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रेलवे का नियम बना मुसीबत: 25 प्रतिशत वेटिंग टिकट ने बढ़ाई मुश्किलें, कई ट्रेनें रिग्रेट; वेटिंग टिकट भी नहीं
सार
महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश या दक्षिण भारत से उत्तर भारत के प्रमुख शहरों को आने वाली ट्रेनों में यात्रियों को टिकट नहीं मिल पा रही हैं। यात्रियों को कन्फर्म टिकट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
वहीं पिछले महीने लागू हुआ रेलवे का एक नया नियम भी उसके लिए मुसीबत बन गया है।
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भारतीय रेल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गर्मी की छुट्टियां का सीजन खत्म हो चला है। दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार भी अभी दूर है,फिर भी कई राज्यों की तरफ जाने वाली ट्रेनें रिग्रेट चल रही है। इन ट्रेनों में वेटिंग टिकट भी नहीं मिल रहा है। इससे यात्री परेशान है। सबसे ज्यादा दिक्कत उत्तर भारत की तरफ जाने वाली ट्रेनों में नजर आ रही है। यदि आपको भी आने वाले आने वाले दिनों में महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश या दक्षिण भारत से उत्तर भारत के प्रमुख शहरों के लिए सफर करना है तो आपको वेटिंग टिकट भी नहीं मिलेगा। कंफर्म टिकट के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है।
दरअसल, रेलवे ने 16 जून 2025 से नया नियम लागू किया है, जिसके तहत एक ट्रेन में 25 प्रतिशत तक ही वेटिंग टिकट जारी किया जाएगा। इस नियम का सीधा असर यह हुआ है कि अधिकांश ट्रेनें रिग्रेट हो चुकी है। भारतीय रेलवे के नियम के अनुसार, रेलवे ने वेटिंग टिकटों की संख्या हर ट्रेन की क्लास में कुल उपलब्ध सीटों का 25 प्रतिशत तक सीमित कर दिया है। साथ ही न्यूनतम वेटिंग टिकट की संख्या भी तय की गई है, ताकि बहुत कम सीटों वाली ट्रेनों में भी कुछ वेटिंग टिकट बुक हो सकें। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी ट्रेन के थर्ड एसी कोच में 100 सीटें हैं, तो अब सिर्फ 25 वेटिंग टिकट ही अधिकतम बुक हो सकेंगे। इससे अधिक की अनुमति नहीं होगी।
दक्षिण भारत,गुजरात और महाराष्ट्र से राजस्थान जाने वाली ये ट्रेनें है रिग्रेट
— 12955 मुंबई-जयपुर
— 12216 गरीब रथ
— 14702 अरावली एक्सप्रेस
— 16587 बीकानेर एक्सप्रेस
— 14708 रणकपुर एक्सप्रेस
— 22915 बांद्रा हिसार सुपरफास्ट
— 20496 जोधपुर सुपरफास्ट
महाराष्ट्र,गुजरात और मध्यप्रदेश के रास्ते दिल्ली जाने वाली ये ट्रेनें है रिग्रेट
— 12471 स्वराज एक्सप्रेस
— 12903 गोल्डन टेंपल
— 12925 पश्चिम एक्सप्रेस
— 22451 बांद्रा चंडीगढ़ एक्सप्रेस
— 19019 बांद्रा हरिद्वार
— 22543 बांद्रा लालकुआं
— 12449 गोवा संपर्क क्रांति
रेलवे के इस नए नियम का असर लखनऊ से दिल्ली और मुंबई जाने वाली ट्रेनों पर भी दिखाई दे रहा हैं। यहां अभी अधिकांश ट्रेनों में रिग्रेट बताया जा रहा है। रिग्रेट का मतलब है कि उस ट्रेन के लिए उस खास क्लास में कोई सीट उपलब्ध नहीं है और वेटिंग लिस्ट या आरएसी का कोटा भी पूरा हो चुका है। इसका मतलब है कि आप उस ट्रेन में उस तारीख के लिए टिकट बुक नहीं कर सकते है।
