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राजीव गांधी हत्या कांड: एक महीने की पैरोल पर बाहर निकली नलिनी श्रीहरन, तमिलनाडु सरकार ने हाईकोर्ट को दी सूचना

Fri, 24 Dec 2021 08:29 AM IST
प्रशांत कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार झा Updated Fri, 24 Dec 2021 08:29 AM IST
सार

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड में दो दशकों से ज्यादा समय से जेल में सजा काट रही नलिनी श्रीहरन को तमिलनाडु सरकार ने एक महीने की पैरोल दी है। गुरुवार को प्रदेश सरकार ने हाई कोर्ट को इसकी जानकारी दी।

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Rajiv Gandhi assassination case Nalini Sriharan parole by the State Govt told Madras High Court
नलिनी श्रीहरन, राजीव गांधी हत्याकांड की दोषी - फोटो : ANI

विस्तार

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी हत्याकांड में दो दशकों से अधिक समय से उम्रकैद की सजा काट रही  नलिनी श्रीहरन को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। तमिलनाडु सरकार ने श्रीहरन की बीमार मां की याचिका पर एक महीने की पैरोल देने का फैसला किया है। प्रदेश सरकार ने गुरुवार को मद्रास उच्च न्यायालय को यह जानकारी दी है। तमिलनाडु सरकार ने पिछले साल फरवरी में मद्रास उच्च न्यायालय को सूचित किया था कि राज्य ने राज्यपाल को राजीव गांधी हत्याकांड के सभी सात दोषियों को रिहा करने की सिफारिश की थी। 

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नलिनी के अलावा मामले में 6 लोग दोषी ठहराए गए थे। दोषी लोगों में उनके पति मुरुगन, सुथिनथिरा राजा उर्फ संथान, एजी पेरारीवलन, रॉबर्ट पायस, जयकुमार और रविचंद्रन शामिल हैं। दोषियों में से चार- श्रीहरन, संथान, रॉबर्ट पायस और जयकुमार श्रीलंका के नागरिक हैं।
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आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं सभी दोषी 
नलिनी और एक अन्य दोषी को वेल्लोर में महिलाओं के स्पेशल सेल में रखा गया है। जेल में नलिनी ने एक बार खुदकुशी की भी कोशिश की थी, लेकिन उसकी साथी ने उसे यह करते हुए देख लिया था। उसने जेलर से इस बारे में शिकायत की थी।  टाडा अदालत ने 21 मई, 1991 को राजीव गांधी की हत्या में नलिनी और अन्य लोगों की भूमिका के लिए दोषी मानते हुए सभी को मौत की सजा सुनाई थी। हालांकि, बाद में इसे आजीवन कारावास बना में बदल दिया गया। 

 

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