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Indian Railway: LHB कोचों के 39 हजार पहियों के लिए चीनी फर्म को ऑर्डर, बुजुर्गों को किराए में नहीं मिलेगी छूट
Wed, 20 Jul 2022 07:33 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 20 Jul 2022 07:33 PM IST
सार
सरकार ने संसद को बताया कि रेलव ने चीनी निर्माता ताइयुआन से एलएचबी कोचों के लिए 39,000 पहियों की खरीद का ऑर्डर दिया है, जो यूक्रेन की एक फर्म की पेशकश की तुलना में एक प्रतिशत अधिक है।
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- फोटो : iStock
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विस्तार
रेल मंत्री ने बुधवार को लोकसभा में स्पष्ट शब्दों में कहा कि बुजुर्गों और खिलाड़ियों को रेल किराए में अब छूट नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी भी किराये की लागत का पचास प्रतिशत खर्च सरकार उठाती है। बुजुर्गों को मिलने वाली रियायत से वर्ष 2019-20 में 1667 करोड़ रुपये का खर्च उठाना पड़ा। वर्ष 2018-19 में 1636 करोड़ रुपये का खर्च उठाना पड़ा।
रेल मंत्री ने हालांकि यह भी बताया कि रेलवे ने दिव्यांगजनों की चार श्रेणियों, रोगियों और छात्रों की 11 श्रेणियों के किराए में छूट देना जारी रखा है।
कोरोना काल में कम हुई यात्रियों की संख्या
आंकड़ों के मुताबिक, 2019-2020, 2021-22 के दौरान आरक्षित वर्गों मं यात्रा करने वाले वरिष्ठ नागरिकों की संख्या क्रमश: 6.18 करोड़, 1.90 करोड़ और 5.55 करोड़ थी। बीते दो साल वरिष्ठ नागरिकों की श्रेणी के यात्रियों की संख्या में गिरावट संभवत: कोविड -19 की वजह से हुई है।
केटरिंग सेवा की दरों में बदलाव
बता दें कि इससे पहले रेलवे ने एक और सेवा में भी बदलाव किया था। रेलवे ने प्रीमियम ट्रेनों में केटरिंग सेवा को लेकर उसकी दरों में कुछ बदलाव किए थे। नए नियमों के मुताबिक, अब अघर आपने पहले से बुक नहीं कराया तो ट्रेनों में खाना महंगा होगा। आपको पचास रुपये अतिरिक्त सर्विस चार्ज चुकाने होंगे। हालांकि इस पर विवाद बढ़ने के बाद ट्रेनों में चाय को छूट मिल गई।
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एलएचबी कोचों के पहियों के लिए चीनी निर्माता को दिया ऑर्डर
सरकार ने संसद को बताया कि रेलव ने चीनी निर्माता ताइयुआन से एलएचबी कोचों के लिए 39,000 पहियों की खरीद का ऑर्डर दिया है, जो यूक्रेन की एक फर्म की पेशकश की तुलना में एक प्रतिशत अधिक है।
रेलमंत्री ने बताया कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के कारण वहां की फर्मों के साथ चल रहे अनुबंधों के तहत आपूर्ति प्रभावित हुई। इससे पहले एलएचबी कोचों के 30,000 पहियों के लिए यूक्रेन स्थित निर्माता मैसर्स केएलडब्ल्यू द्वारा स्वीकृति पत्र जारी किया गया था।
रेलमंत्री ने बताया कि एलएचबी कोचों के लिए पहियों के संकट से निपटने के लिए चीनी फर्म के साथ सौदा किया गया था। मंत्री ने कहा कि चीनी फर्म भारत सरकार की भूमि सीमा नीति के अनुसार, एलएचबी कोचों के लिए पहियों के लिए उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के साथ पंजीकृत है।
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रेल मंत्री ने हालांकि यह भी बताया कि रेलवे ने दिव्यांगजनों की चार श्रेणियों, रोगियों और छात्रों की 11 श्रेणियों के किराए में छूट देना जारी रखा है।
कोरोना काल में कम हुई यात्रियों की संख्या
आंकड़ों के मुताबिक, 2019-2020, 2021-22 के दौरान आरक्षित वर्गों मं यात्रा करने वाले वरिष्ठ नागरिकों की संख्या क्रमश: 6.18 करोड़, 1.90 करोड़ और 5.55 करोड़ थी। बीते दो साल वरिष्ठ नागरिकों की श्रेणी के यात्रियों की संख्या में गिरावट संभवत: कोविड -19 की वजह से हुई है।
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केटरिंग सेवा की दरों में बदलाव
बता दें कि इससे पहले रेलवे ने एक और सेवा में भी बदलाव किया था। रेलवे ने प्रीमियम ट्रेनों में केटरिंग सेवा को लेकर उसकी दरों में कुछ बदलाव किए थे। नए नियमों के मुताबिक, अब अघर आपने पहले से बुक नहीं कराया तो ट्रेनों में खाना महंगा होगा। आपको पचास रुपये अतिरिक्त सर्विस चार्ज चुकाने होंगे। हालांकि इस पर विवाद बढ़ने के बाद ट्रेनों में चाय को छूट मिल गई।
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एलएचबी कोचों के पहियों के लिए चीनी निर्माता को दिया ऑर्डर
सरकार ने संसद को बताया कि रेलव ने चीनी निर्माता ताइयुआन से एलएचबी कोचों के लिए 39,000 पहियों की खरीद का ऑर्डर दिया है, जो यूक्रेन की एक फर्म की पेशकश की तुलना में एक प्रतिशत अधिक है।
रेलमंत्री ने बताया कि रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के कारण वहां की फर्मों के साथ चल रहे अनुबंधों के तहत आपूर्ति प्रभावित हुई। इससे पहले एलएचबी कोचों के 30,000 पहियों के लिए यूक्रेन स्थित निर्माता मैसर्स केएलडब्ल्यू द्वारा स्वीकृति पत्र जारी किया गया था।
रेलमंत्री ने बताया कि एलएचबी कोचों के लिए पहियों के संकट से निपटने के लिए चीनी फर्म के साथ सौदा किया गया था। मंत्री ने कहा कि चीनी फर्म भारत सरकार की भूमि सीमा नीति के अनुसार, एलएचबी कोचों के लिए पहियों के लिए उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के साथ पंजीकृत है।