आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए सीमेंट कंपनियां अपना माल उतारें: रेलवे
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सीमेंट कंपनियों द्वारा माल नहीं उतारने पर रेलवे ने आपत्ति जताई है। रेलवे ने कहा है कि सीमेंट कंपनियां अपना माल जल्द से जल्द उतार लें ताकि इनका इस्तेमाल देश के विभिन्न हिस्सों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए किया जा सके।
जानकारी के अनुसार लगभग 300 मालगाड़ियां सीमेंट के कट्टों से लदी खड़ी हैं, लेकिन सीमेंट कंपनियों को अपना सामान उतारने की कोई जल्दी नहीं है क्योंकि कोरोना वायरस के चलते लागू किए गए लॉकडाउन के कारण निर्माण कार्य थम गया है।
अधिकारियों ने कहा कि क्योंकि रेलवे लॉकडाउन के चलते विलंब शुल्क और गोदी शुल्क में छूट दे रहा है, इसलिए कंपनियों को सामान न उतारने पर पैसे के नुकसान जैसी कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि डिब्बे सीमेंट से लदे खड़े हैं। देश में निर्माण कार्य थम जाने और मजदूर उपलब्ध न होने के कारण सीमेंट कंपनियों को माल उतारने की कोई जल्दी नहीं है।
अधिकारी ने कहा कि हमने सीमेंट कंपनियों कहा है कि यदि वे कुछ दिन में माल नहीं उतारतीं तो हम डिब्बों के प्रतीक्षा में खड़े रहने का शुल्क वसूल करेंगे। अधिकारियों ने कहा कि देशभर में आवश्यक वस्तुओं की भारी मांग के चलते यह आवश्यक है कि ये रेलगाड़ियां खाली हों, ताकि फल, सब्जी, अनाज, नमक और चीनी जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की जा सके।
सूत्रों ने कहा कि रेलवे इसी तरह की समस्या का सामना स्टील लदी मालगाड़ियों को लेकर भी कर रहा है क्योंकि माल उतारने के लिए मजदूर ही नहीं हैं।
रेलवे ने 2500 कोच आइसोलेशन वार्ड में बदले
कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए रेलवे ने 2500 कोचों को आइसोलेशन वार्ड में बदल दिया है। रेलवे ने कहा, इन कोचों को आइसोलेशन वार्ड में बदलने के बाद अब 40 हजार बिस्तर इस्तेमाल करने को तैयार हैं। प्रोटोटाइप को स्वीकृति मिलते ही जोनल रेलवे इन्हें आइसोलेशन वार्ड बनाने का काम शुरू किया गया।
भारतीय रेलवे प्रतिदिन औसतन करीब 375 कोचों को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील कर रहा है। ेदश में 133 जगहों पर यह काम जारी है। रेलवे की ओर से कहा गया, इन कोचों में चिकित्सीय परामर्श के अनुसार सभी चीजें उपलब्ध हैं। आवश्यकताओं और मानदंडों के अनुसार सर्वोत्तम संभव प्रवास और चिकित्सा पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे कहा कि इन पृथक वार्ड को स्वास्थ्य मंत्रालय आपात स्थिति में इस्तेमाल करने के लिए तैयार करा रहा है।