महाडिक ने भी नामांकन दाखिल कर दिया है। यहां छह सीटों पर चुनाव होना है और मैदान में सात उम्मीदवार हैं। शिवसेना ने पहले ही दो उम्मीदवार उतार मुकाबले को दिलचस्प बनाया था। भाजपा के तीसरे नेता की एंट्री ने सियासी तड़का लगाया है।
  • मध्यप्रदेश : भाजपा की सुमिता वाल्मीकि कविता पटीदार ने किया नामांकन : मध्य प्रदेश में भाजपा के दोनों नए चेहरों कविता पटीदार और सुमिता वाल्मीकि ने मंगलवार को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन किया। कविता प्रदेश उपाध्यक्ष तो सुमिता इंदौर जिला पंचायत अध्यक्ष हैं। यहां 11 सीटों में से भाजपा के पास आठ और कांग्रेस के पास तीन सीटें हैं।
  • छत्तीसगढ़ : कांग्रेस के राजीव शुक्ला रंजीत रंजन ने भरा पर्चा : कांग्रेस के राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ से राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया। यहां दो सीटों पर चुनाव होना है और भाजपा ने एक भी उम्मीदवार नहीं उतारा है।
  • ओडिशा : बीजद के चार सदस्यों ने दाखिल किया नामांकन : बीजू जनता दल के सुलाता देव, मानस रंजन मंगराज और सस्मित पात्रा ने 1 जुलाई को खाली हो रही राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन दाखिल किया वहीं निरंजन बिशि ने राज्यसभा उपचुनाव के लिए पर्चा भरा। तीन सीटों पर चुनाव 10 जून को होगा और उपचुनाव 13 को।
  • पंजाब : आप के सींचेवाल, विक्रमजीत साहनी की जीत लगभग तय  पंजाब में विख्यात पर्यावरण विद बलबीर सिंह सीचेवाल और उद्यमी व सामाजिक कार्यकर्ता विक्रमजीत सिंह साहनी ने मंगलवार को आप के टिकट पर नामांकन दाखिल किया। दोनों को पद्मश्री मिल चुका है। यहां दो सीटों पर ही चुनाव होना है और विधानसभा में प्रचंड बहुमत के चलते दोनों का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय है।

यूपी के आठ भाजपा उम्मीदवारों ने भरा पर्चा
उत्तर प्रदेश से भाजपा के आठ उम्मीदवारों ने मंगलवार को नामांकन दाखिल किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नामांकन दाखिल करने वालों में पार्टी के ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लक्ष्मण, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी के साथ मिथिलेश कुमार, राधा मोहन दास अग्रवाल, सुरेंद्र सिंह नागर, बाबूराम निषाद, दर्शन सिंह और संगीता यादव ने परचा भरा। 

कांग्रेस नेता का सवाल.. : जो मोहल्ले का चुनाव नहीं जीत सकते उन्हें दे दिया राज्यसभा का टिकट 
कांग्रेस अल्पसंख्यक सेल के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी को महाराष्ट्र से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाने के विरोध में महाराष्ट्र कांग्रेस महासचिव आशीष देशमुख ने पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं, अखिल भारतीय कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य विश्वबंधु राय ने प्रतापगढ़ी को उम्मीदवार बनाने पर सवाल उठाते हुए पूछा, उन्हें किन खूबियों के चलते राज्यसभा का टिकट दिया गया है। राय ने सोनिया को पत्र लिखकर नाराजगी भी जताई। उन्होंने कहा है कि जो मोहल्ले का चुनाव नहीं जीत सकते उन्हें राज्यसभा का टिकट दे दिया गया है।

कांग्रेस नेता हिंदू से करते हैं नफरत... कह आचार्य प्रमोद ने वापस लिया नाम
राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार आचार्य प्रमोद कृष्णम ने मंगलवार को यह कहते हुए अपनी उम्मीदवारी वापस लेली कि कांग्रेस के कुछ नेता हिंदू से नफरत करते हैं। उन्होंने कहा, जब ये लोग हिंदू शब्द से नफरत करते हैं तो एक धर्म गुरु को राज्यसभा कैसे भेज सकते हैं। इसलिए अपनी उम्मीदवारी वापस लेता हूं। स्पष्ट किया कि वह पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं, क्योंकि यह गांधी-नेहरू की पार्टी है। 



मनीष बोले- राज्यसभा को पार्किंग लॉट बना दिया
कांग्रेस में बाहरी उम्मीदवारों के चयन को लेकर जारी आक्रोश में मंगलवार को मनीष तिवारी भी शामिल हो गए। कहा, राज्यसभा को पार्किंग लॉट बना दिया गया है। राज्यसभा ने संविधान में निहित जिम्मदोरियों का निर्वहन करना तो दशकों पहले ही बंद कर दिया है। अब यह सिर्फ एक पार्किंग लॉट की भूमिका में है। जहां पार्टियां अपने नेताओं को बिना किसी तर्क के बिठाती हैं।

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