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राजस्थान: सीएम गहलोत की मांग- छोटे बच्चों का टीकाकरण भी जल्द शुरू हो, बूस्टर डोज का दायरा बढ़ाएं
Sat, 08 Jan 2022 01:05 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sat, 08 Jan 2022 01:05 PM IST
सार
यह साबित हो गया है कि कोविड से बचाव के लिए वैक्सीनेशन सबसे कारगर उपाय है। ऐसे में हर आयु वर्ग का वैक्सीनेशन होना बेहद जरूरी है। दुनिया के कई देशों में छोटे बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है। इसे देखते हुए केन्द्र सरकार भारत में भी छोटे बच्चों का वैक्सीनेशन जल्द प्रारंभ करे और बूस्टर डोज का दायरा बढ़ाए।
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राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खुद कोविड पॉजिटिव होने पर भी शनिवार को अपने निवास से राज्य के हालात की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि दो से 15 साल तक के बच्चों का भी कोरोना रोधी टीकाकरण जल्दी शुरू होना चाहिए। गहलोत ने अपने आवास से ही टीकाकरण और कोविड के हालात की वर्चुअल बैठक में समीक्षा की।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि यह साबित हो गया है कि कोविड से बचाव के लिए वैक्सीनेशन सबसे कारगर उपाय है। ऐसे में हर आयु वर्ग का वैक्सीनेशन होना बेहद जरूरी है। दुनिया के कई देशों में छोटे बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है। इसे देखते हुए केन्द्र सरकार भारत में भी छोटे बच्चों का वैक्सीनेशन जल्द प्रारंभ करे और बूस्टर डोज का दायरा बढ़ाए, क्योंकि हर आयु वर्ग में को-मोर्बिड रोगी पाए जाते हैं। गहलोत ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। देश में बच्चों की एक बड़ी आबादी है। उनका टीकाकरण आवश्यक रूप से होना चाहिए और उनके स्वास्थ्य की रक्षा हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
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गहलोत ने कहा कि विशेषज्ञों का मानना है कि एक निर्धारित समय के बाद वैक्सीन का असर कम होने लगता है तथा सभी आयु वर्ग में डायबिटीज, हाइपरटेंशन, बीपी, हार्ट से संबंधित सहरूग्णता (को-मोर्बिड) के रोगी पाए जाते हैं। ऐसे में केन्द्र सरकार हर वर्ग के लिए बूस्टर डोज की अनुमति प्रदान करे।
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राजस्थान में 18 साल से ज्यादा उम्र के 92 फीसदी को लगे टीके
वैक्सीनेशन के मामले में राजस्थान देश का आदर्श राज्य है। प्रदेश में अब तक 18 वर्ष से अधिक के 92 प्रतिशत से अधिक लोगों को वैक्सीन की पहली तथा करीब 78 प्रतिशत लोगों को दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। किशोर एवं किशोरियों का टीकाकरण भी पूरी मुस्तैदी से किया जा रहा है। मात्र 4 दिन में ही 15 से 18 वर्ष के 30 प्रतिशत से अधिक किशोर एवं किशोरियों को वैक्सीन लगा दी गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जो लोग जागरूकता के अभाव में अब तक वैक्सीनेशन से वंचित रह गए हैं, उनका वैक्सीनेशन कर शत-प्रतिशत टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करें। ओमिक्रॉन के दुष्प्रभावों को लेकर भी हमें सचेत रहने की आवश्यकता है।
किशोरों में टीकाकरण का उत्साह : मीणा
चिकित्सा मंत्री परसादीलाल मीणा ने कहा कि वैक्सीनेशन अभियान में सभी वर्गाें का सहयोग मिल रहा है। किशोर आयु वर्ग में पहली डोज लगाने का भरपूर उत्साह दिखाई दे रहा है। प्रदेश में सफल वैक्सीनेशन अभियान के कारण संक्रमण की तीसरी लहर में मृत्युदर को नियंत्रित करने में हम कामयाब रहे हैं।
कोरोना से बचाव में आयुष पद्धतियों का विशेष महत्व : गर्ग
आयुर्वेद राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग ने कहा कि कोविड से बचाव में आयुष पद्धतियों का विशेष महत्व है। इसे ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार की आयुर्वेदिक दवाओं का प्रदेशभर में वितरण सुनिश्चित किया गया है। साथ ही, सभी आयुर्वेदिक अस्पतालों को आवश्यकता होने पर स्थानीय स्तर पर ही 9 हजार 500 रूपये तक की दवाएं खरीदने के लिए अधिकृत किया गया है।
जागरूकता समितियों को पुन: सक्रिय करें : यादव
गृह राज्यमंत्री राजेन्द्र यादव कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मास्क पहनने तथा कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। इसके लिए उन्होंने ग्राम स्तरीय जागरूकता समितियों को पुनः सक्रिय करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस तहसील मुख्यालय तक फ्लैग मार्च करे।