राजस्थान विधानसभा चुनाव : अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे के बीच में बढ़ा मुकाबला
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मध्यप्रदेश और मिजोरम में चुनाव मतदान संपन्न होने के बाद अब राजस्थान और तेलंगाना को लेकर कांग्रेस और भाजपा की निगाहें टिक गई हैं। हालांकि भाजपा के लिए ये दोनों पिच कमजोर मानी जा रही हैं, लेकिन पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने चुनाव में बाजी मारने के लिए पूरा जोर लगा दिया है। बताते हैं राजस्थान में सत्ता में वापसी के लिए न केवल भाजपा बल्कि संघ ने भी पूरी ताकत झोंक दी है।
भाजपा को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री की जनसभाओं से राज्य में चुनाव की फिजा बदलेगी। भाजपा जहां राजस्थान में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के चेहरे पर भरोसा कर रही है, वहीं राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट की बजाय पार्टी का भरोसा पूर्व मुख्यमंत्री तथा पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत पर बढ़ता जा रहा है।
वसुंधरा बनाम अशोक गहलोत
जयपुर से हेमजीत मालू के अनुसार राज्य विधानसभा चुनाव पूरी तरह से वसुंधरा बनाम अशोक गहलोत का रूप लेता जा रहा है। मालू के अनुसार पिछले कुछ दिनों में वसुंधरा राजे का ग्राफ तेजी से चढ़ा है। बीकानेर के नरपत सिंह के अनुसार यह क्षेत्र भाजपा का गढ़ रहा है।
बताते हैं इस बार शुरू में हवा भाजपा के खिलाफ और कांग्रेस के पक्ष में थी। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी इसी क्षेत्र से आते हैं। लेकिन नरपत सिंह का कहना है कि राज्य में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रचार के लिए आने के बाद से भाजपा धीरे-धीरे लड़ाई में लौट रही है।
भाजपा नेताओं के अनुसार राज्य में पांच साल तक सरकार रहने के कारण राज्य में सरकार विरोधी लहर की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजस्थान में जबरदस्त क्रेज है। इसलिए पार्टी को प्रधानमंत्री की जनसभाओं से काफी उम्मीदें हैं।
गहलोत व पायलट पर भ्रम में राजस्थान की जनता
टीम वसुंधरा के करीबी सूत्र के अनुसार राज्य में कांग्रेस ने लड़ाई को पेचीदा बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। उसके राजस्थान के करीब-करीब सभी बड़े नेता चुनाव मैदान में हैं, लेकिन कांग्रेस ने मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया है। जनता सचिन पायलट या फिर अशोक गहलोत के भ्रम में है।
इस भ्रम का पूरे राजस्थान में भाजपा को फायदा मिलने की उम्मीद है। भाजपा के नेताओं का मानना है कि वसुंधरा के सामने सचिन पायलट का चेहरा कहीं नहीं ठहरता। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पूरे राज्य में हर क्षेत्र में और हर जाति में पकड़ रखते हैं।
नए नारे के साथ उतरेगी कांग्रेस
कांग्रेस ने राज्य में चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में पहुंचने के बाद पूरा जोर लगा दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की जनसभा की संख्या को बढ़ाने पर भी विचार हो रहा है। बताते हैं चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में कांग्रेस पूरे राज्य में एक साथ नए नारे के साथ उतरने की तैयारी कर रही है।
सोशल मीडिया को लेकर पार्टी ने सक्रियता बढ़ाई और केंद्रीय नेताओं को राजस्थान में लगातार समय देने के लिए कहा गया है। पार्टी की आईटी सेल के रोहन गुप्ता का कहना है कि कांग्रेस ने भाजपा की तरह ही पूरे राज्य में बूथ स्तर के प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया है। गुप्ता के अनुसार पार्टी गांव-गांव तक चुनाव प्रचार पर खासा ध्यान दे रही है।