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अगस्त से बदलेगा रेलवे का टिकट बुकिंग सिस्टम: वेटिंग और रिजर्वेशन पर भी होगा बदलाव, पुराने सिस्टम से कितना अलग?
Thu, 07 May 2026 10:05 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Thu, 07 May 2026 10:05 PM IST
सार
अगस्त से भारतीय रेलवे 40 साल पुराने टिकट बुकिंग सिस्टम को बदलकर नया आधुनिक सिस्टम लागू करेगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे सुचारू रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं। अब रेलवन एप और एआई तकनीक की मदद से वेटिंग टिकट कंफर्म होने का सटीक अनुमान 94% तक मिलेगा। सरकार यात्रियों को किराए में 43% तक की छूट दे रही है,
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विस्तार
भारतीय रेलवे अपने करोड़ों यात्रियों के लिए एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। सरकार ने एलान किया है कि अगस्त महीने से ट्रेनों को एक नए और आधुनिक 'पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम' पर शिफ्ट करने का काम शुरू हो जाएगा। रेल भवन में हुई एक अहम समीक्षा बैठक के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यह बदलाव इस तरह किया जाए कि यात्रियों को टिकट बुक करने में कोई परेशानी न हो। यह नया सिस्टम पुराने 40 साल पुराने ढांचे की जगह लेगा और इसे पूरी तरह से आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है ताकि यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।
पुराने सिस्टम से कितना अलग?
भारतीय रेलवे का मौजूदा टिकट बुकिंग सिस्टम साल 1986 में शुरू हुआ था। पिछले 40 वर्षों में इसमें छोटे-मोटे बदलाव तो हुए, लेकिन अब इसे पूरी तरह से बदलने का वक्त आ गया है। रेल मंत्रालय के मुताबिक बिंदुवार तरीके से समझिए।
मोबाइल एप यात्रियों की कैसे मदद कर रहा है?
पिछले साल जुलाई में लॉन्च हुए 'रेलवन' मोबाइल एप ने बहुत कम समय में बड़ी सफलता हासिल की है। इस एप को अब तक 3.5 करोड़ से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं। जानें क्या हैं इस एप की खासियत।
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एआई तकनीक से वेटिंग टिकट की भविष्यवाणी सटीक होगी?
रेलवे ने इस साल एक नई एआई आधारित तकनीक पेश की है जो यह बताती है कि आपका वेटिंग टिकट कंफर्म होगा या नहीं। इस तकनीक के आने से यात्रियों का भरोसा बढ़ा है। आइए इनके कारणों को समझते हैं।
टिकट पर कितनी छूट और सब्सिडी दे रही है?
भारतीय रेलवे को देश की जीवनरेखा माना जाता है और सरकार यात्रियों के सफर को सस्ता बनाए रखने के लिए भारी भरकम सब्सिडी दे रही है। आंकड़ों को बिंदुवार तरीके से जानते हैं।
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पुराने सिस्टम से कितना अलग?
भारतीय रेलवे का मौजूदा टिकट बुकिंग सिस्टम साल 1986 में शुरू हुआ था। पिछले 40 वर्षों में इसमें छोटे-मोटे बदलाव तो हुए, लेकिन अब इसे पूरी तरह से बदलने का वक्त आ गया है। रेल मंत्रालय के मुताबिक बिंदुवार तरीके से समझिए।
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- यह नया सिस्टम आधुनिक तकनीक पर आधारित है जिसकी क्षमता पहले से कहीं ज्यादा है।
- साल 2002 में इंटरनेट से टिकट बुकिंग शुरू होने के बाद से रेलवे ने डिजिटल दुनिया में लंबी छलांग लगाई है।
- आज के समय में रेलवे के लगभग 88 प्रतिशत टिकट ऑनलाइन बुक किए जाते हैं।
- इस नए सिस्टम को बढ़ते यात्रियों की भीड़ और मांग को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि वेबसाइट या एप हैंग न हो।
मोबाइल एप यात्रियों की कैसे मदद कर रहा है?
पिछले साल जुलाई में लॉन्च हुए 'रेलवन' मोबाइल एप ने बहुत कम समय में बड़ी सफलता हासिल की है। इस एप को अब तक 3.5 करोड़ से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं। जानें क्या हैं इस एप की खासियत।
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- इसमें टिकट बुकिंग, कैंसिल करना और रिफंड की सुविधा एक ही जगह मिलती है।
- यह एप ट्रेन की लाइव लोकेशन, प्लेटफॉर्म नंबर और कोच की जानकारी भी
- इस प्लेटफॉर्म के जरिए हर दिन करीब 9.29 लाख टिकट बुक किए जा रहे हैं, जिसमें रिजर्व और जनरल दोनों टिकट शामिल हैं। देता है।
- यात्री इसके जरिए 'रेल मदद' पर शिकायत कर सकते हैं और अपनी सीट पर खाना भी मंगवा सकते हैं।
एआई तकनीक से वेटिंग टिकट की भविष्यवाणी सटीक होगी?
रेलवे ने इस साल एक नई एआई आधारित तकनीक पेश की है जो यह बताती है कि आपका वेटिंग टिकट कंफर्म होगा या नहीं। इस तकनीक के आने से यात्रियों का भरोसा बढ़ा है। आइए इनके कारणों को समझते हैं।
- पहले वेटिंग टिकट कंफर्म होने का अनुमान केवल 53 प्रतिशत तक सही होता था।
- नई तकनीक और आधुनिक सिस्टम की मदद से अब यह भविष्यवाणी 94 प्रतिशत तक सटीक हो गई है।
- इससे यात्री पहले से ही बेहतर तरीके से अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं।
- यह सिस्टम पुराने आंकड़ों और सीटों की उपलब्धता का विश्लेषण करके एकदम सही जानकारी देता है।
टिकट पर कितनी छूट और सब्सिडी दे रही है?
भारतीय रेलवे को देश की जीवनरेखा माना जाता है और सरकार यात्रियों के सफर को सस्ता बनाए रखने के लिए भारी भरकम सब्सिडी दे रही है। आंकड़ों को बिंदुवार तरीके से जानते हैं।
- साल 2024-25 में सरकार ने यात्री किराए पर कुल 60,239 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी है।
- इसका मतलब है कि हर यात्री को उसके टिकट के दाम पर औसतन 43 प्रतिशत की छूट मिलती है।
- रेलवे का उद्देश्य मुनाफे से ज्यादा आम आदमी को सस्ती और सुलभ परिवहन सेवा देना है।
- नए सिस्टम के आने के बाद भी सरकार का ध्यान इस बात पर है कि गरीब से गरीब व्यक्ति भी आसानी से और कम कीमत पर रेल सफर कर सके।
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