फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Rajasthan: Top state BJP leaders join hands against Vasundhara Raje, demands party to declare the CM face before elections

राजस्थान: भाजपा खेमे में सीएम चेहरा घोषित करने की मांग ने पकड़ा जोर, राजे की घेराबंदी के लिए एकजुट हुए ये बड़े नेता!

Mon, 04 Apr 2022 06:51 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Mon, 04 Apr 2022 06:51 PM IST
विज्ञापन
सार
राजस्थान में भाजपा के तीन गुट सक्रिय हैं। इनमें एक गुट पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का है। दूसरा गुट केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत गुट का और तीसरा गुट प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया का। राज्य की राजनीति में आमतौर पर देखा जाता है कि तीनों गुट एक दूसरे पर जमकर हमला बोलते हैं...
loader
Rajasthan: Top state BJP leaders join hands against Vasundhara Raje, demands party to declare the CM face before elections
Vasundhara Raje - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

राजस्थान के विधानसभा चुनावों में भले ही अभी डेढ़ साल से ज्यादा का समय है लेकिन विपक्ष में बैठी भाजपा में अभी से घमासान मचना शुरू हो गया है। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की जयपुर से लेकर दिल्ली तक 'मीटिंग पॉलिटिक्स' ने विरोधी खेमे में हलचल मचा दी है। राजे के एकाएक सक्रिय होने और हाईकमान से मिलने के बाद राज्य में 2023 के चुनाव से पहले ही सीएम चेहरा घोषित करने की मांग ने जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। जिससे भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व पसोपेश में पड़ गया है।



राजस्थान में भाजपा के तीन गुट सक्रिय हैं। इनमें एक गुट पूर्व सीएम वसुंधरा राजे का है। दूसरा गुट केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत गुट का और तीसरा गुट प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया का। राज्य की राजनीति में आमतौर पर देखा जाता है कि तीनों गुट एक दूसरे पर जमकर हमला बोलते हैं। चाहे केंद्र सरकार का कोई कार्यक्रम हो या फिर प्रदेश भाजपा का कोई प्रदर्शन समय-समय तीनों की गुटबाजी और बयानबाजी खुलकर सामने आती रहती है। लेकिन एकाएक वसुंधरा राजे के सक्रिय होने के बाद राज्य के सियासी समीकरण फिलहाल बदले हुए नजर आ रहे हैं। शेखावत और पुनिया गुट चाहते हैं कि राजे को इन चुनावों में सीएम चेहरा घोषित नहीं किया जाए। जबकि राजे का दिल्ली में पार्टी हाईकमान से मिलना सीएम चेहरा घोषित करने के दबाव के तौर पर देखा जा रहा है।

इस तरह रेस में पीछे रह गईं वसुंधरा!

केंद्रीय मंत्री शेखावत ने प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया के साथ मिलकर राजे के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। दोनों नेताओं के साथ आने के बाद से ही राजे का सीएम की रेस में बने रहना मुश्किल भरा हो गया है। दोनों ही नेता राजे का नेतृत्व स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। गजेंद्र सिंह शेखावत ने सतीश पूनिया के प्रदेश अध्यक्ष बनने का विरोध किया था, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। दोनों नेता चाहते हैं कि वसुंधरा राजे राज्य की राजनीति का मोह छोड़कर केंद्र की राजनीति में सक्रिय रहें।

बढ़ती गुटबाजी से नाराज हैं नड्डा

पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने हाल ही में दिल्ली में पीएम मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी समेत भाजपा के सांसदों से मुलाकातें की थीं। इसके बाद से ही शेखावत और पुनिया गुट चिंतित हो गए। सियासी हालात को देखते हुए दोनों एक साथ आ गए। पूनिया राज्य में अपने संगठनात्मक दौरों के माध्यम से अपनी ताकत का अहसास करा रहे हैं। जबकि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी सक्रिय हो गए हैं। दोनों विरोधी गुटों के एक होने की खबर लगने के बाद वसुंधरा राजे ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के सवाई माधोपुर जिले में हुए एसटी मोर्चा के कार्यक्रम से दूरी बनाकर अपनी नाराजगी भी जाहिर कर दी है। पार्टी के सूत्रों का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश भाजपा में गुटबाजी से राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा बेहद खफा बताए जा रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed