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Srijan Scam: गाजियाबाद से मुख्य आरोपी रजनी प्रिया को CBI ने पकड़ा, हजार करोड़ के घोटाले में छह साल से थी फरार

Fri, 11 Aug 2023 12:44 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Fri, 11 Aug 2023 12:44 AM IST
सार

विशेष सीबीआई जज ने प्रिया को भगोड़ा घोषित करते हुए उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। अधिकारियों ने कहा 2003 से 2014 के बीच रिकॉर्ड में हेराफेरी कर करीब 1,000 करोड़ रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप में एजेंसी ने 2017 के बाद से 24 मामले दर्ज किए हैं।

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Rajni Priya main accused of 1000 crore srijan scam arrested after six years from Sahibabad
handcuff

विस्तार

बिहार के बहुचर्चित सृजन घोटाले की मुख्य आरोपी रजनी प्रिया को केंद्रीय जांच ब्यूरो ने बृहस्पतिवार को दिल्ली से सटे साहिबाबाद से गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने बताया कि बिहार के एनजीओ सृजन महिला विकास सहयोग समिति (एसएमवीएसएस) की सचिव रजनी प्रिया 1,000 करोड़ रुपये के घोटाले में छह साल से फरार थी। सीबीआई प्रवक्ता ने कहा, गिरफ्तार आरोपी एनजीओ संस्थापक मनोरमा देवी की बहू और एनजीओ की सचिव है और जांच की शुरुआत से ही फरार थी। उसे अदालत ने भगोड़ा घोषित किया था।

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अधिकारियों के साथ रची साजिश
विशेष सीबीआई जज ने प्रिया को भगोड़ा घोषित करते हुए उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। अधिकारियों ने कहा 2003 से 2014 के बीच रिकॉर्ड में हेराफेरी कर करीब 1,000 करोड़ रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप में एजेंसी ने 2017 के बाद से 24 मामले दर्ज किए हैं। प्रवक्ता ने कहा, यह घोटाला बिहार के भागलपुर स्थित एनजीओ की संस्थापक मनोरमा देवी की मृत्यु के बाद सामने आया। बिहार सरकार की सिफारिश पर सीबीआई ने मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। यह आरोप लगाया गया था कि उक्त एनजीओ के अधिकारियों ने जाली दस्तावेजों का उपयोग कर एनजीओ के खातों में सरकारी धन को हस्तांतरित करने के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक और बैंक ऑफ इंडिया सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारियों के साथ साजिश रची थी। एजेंसी ने इस मामले में कई आरोप पत्र दायर किए हैं जिनमें भागलपुर के एक पूर्व जिला मजिस्ट्रेट सहित कई लोगों को आरोपी बनाया गया है।

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डीएम के जाली हस्ताक्षर कर हुई सरकारी धन की लूट
इस घोटाले में सरकारी पैसे को सृजन एनजीओ के खाते में हस्तांतरित कर बंदरबांट की गई थी। स्थानीय पुलिस की प्रारंभिक जांच से पता चला कि एनजीओ अधिकारियों ने बैंकों से चेकबुक खरीदे और सरकारी धन को अपने खाते में हस्तांतरित करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट के जाली हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि सरकारी अधिकारियों और एनजीओ के पदाधिकारियों के बीच रची गई साजिश के माध्यम से भागलपुर जिले में सरकारी खातों से 'समिति' के खातों में धन का अवैध हस्तांतरण और दुरुपयोग किया गया।

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