फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Raj Thackeray wrote letter to Maharashtra govt demanding only Marathi and English should be taught in schools

Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार से राज ठाकरे की मांग, स्कूलों में सिर्फ मराठी और अंग्रेजी पढ़ाई जाए

Wed, 04 Jun 2025 06:47 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Wed, 04 Jun 2025 06:47 PM IST
सार

मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे को पत्र लिखकर स्कूलों में सिर्फ मराठी और अंग्रेजी पढ़ाए जाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इस आशय का आदेश जारी नहीं किया तो मनसे राज्य में विरोध प्रदर्शन करेगी।  

विज्ञापन
Raj Thackeray wrote letter to Maharashtra govt demanding only Marathi and English should be taught in schools
राज ठाकरे - फोटो : ANI

विस्तार

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने राज्य सरकार को एक पत्र लिखा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि राज्य शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में कक्षा एक से केवल दो भाषाएं- मराठी और अंग्रेजी पढ़ाई जाए। 

विज्ञापन


ठाकरे ने यह पत्र दो जून को स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे को लिखा, जिसे उन्होंने बुधवार को एक्स पर पोस्ट किया। ठाकरे ने चेतावनी दी कि अगर सरकार इस आशय का आदेश जारी नहीं करती है, तो उनकी पार्टी राज्य में विरोध प्रदर्शन करेगी।  राज ठाकरे ने यह सवाल भी उठाया कि सरकार ने पहले 1 से पांचवीं कक्षा तक हिंदी को तीसरी अनिवार्य भाषा क्यों बनाया था। उन्होंने पूछा, 'क्या सरकार पर कोई दबाव था?'
विज्ञापन


मनसे के विरोध के बीच सरकार ने आदेश पर लगाई थी रोक
गौरतलब है कि इस साल अप्रैल में महाराष्ट्र सरकार ने फैसला किया था कि राज्य के मराठी और अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए तीसरी भाषा के रूप में हिंदी अनिवार्य होगी। हालांकि, मनसे ने सरकार के इस फैसले की आलोचना की और कहा था कि उनकी पार्टी इस फैसले का पुरजोर विरोध करेगी। यह भी कहा कि मनसे यह सुनिश्चित करेगी कि इसे लागू न किया जाए। मनसे के कड़े विरोध के बीच, सरकार ने अपने आदेश पर रोक लगा दी। मंत्री भुसे ने घोषणा की कि इस संबंध में एक नया सरकारी प्रस्ताव (जीआर) जारी किया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Census: जनगणना की तारीखों का एलान, पहाड़ी राज्यों में अक्तूबर 2026 तो अन्य सभी जगह मार्च 2027 से होगी शुरुआत


हिंदी पढ़ाने को लेकर दो महीनों में रही भ्रम की स्थिति
मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने शिक्ष मंत्री भुसे को लिखे अपने पत्र में कहा कि राज्य में कक्षा 1 से हिंदी पढ़ाने को लेकर पिछले दो महीनों में काफी भ्रम की स्थिति रही है। शुरुआत में यह घोषणा की गई थी कि छात्रों को कक्षा 1 से तीन भाषाएं पढ़ाई जाएंगी और हिंदी को तीसरी अनिवार्य भाषा बनाया जाएगा। मनसे ने इसका विरोध किया और इस कदम का लोगों ने भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने बाद में घोषणा की कि हिंदी अनिवार्य तीसरी भाषा नहीं होगी।

ये भी पढ़ें: आरसीबी का सम्मान समारोह: चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भगदड़, तेजस्वी सूर्या बोले- जश्न को गम में न बदलें

सरकार ने अभी तक जारी नहीं किया लिखित आदेश
ठाकरे ने तीन-भाषा फॉर्मूले के पीछे के तर्क पर सवाल उठाया और पूछा कि आखिर छोटे बच्चों को तीन भाषाएं क्यों पढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार अब कह रही है कि हिंदी जरूरी नहीं होगी, लेकिन अभी तक यह निर्णय लिखित आदेश के रूप में क्यों नहीं जारी किया गया? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले के निर्णय के आधार पर हिंदी पाठ्यपुस्तकों की छपाई शुरू हो चुकी है। उन्होंने शिक्षा विभाग से अपील की कि वह जल्द से जल्द एक लिखित सरकारी आदेश जारी करे, जिसमें पुष्टि की जाए कि राज्य बोर्ड के स्कूलों में कक्षा एक से केवल मराठी और अंग्रेजी पढ़ाई जाएगी।

संबंधित वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed