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लाउडस्पीकर विवाद: राज ठाकरे के अल्टीमेटम पर अजीत पवार बोले- उन्हें इतनी अहमियत देना सही नहीं, समय आने पर हर जवाब दूंगा
Wed, 13 Apr 2022 11:25 AM IST
देव कश्यप
एएनआई, मुंबई।
एएनआई, मुंबई।
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 13 Apr 2022 11:25 AM IST
सार
राज ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार को तीन मई से पहले कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया था। ठाकरे ने चेतावनी दी थी कि, अगर शिवसेना के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने तीन मई से पहले मस्जिदों से लाउडस्पीकर नहीं हटाए तो मनसे कार्यकर्ता मस्जिदों के सामने हनुमान चालीसा बजाएंगे।
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मनसे प्रमुख राज ठाकरे।
- फोटो : ANI
विस्तार
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के मस्जिदों से लाडस्पीकर हटाने वाले अल्टीमेटम पर उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा है कि, राज ठाकरे को इतनी अहमियत न दी जाए। सही वक्त आने पर मैं इसका जवाब जरूर दूंगा, मेरे पास हर सवाल का जवाब है।
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दरअसल, ठाणे की एक रैली में राज ठाकरे ने अपनी मांग दोहराते हुए कहा था कि, मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाए जाने चाहिए। इसके लिए महाराष्ट्र सरकार को तीन मई से पहले कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया है। अगर राज्य सरकार ने तीन मई से पहले मस्जिदों से लाउडस्पीकर नहीं हटाए तो मनसे कार्यकर्ता मस्जिदों के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे।
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समान नागरिक संहिता की भी वकालत की
इस दौरान राज ठाकरे ने रैली में समान नागरिक संहिता की भी वकालत की थी और जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करने की जरूरत पर जोर दिया। ठाकरे ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस देश में समान नागरिक संहिता लागू करनी चाहिए।' उन्होंने कहा कि जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए एक कानून लाया जाना चाहिए।
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लाउडस्पीकर धार्मिक नहीं सामाजिक मुद्दा
ठाकरे ने इस मुद्दे को सामाजिक मुद्दा बताते हुए कहा कि वह इस विषय को लेकर पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने शिवसेना सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि "जो कुछ भी आप करना चाहते हैं, वह कर लें"। यह धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक मुद्दा है क्योंकि लाउडस्पीकर से सभी को परेशानी होती है।
हाल ही में महाराष्ट्र में गरमाए लाउडस्पीकर विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा था कि, राज्य सरकार अदालत के आदेश पर चर्चा करेगी और इस बारे में गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल से बात करेगी।
इससे पहले शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा था कि अजान के लिए डेसिबल स्तर बनाए रखने के लिए महाराष्ट्र के गृह मंत्री ने भी नोटिस दिया है। लेकिन जब राज ठाकरे ने राज्य सरकार से मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने के लिए और "मस्जिदों के सामने हनुमान चालीसा बजाने" की चेतावनी दी तो इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई।
राज ठाकरे ने कहा था, "मैं नमाज के खिलाफ नहीं हूं, आप अपने घर पर नमाज पढ़ सकते हैं, लेकिन सरकार को मस्जिदों से लाउडस्पीकरों को हटाने का फैसला लेना चाहिए। मैं अभी चेतावनी दे रहा हूं... लाउडस्पीकर हटाओ वरना मस्जिद के सामने लाउडस्पीकर लगाकर हनुमान चालीसा बजाएंगे।"
इसके अतिरिक्त, ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुंबई के मुस्लिम इलाकों में मस्जिदों पर छापा मारने की भी अपील की और कहा कि वहां रहने वाले लोग "पाकिस्तानी समर्थक" हैं।
गोवा में भी उठी मस्जिदों में लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध की मांग
गोवा स्थिति हिंदू जनजागृति समिति ने मंगलवार को मस्जिदों में लाउडस्पीकरों के अवैध उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की मांग का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा। संयोजक मनोज सोलंकी ने बताया कि उत्तरी गोवा के अतिरिक्त कलेक्टर ने गोवा उच्च न्यायालय के आदेश पर अजान के लिए लाउडस्पीकर के अवैध उपयोग पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए थे, लेकिन आदेश का असर नहीं दिख रहा था। सोलंकी ने बताया कि मार्च 2021 में वरुण प्रोलकर की याचिका पर संज्ञान लेकर हाईकोर्ट ने स्पीकर के अवैध उपयोग को बंद करने के लिए प्रशासन को कदम उठाने का आदेश दिया था।