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किसानों को मनाने के लिए राजनाथ ने संभाली कमान, पद्मश्री प्राप्त कई किसानों से की बात
Thu, 08 Oct 2020 02:04 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 08 Oct 2020 02:04 AM IST
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rajnath singh
- फोटो : अमर उजाला
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तमाम कोशिशों के बाद भी नए कृषि कानून के विरोध को देखते हुए सरकार ने किसानों में मजबूत पकड़ रखने वाले रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को मोर्चे पर लगाया है। राजनाथ ने कृषिमंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ मिलकर पद्मश्री प्राप्त कई किसान और किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनका मंतव्य जानने की कोशिश की।
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बैठक में मंत्रियों ने स्पष्ट किया कि नए कृषि कानून से खेती के क्षेत्र में विकास की राह प्रशस्त होगी। मंडी में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद जारी है।
केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि लंबे समय से कृषि सुधारों की मांग हो रही थी। किसानों के हितों को देखते हुए मोदी सरकार ने यह कदम उठाया है, लेकिन अब राजनीतिक स्वार्थ के चलते कुछ राजनीतिक दल एजेंडे के तहत कृषि सुधारों का विरोध कर रहे हैं।
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बैठक में किसानों का प्रतिनिधित्व कर रहे इंडियन चैंबर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर के चेयरमैन एमजे खान ने कृषि सुधारों के सकारात्मक पहलुओं पर जोर दिया। बैठक में हरियाणा से पद्मश्री प्राप्त किसान कमल सिंह चौहान, सुल्तान सिंह, नरेंद्र सिंह तथा उत्तर प्रदेश से पद्मश्री प्राप्त राम सरन वर्मा और भारत भूषण त्यागी, राजस्थान से पद्मश्री जगदीश प्रसाद पारीक समेत अन्य किसान नेताओं ने हिस्सा लिया।
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बैठक में किसान नेताओं ने नए कानून को सुधारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया, लेकिन उन्होंने सरकार से मांग की कि वह अनिवार्य एमएसपी को सुनिश्चित कराएं। उनका कहना था कि क्योंकि यह खरीद निजी क्षेत्र को करना है ऐसे में सरकारी खजाने पर इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन किसान को उसकी फसल का न्यूनतम मूल्य मिलने में आसानी होगी।
खुले बाजार में बेचने की आजादी
- कृषि उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) बिल-2020 : इसके तहत किसानों को विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित मंडी से बाहर भी जहां भी उन्हें अपनी उपज की बेहतर कीमत मिले वहां बेचने की छूट होगी। फसल की बिक्री पर कोई टैक्स भी नहीं लगेगा। ऑनलाइन बिक्री की भी अनुमति होगी। इससे किसानों को अच्छे दाम मिलेंगे और उनकी आय बढ़ेगी।
करार करने वाली कंपनियां करेंगी नुकसान की भरपाई
- कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन एवं कृषि सेवा बिल-2020 : इसके तहत किसानों को करार पर खेती करने का मौका मिलेगा। फसल खराब होने पर उसके नुकसान की भरपाई किसानों को नहीं बल्कि करार करने वाले पक्ष या कंपनियों को करनी होगी। किसान कंपनियों को अपनी कीमत पर फसल बेचेंगे। इससे किसानों की आय बढे़गी और बिचौलिया राज खत्म होगा।
भंडारण की सीमा खत्म
- आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक-2020 : इसके तहत जरूरी खाद्य पदार्थों जैसे अनाज, दालें, आलू, प्याज और तिलहन आदि के भंडारण की सीमा खत्म कर दी गई है। सिर्फ राष्ट्रीय आपदा की स्थितियों में ही इनके भंडारण की सीमा तय की जाएगी।