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शॉर्ट सर्किट: दिल्ली-देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस हादसे के बाद रेलवे कर्मचारियों की 'अग्नि परीक्षा'

Thu, 18 Mar 2021 03:16 PM IST
Harendra Chaudhary राहुल संपाल, अमर उजाला, नई दिल्ली
राहुल संपाल, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 18 Mar 2021 03:16 PM IST
सार

इस प्रोग्राम में पेंट्री कार में चलने वाले कर्मचारी और कॉन्ट्रैक्टर के कर्मचारियों को आग को फैलने से रोकने के तरीके सिखाए जाएंगे। फायर फाइटिंग उपकरण चलाने की भी ट्रेनिंग दी जाएगी...

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Railway will provide training to the employees to stop the major accident due to short circuit in the trains
ट्रेन में लगी आग - फोटो : अमर उजाला (फाइल)

विस्तार

रेलगाड़ी को बर्निंग ट्रेन बनने से बचाने के लिए रेलवे ट्रेनों की सुरक्षा को लेकर महत्वर्ण कदम उठाने जा रहा है। ट्रेनों में शॉर्ट सर्किट के कारण कोई बड़ा हादसा न हो इसके लिए सफर के दौरान ट्रेनों में तैनात कर्मचारियों को आग बुझाने के लिए ट्रेनिंग भी दी जाएगी। इसके अलावा रेलवे के कर्मचारियों द्वारा ट्रेनों में चैकिंग अभियान भी चलाया जाएगा कि कही कोई यात्री सफर के दौरान कोई ज्वलनशील पदार्थ या गैस सिलेंडर तो लेकर यात्रा तो नहीं कर रहा।

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रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर अमर उजाला से कहा, रेलवे मंत्रालय के कार्यकारी निदेशक सुरक्षा ने सभी जोन को निर्देश दिए हैं कि ट्रेन की पावर कार, पेंट्री कार की लगातार जांच पड़ताल होनी चाहिए कि वहां कोई तार तो नहीं लटक रहा है। या फिर कोई तार लूज तो नहीं है। इसके अलावा ट्रेनों के टॉयलेट की भी जांच करनी चाहिए कि वहां पर किसी भी तरह का गैप तो नहीं है। इंजन और जनरेटर कार में ऑयल, फ्यूल, कॉटन या कोई भी ज्वलनशील पदार्थ न हो, ये सुनिश्चित किया जाए।
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उन्होंने आगे बताया कि सभी को निर्देश दिया गया है कि ट्रेनों के कोच और शौचालयों में 'नो स्मोकिंग बोर्ड' ठीक से लगे होने चाहिए। इसके अलावा धुआं और आग की सूचना देने वाले उपकरण और अलार्म ठीक काम कर रहे हैं, इसकी भी नियमित जांच होनी चाहिए। वहीं ट्रेनों में आग की घटनाओं को रोकने के लिए 15 दिन का ट्रेनिंग प्रोग्राम कर्मचारियों के लिए शुरू किया जाएगा।
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इस प्रोग्राम में पेंट्री कार में चलने वाले कर्मचारी और कॉन्ट्रैक्टर के कर्मचारियों को आग को फैलने से रोकने के तरीके सिखाए जाएंगे। फायर फाइटिंग उपकरण चलाने की भी ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा सभी कर्मचारियों को ट्रेनिंग के दौरान यह भी सिखाया जाए कि इस तरह की घटना होने के बाद तत्काल क्या एक्शन लेना चाहिए और क्या सतर्कता बरतनी चाहिए।

इसके अलावा रेलवे के कर्मचारी चलती ट्रेन के दौरान यात्रियों के सामान की जांच भी करेंगे कि कहीं कोई पैसेंजर गैस सिलेंडर, पटाखे या अन्य कोई ज्वलनशील पदार्थ लेकर सफर तो नहीं कर रहा है। ट्रेनों में लगेज और पार्सल की लोडिंग के पहले जीआरपी और आरपीएफ के जवान भी जांच पड़ताल करेंगे। रेलवे मंत्रालय ने 10 अप्रैल तक सभी जोन से कर्मचारियों की ट्रेनिंग संबंधी रिपोर्ट की जानकारी मांगी है।


गौरतलब है कि दिल्ली-देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस की बोगी में 13 मार्च शनिवार को अचानक भीषण आग लग गई। हादसे में कोई भी यात्री हताहत नहीं हुआ था। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। ट्रेन में आग की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है।

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