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Exclusive: 'भाजपा 2000 के नोट की तरह, इसे सब बदलना चाहते हैं', पढ़ें राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष से खास बातचीत
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गोविंद सिंह डोटासरा
- फोटो :
Amar Ujala
विस्तार
राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का दावा है कि वहां कांग्रेस पार्टी के नेताओं के बीच में अब कोई झगड़ा नहीं है। मतभेद जरूर थे, जो सुलझ गए हैं। उनका कहना है कि भारतीय जनता पार्टी में कहीं ज्यादा अंदरूनी झगड़े हैं। वहां तो नौ नेता मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। कल प्रधानमंत्री मोदी अजमेर पहुंचे थे। किसी भी नेता का नाम तक नहीं लिया। इस तरीके की मारामारी है भाजपा में।
डोटासरा कहते हैं कि इस विधानसभा चुनाव में दोबारा कांग्रेस सरकार की वापसी हो रही है। हम सरकार बनाने जा रहे हैं। कांग्रेस ने राजस्थान की जनता के लिए जो वादे किए थे उससे ज्यादा करके दिखाया है और जमीन पर उतारा है। हमारे राज्य की योजनाएं देश के लिए नजीर हैं। अमर उजाला डॉट कॉम से गोविंद सिंह डोटासरा की खास बातचीत..
सवाल: चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं राजस्थान में। क्या लग रहा है, कहां खड़ी है कांग्रेस इस बार?
- हां, अब तो चुनाव होने हैं। मजबूती के साथ कांग्रेस मैदान में है। जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है और सबसे आगे है कांग्रेस।
सवाल: आपको लगता नहीं है कि राजस्थान में पूरे पांच साल तक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट में सियासी तकरार चलती रही। उसका चुनावी मैदान में बड़ा असर दिखेगा?
- कैसी तकरार, कोई तकरार नहीं थी। कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है। जरूरत पड़ने पर हर नेता अपनी आवाज बुलंद करता है। और कौन सी ऐसी पार्टी है जहां झगड़ा नहीं होता है। हमारी पार्टी में झगड़ा नहीं मतभेद था। जो सुलझा लिया गया है।
सवाल: मतलब आप मानकर चल रहे हैं कि दिल्ली में हुआ समझौता राजस्थान की जमीन पर राजनीतिक रूप से आपको लाभ पहुंचाने वाला है। अब सब नेता एकजुट हैं।
- देखिए, आप एक बात स्पष्ट जान लीजिए कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है। हम पूर्ण बहुमत के साथ सरकार में आ रहे हैं और जो नेता कांग्रेस में हैं, वह सब एकजुट हैं। इसलिए इस बात पर अब कोई चर्चा ही नहीं है कि विवाद क्या था।
सवाल: आपने जोर देकर कहा कि जो नेता कांग्रेस में हैं वह सब एकजुट हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी यही बात दोहरा चुके हैं। क्या कोई संशय है कि सचिन पायलट कांग्रेस में नहीं रहेंगे?
- अब आप इसको गलत अर्थों में लेकर जा रहे हैं। अशोक गहलोत और सचिन पायलट सभी कांग्रेस में ही तो हैं। इसलिए हमारी पार्टी मजबूत है और हम पूर्ण बहुमत की दावेदारी के साथ चुनावी मैदान में उतरे हैं।
सवाल: सचिन पायलट की पदयात्रा को तो आपने भी मॉर्निंग वॉक कहकर संबोधित किया था?
जवाब: नहीं, ऐसा मैंने कभी नहीं कहा था।
सवाल: कहा तो अभी भी यही जा रहा है कि दो नेताओं की लड़ाई में कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ सकता है। भाजपा तो इसको लेकर के आगे चल रही है।
- अब आप भाजपा की तो बात बिल्कुल ना करें। भाजपा में क्या मचा हुआ है इसको राजस्थान ही नहीं पूरा देश जानता है। भाजपा के राजस्थान में एक, दो नहीं नौ नेता मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। कहो तो नाम गिना दूं। आप कांग्रेस के झगड़े को देख रहे हो, जरा उनकी ओर भी तो नजर दौड़ा लो। खैर, मुझे दूसरी पार्टी से क्या लेना देना।
सवाल: भाजपा कह रही है कि हमारे यहां कोई विवाद नहीं है, फिर भी अगर आप की बात को मान लूं तो क्या भारतीय जनता पार्टी की लड़ाई में अब आप अपना फायदा देख रहे हैं। आप सरकार बनाने का दावा इसी दम पर कर रहे हैं।
- देखिए आपको भी राजस्थान में दोनों राजनीतिक पार्टियों की जमीनी हकीकत का अंदाजा तो होगा ही। आप एक लाइन में समझिए कि भारतीय जनता पार्टी दो हजार के नोट की तरह है। अब इसको लेना कोई नहीं चाहता है। बस हर व्यक्ति यही चाहता है कि किसी तरह इसको बदलवा दो। इसलिए हम उनकी लड़ाई में अपना फायदा नहीं देख रहे हैं, बल्कि हम अपने काम की बदौलत दोबारा सरकार में आने का दावा कर रहे हैं और ऐसा होगा भी।
सवाल: सुनने में आ रहा है कि इस बार राजस्थान में कांग्रेस बड़े स्तर पर अपने प्रत्याशी बदल देगी। सही है क्या?
- इस पर मैं कुछ नहीं कह सकता हूं। पार्टी के प्रत्याशी चयन की एक पूरी प्रक्रिया है। स्क्रीनिंग कमेटी समेत कई अन्य कमेटियां हैं। जो प्रत्याशियों का चयन करती हैं। इसलिए जब तक वह प्रक्रिया नहीं शुरू होगी, तब तक इस मामले में किसी भी सवाल का जवाब देना उचित नहीं है।
सवाल: चुनाव में किन मुद्दों के साथ आपकी पार्टी मैदान में उतर रही है?
- हमारी राजस्थान सरकार ने जो काम किए हैं, उनके आधार पर ही हम चुनावी मैदान में जनता के बीच जा रहे हैं। हमने जो जनता के लिए गारंटियां लागू की, जो सोशल सिक्योरिटी सिस्टम बनाया, अंग्रेजी मीडियम स्कूल खोले, मेडिकल कॉलेज तैयार किए, बिजली-सड़क-पानी समेत न जाने कितने काम हमारी सरकार ने जनता के लिए किए हैं। हम उनके आधार पर ही जनता के बीच पहुंच रहे हैं। आप को चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना के बारे में तो जानकारी होगी ही। कितनी बड़ी और सफल स्वास्थ्य की योजना है ये।
सवाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल अजमेर में थे। उनके बीते 8 महीनों में 6 से ज्यादा दौरे हो चुके हैं। सौ से ज्यादा विधानसभा क्षेत्र प्रधानमंत्री मोदी ने कवर कर लिए हैं। कांग्रेस इस तरीके का अभियान कब से शुरू करने वाली है?
- कांग्रेस पांच साल से जब से सरकार बनी है तब से लगातार लोगों के बीच में हैं। हमारे नेता लगातार जनता के बीच में ही रहते हैं। वैसे भी हमारे यहां चुनाव वन मैन शो की तरह नहीं होता है। सामूहिक जिम्मेदारी के साथ और सामूहिक सहभागिता के साथ ही चुनाव लड़ा जाता है। राजस्थान की जनता को पता है कि कांग्रेस के नेता उनके बीच में चुनाव में नहीं बल्कि पांच साल लगातार बने रहते हैं।