Rajasthan election: चुनाव में इस्राइल-हमास की एंट्री, सीएम योगी बोले- कन्हैयालाल का मर्डर यूपी में होता तो...
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विस्तार
राजस्थान के विधानसभा चुनाव में इस्राइल-हमास युद्ध की भी एंट्री हो गई है। बाबा बालकनाथ के नामांकन के समय राजस्थान पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस्राइल किस तरह तालिबानी मानसिकता के लोगों निशाना बना-बना कर मार रहा है। उन्होंने कहा कि उसी तरह का कठोर जवाब देने के लिए राजस्थान में भी मजबूत सरकार होनी चाहिए। इस तरह का बयान देकर योगी आदित्यनाथ ने भाजपा के उसी एजेंडे को आगे बढ़ाया है, जिसमें पार्टी राजस्थान में सुरक्षा और राष्ट्रवाद को अपना प्रमुख चुनावी हथियार बनाने का फैसला लिया है।
कन्हैयालाल की हत्या यूपी में होती तो...
योगी आदित्यनाथ ने राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत सरकार धार्मिक आधार पर लोगों के बीच भेदभाव करती है। उन्होंने कहा कि कन्हैयालाल की हत्या हुई, तो उसके परिवार को केवल पांच लाख रुपये की मदद दी गई, जबकि गौहत्या के मामले में 20-25 लाख रुपये की मदद दी गई। उन्होंने जनता से सवाल पूछते हुए कहा कि आप सोच सकते हैं कि यदि कन्हैयालाल की हत्या उत्तर प्रदेश में हुई होती तो क्या होता? इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कन्हैयालाल की हत्या का मामला उठाया था।
इस्राइल और हमास भी
उन्होंने कहा कि इस समय गाजा में कैसे इस्राइल तालिबानी मानसिकता के लोगों को कुचल रहा है। सटीक तरीके से निशाना मार-मार कर कुचल रहा है। उन्होंने कहा कि तालिबानी सोच वालों का उपचार तो बजरंग बली की गदा ही है। योगी आदित्यनाथ के इस बयान से राजस्थान का चुनावी माहौल गरमा गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद राष्ट्रवाद का मुद्दा मजबूत हुआ है। योगी ने कांग्रेस पर कमजोर राष्ट्रवाद और अल्पसंख्यक समुदाय के तुष्टिकरण का आरोप लगाया।
बाबा बालकनाथ के प्रचार में पहुंचे
भाजपा ने राजस्थान के अलवर जिले की तिजारा विधानसभा सीट पर अपने सांसद बाबा बालकनाथ को उतारा है। बाबा बालकनाथ उसी संप्रदाय के संत हैं, जिस समुदाय से स्वयं योगी आदित्यनाथ आते हैं। यही कारण है कि बाबा बालकनाथ भी उसी अंदाज और तेवर में बात करते हैं, जिस अंदाज में योगी आदित्यनाथ बात करते हैं। उन्हें राजस्थान के 'योगी' के रूप में देखा जाता है।
बसपा ने जीती थी ये सीट
मुसलमानों की अच्छी-खासी संख्या वाली सीट तिजारा पर पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा उम्मीदवार संदीप कुमार ने जीत हासिल की थी। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार इमामुद्दीन अहमद खान को हराया था। इस बार इस सीट पर भाजपा के उम्मीदवार बाबा बालकनाथ का मुकाबला कांग्रेस के इसी उम्मीदवार से है। बाबा बालकनाथ का नाम बहुत बड़ा है, जो उन्हें चुनावी लाभ पहुंचा सकता है, लेकिन महत्त्वपूर्ण बात यह भी है कि तिजारा राजस्थान की उन चंद विधानसभा सीटों में शामिल है, जहां भाजपा को सबसे कम सफलता मिली है।
भाजपा ने तिजारा सीट पर केवल एक बार 2013 में सफलता पाई थी। उस चुनाव में भाजपा के ममन सिंह को जीत मिली थी। जबकि ज्यादातर मामलों में यह सीट कांग्रेस उम्मीदवारों के पास ही रही है। यही कारण है कि इस सीट पर भाजपा की लड़ाई कठिन मानी जा रही है।