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राजनाथ की पाकिस्तान को चेतावनी: 'देश जो चाहता है...वह जरूर होगा, हमला करने वालों को जवाब देना मेरी जिम्मेदारी'

Sun, 04 May 2025 07:11 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Sun, 04 May 2025 07:11 PM IST
सार

राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारे देश पर हमला करने की हिम्मत करने वालों को मुंहतोड़ जवाब देना मेरी जिम्मेदारी है। आप सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली और दृढ़ता को जानते हैं। 

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Rajnath Singh says give befitting reply to those who cast evil eye on India is my responsibility
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : पीटीआई

विस्तार

पहलगाम आतंकी हमले के कसूरवार पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं सशस्त्र बलों के साथ मिलकर काम करूं और भारत पर बुरी नजर रखने वालों को करारा जवाब दूं। साथ ही कहा कि देश जो चाहता है, वह जरूर होगा। उनकी यह टिप्पणी हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की पृष्ठभूमि में आई है।

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दिल्ली में सनातन संस्कृति जागरण महोत्सव में सिंह ने कहा कि लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं। उनकी कार्यशैली, दृढ़ संकल्प और जिस तरह से उन्होंने अपने जीवन में जोखिम उठाना सीखा है, उससे लोग भली-भांति परिचित हैं। मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जैसा आप चाहते हैं, वैसा होकर रहेगा। 
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'देश पर हमला करने की हिम्मत करने वालों को मुंहतोड़ जवाब देना मेरी जिम्मेदारी'
उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री के तौर पर मेरी जिम्मेदारी है कि मैं अपने सैनिकों के साथ मिलकर काम करूं और देश की सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करूं। मेरी जिम्मेदारी है कि मैं सशस्त्र बलों के साथ मिलकर उन लोगों को मुंहतोड़ जवाब दूं जो हमारे देश पर बुरी नजर रखते हैं। पहलगाम आतंकी हमले के अगले दिन एक कार्यक्रम में सिंह ने कहा था कि सरकार हर वह कदम उठाएगी जो जरूरी और उचित होगा। उन्होंने कहा था कि हम न केवल इस घटना को अंजाम देने वालों का पता लगाएंगे, बल्कि हम उन लोगों तक भी पहुंचेंगे, जिन्होंने पर्दे के पीछे बैठकर भारतीय धरती पर इस नापाक कृत्य को अंजाम देने की साजिश रची है।
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कार्यक्रम में सिंह ने ‘देश की आत्मा की रक्षा’ में संतों और आध्यात्मिक लोगों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि एक जवान रणभूमि में लड़ता है जबकि एक संत जीवनभूमि में लड़ता है। भारत की शक्ति केवल उसकी सशस्त्र सेनाओं में ही नहीं, बल्कि उसकी संस्कृति और आध्यात्मिकता में भी निहित है। उन्होंने कहा कि यह वह भूमि है जो अर्जुन जैसे योद्धा के लिए जानी जाती है, लेकिन इसने दुनिया को भगवान बुद्ध जैसा संत भी दिया है। यह एक ऐसा राष्ट्र है जहां तलवार को ध्यान (तपस्या) से शुद्ध किया जाता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य हासिल करने के लिए देश को हर तरह से मजबूत बनना होगा। उन्होंने कहा कि हम तभी सच्चे अर्थों में विकसित भारत बनेंगे जब हम आर्थिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से मजबूत बनेंगे।

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कल जापान के रक्षा मंत्री से मिलेंगे राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को दिल्ली में जापान के रक्षा मंत्री जनरल नाकातानी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। इस दौरान दोनों पक्ष वर्तमान क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा स्थिति पर चर्चा के अलावा द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर भी विमर्श करेंगे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार ये बैठक ऐसे समय हो रही है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। भारत और जापान के बीच दीर्घकालिक मित्रता है। रक्षा और सुरक्षा दोनों देशों के बीच संबंधों के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। हाल के वर्षों में भारत और जापान के बीच रक्षा आदान-प्रदान को बल मिला है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और स्थिरता के मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण से इसका महत्व बढ़ रहा है।

छह महीने में दूसरी मुलाकात होगी
राजनाथ सिंह और जनरल नाकातानी के बीच छह महीने में यह दूसरी मुलाकात होगी। पिछले साल नवंबर 2024 में लाओ पीडीआर में आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस के मौके पर राजनाथ सिंह और नाकातानी की पहली बातचीत हुई थी। पिछले साल हुई बातचीत में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रक्षा उद्योग और प्रौद्योगिकी सहयोग के महत्व को दोहराया था। उस बैठक में सिंह और जनरल नकातानी ने अपनी सेनाओं के बीच बेहतर अंतर-संचालन के लिए आपूर्ति और सेवा समझौते के पारस्परिक प्रावधान पर विचार-विमर्श किया था।


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