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Rajnath Singh: दुनिया में युद्ध के चलते उथल-पुथल, समान विचारधारा वाले देश शांति के लिए करें काम- रक्षा मंत्री
Fri, 10 Jan 2025 10:54 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 10 Jan 2025 10:54 PM IST
सार
Rajnath Singh: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को वर्तमान सुरक्षा माहौल के मद्देनजर वैश्विक समुदाय के बीच एकजुटता बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान माहौल कई संघर्षों और चुनौतियों के कारण अस्थिर स्थिति में है।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सीडीएस अनिल चौहान
- फोटो : PTI
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विस्तार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि दुनिया में युद्ध के चलते उथल-पुथल की स्थिति है। इसे देखते हुए समान विचारधारा वाले देशों को शांति के लिए मिलकर प्रयास करना चाहिए। विदेशी राजदूतों की गोलमेज बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक दक्षिण के लिए एक अग्रणी आवाज के रूप में उभर रहा है। यह एक बहु-संरेखित नीति दृष्टिकोण की वकालत करता है जो सुनिश्चित करता है कि समृद्धि की सामूहिक खोज में विविध विचारों पर विचार किया जाए।
उन्होंने कहा, आज के भू-राजनीतिक परिदृश्य में, समकालीन चुनौतियों का समाधान करते हुए, समान विचारधारा वाले देशों के बीच एकता को बढ़ावा देना पारस्परिक समृद्धि और शांति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने हमेशा 'वसुधैव कुटुम्बकम' (एक पृथ्वी, एक परिवार) के मूल सिद्धांत के आधार पर साझा समृद्धि और साझा जिम्मेदारी का समर्थन किया है।
10-14 फरवरी को बंगलूरू में 'एयरो इंडिया' एयरोस्पेस प्रदर्शनी
बैठक में राजनाथ सिंह ने अगले महीने भारत में होने वाली 'एयरो इंडिया' एयरोस्पेस प्रदर्शनी के बारे में भी चर्चा की। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की द्विवार्षिक एयरोस्पेस प्रदर्शनी 'एयरो इंडिया' 10-14 फरवरी तक बंगलूरू के बाहरी इलाके येलहंका में आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य देश को रक्षा विनिर्माण के केंद्र के रूप में पेश करना है। राजनाथ सिंह ने 'एयरो इंडिया' को एक ऐसा आयोजन बताया, जहां कई देश एक साथ आते हैं और सीमाओं से परे गठजोड़ बनाते हैं।
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रणनीतिक साझेदारी बनाने का मंच है एयरोस्पेस प्रदर्शनी
द्विवार्षिक आयोजन के पीछे के दृष्टिकोण पर विस्तार से बताते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि यह एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्रों के लिए अपने उत्पादों/प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित करने के लिए मिलन स्थल साबित होता है। उन्होंने इसे व्यापार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, संयुक्त विकास और सह-उत्पादन के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में रणनीतिक साझेदारी बनाने के लिए एक मंच के रूप में परिभाषित किया। बता दें कि इस आयोजन के पहले तीन दिन व्यावसायिक दिन होंगे, जबकि 13 और 14 फरवरी को सार्वजनिक दिन के रूप में निर्धारित किया गया है, ताकि लोग इस शो को देख सकें।
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उन्होंने कहा, आज के भू-राजनीतिक परिदृश्य में, समकालीन चुनौतियों का समाधान करते हुए, समान विचारधारा वाले देशों के बीच एकता को बढ़ावा देना पारस्परिक समृद्धि और शांति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने हमेशा 'वसुधैव कुटुम्बकम' (एक पृथ्वी, एक परिवार) के मूल सिद्धांत के आधार पर साझा समृद्धि और साझा जिम्मेदारी का समर्थन किया है।
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10-14 फरवरी को बंगलूरू में 'एयरो इंडिया' एयरोस्पेस प्रदर्शनी
बैठक में राजनाथ सिंह ने अगले महीने भारत में होने वाली 'एयरो इंडिया' एयरोस्पेस प्रदर्शनी के बारे में भी चर्चा की। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की द्विवार्षिक एयरोस्पेस प्रदर्शनी 'एयरो इंडिया' 10-14 फरवरी तक बंगलूरू के बाहरी इलाके येलहंका में आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य देश को रक्षा विनिर्माण के केंद्र के रूप में पेश करना है। राजनाथ सिंह ने 'एयरो इंडिया' को एक ऐसा आयोजन बताया, जहां कई देश एक साथ आते हैं और सीमाओं से परे गठजोड़ बनाते हैं।
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रणनीतिक साझेदारी बनाने का मंच है एयरोस्पेस प्रदर्शनी
द्विवार्षिक आयोजन के पीछे के दृष्टिकोण पर विस्तार से बताते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि यह एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्रों के लिए अपने उत्पादों/प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित करने के लिए मिलन स्थल साबित होता है। उन्होंने इसे व्यापार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, संयुक्त विकास और सह-उत्पादन के अवसरों को बढ़ाने की दिशा में रणनीतिक साझेदारी बनाने के लिए एक मंच के रूप में परिभाषित किया। बता दें कि इस आयोजन के पहले तीन दिन व्यावसायिक दिन होंगे, जबकि 13 और 14 फरवरी को सार्वजनिक दिन के रूप में निर्धारित किया गया है, ताकि लोग इस शो को देख सकें।