पुरी रथ यात्रा: रेलवे का यात्रियों को खास तोहफा, 192 स्पेशल ट्रेनों के साथ इमरजेंसी ट्रेन सुविधा भी
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दुनिया भर में प्रसिद्ध पुरी रथयात्रा में शामिल होने के लिए हर साल लाखों की संख्या में देश-विदेश से यात्री आते हैं। इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों की आवाजाही रेलवे के लिए काम का बोझ बढ़ा देती है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए इस बार पहले ही तैयारी कर ली है। चार जुलाई को आयोजित होने वाली रथयात्रा में शामिल होने के लिए दूर दराज के इलाके के लोगों को दिक्कत न हो, इसके लिए रेलवे इस बार 192 स्पेशल ट्रेन संचालित करने जा रहा है।
यात्रियों की सुविधा के लिए केलवे 38 टिकट बुकिंग केंद्र भी शुरू करेगा। रेलवे स्टेशन पर पहले से बेहतर और ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन लगाई जाएंगी। इन सबके साथ रेलवे शहर में अस्थाई जानकारी केंद्रों की स्थापना करेगा और यात्रियों को निर्बाध टेलीफोन सेवा भी उपलब्ध कराएगी। इसके साथ ही इमरजेंसी ट्रेन सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी।
दुनिया भर में प्रसिद्ध है यह रथ यात्रा
भगवान विष्णु के अवतार भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ जगन्नाथ पुरी मंदिर में रथयात्रा आयोजित होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को रथयात्रा निकाली जाती है। यह रथयात्रा न केवल भारत में बल्कि दुनियाभर में प्रसिद्ध है। जगन्नाथ पुरी का मंदिर भारत के चार पवित्र धामों में आता है।
ऐसे निकलती है रथ यात्रा
रथयात्रा में बलभद्र का रथ 'तालध्वज' सबसे आगे रहता है। सुभद्रा का रथ 'दर्पदलन' या 'पद्म रथ' बीच में चलता है। सबसे अंत में भगवान जगन्नाथ का रथ 'नंदी घोष' या 'गरुड़ध्वज' सबसे अंत में रहता है। रथ यात्रा को पुरी कार फेस्टिवल के नाम से भी जाना जाता है।