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लखनऊ से दिल्ली जाने के लिए लखनऊ मेल, एसी एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों में एक दिन पहले या चार्ट के बनने के पहले तक वेटिंग टिकट मिल जाते थे, लेकिन अब आलम यह हो गया है कि इन ट्रेनों में सात-आठ दिन पहले से ही रिग्रेट आ गया है। आईआरसीटीसी के टिकट बुकिंग ऐप पर लखनऊ मेल में 5 जुलाई तक रिग्रेट है। सबसे ज्यादा खराब स्थित थर्ड एसी इकॉनमी और थर्ड एसी का है। ऐसा ही हाल सेकेंड एसी का भी है। मुंबई जैसे लंबी दूरी वाले शहरों की हालत और खराब दिख रही है। लखनऊ से या यहां से होकर मुंबई जाने वाली थर्ड एसी कोच में 10 से 30 जुलाई तक रिग्रेट हो गया है।
लखनऊ से दिल्ली जाने वाली ये ट्रेनें भी है रिग्रेट
— 12229 लखनऊ मेल
— 12225 कैफियत एक्सप्रेस
— 12555 गोरखधाम एक्सप्रेस
— 22419 सुहेलदेव सुपरफास्ट
— 12557 सप्तक्रांति एक्सप्रेस
— 14205 अयोध्या एक्सप्रेस
— 12391 श्रमजीवी एक्सप्रेस
— 12565 बिहार सप्तक्रांति एक्सप्रेस
— 12553 वैशाली एक्सप्रेस
— 12523 न्यू जलपाईगुड़ी नई दिल्ली एक्सप्रेस
ट्रेनों के रिग्रेट होने से यात्री परेशान है। इस संबंध में यात्रियों का कहना है कि रेलवे का नया नियम उन लोगों के लिए सजा बन गया है, जो मजबूरी में अंतिम समय पर यात्रा करते हैं। हाल ये है कि कई लोगों को तो अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी रही है। क्योंकि उनके पास टिकट बुकिंग का कोई विकल्प नहीं बचा। यात्रियों की मांग है कि ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता बढ़ानी चाहिए। अस्थायी कोच जोड़े जाएं। साथ ही नए नियम की समीक्षा करनी चाहिए, ताकि आम आदमी को परेशानी न हो।
इस मामले में रेलवे अधिकारियों का कहना है कि,रेलवे अधिकारियों ने बताया कि प्रतीक्षा सूची को नियंत्रित करने व बुकिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए यह नया नियम लागू किया है। इसके तहत रेलवे ने वेटिंग टिकटों की संख्या हर ट्रेन की क्लास में कुल उपलब्ध सीटों का 25 फीसदी तक सीमित कर दिया है। साथ ही न्यूनतम वेटिंग की संख्या भी तय कर दी है। ताकि बहुत कम सीटों वाली ट्रेनों में भी कुछ वेटिंग टिकट बुक हो सकें।
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दरअसल, रेलवे ने 16 जून 2025 से नया नियम लागू किया है, जिसके तहत एक ट्रेन में 25 प्रतिशत तक ही वेटिंग टिकट जारी किया जाएगा। इस नियम का सीधा असर यह हुआ है कि अधिकांश ट्रेनें रिग्रेट हो चुकी है। भारतीय रेलवे के नियम के अनुसार, रेलवे ने वेटिंग टिकटों की संख्या हर ट्रेन की क्लास में कुल उपलब्ध सीटों का 25 प्रतिशत तक सीमित कर दिया है। साथ ही न्यूनतम वेटिंग टिकट की संख्या भी तय की गई है, ताकि बहुत कम सीटों वाली ट्रेनों में भी कुछ वेटिंग टिकट बुक हो सकें। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी ट्रेन के थर्ड एसी कोच में 100 सीटें हैं, तो अब सिर्फ 25 वेटिंग टिकट ही अधिकतम बुक हो सकेंगे। इससे अधिक की अनुमति नहीं होगी।
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दक्षिण भारत,गुजरात और महाराष्ट्र से राजस्थान जाने वाली ये ट्रेनें है रिग्रेट
— 12955 मुंबई-जयपुर
— 12216 गरीब रथ
— 14702 अरावली एक्सप्रेस
— 16587 बीकानेर एक्सप्रेस
— 14708 रणकपुर एक्सप्रेस
— 22915 बांद्रा हिसार सुपरफास्ट
— 20496 जोधपुर सुपरफास्ट
महाराष्ट्र,गुजरात और मध्यप्रदेश के रास्ते दिल्ली जाने वाली ये ट्रेनें है रिग्रेट
— 12471 स्वराज एक्सप्रेस
— 12903 गोल्डन टेंपल
— 12925 पश्चिम एक्सप्रेस
— 22451 बांद्रा चंडीगढ़ एक्सप्रेस
— 19019 बांद्रा हरिद्वार
— 22543 बांद्रा लालकुआं
— 12449 गोवा संपर्क क्रांति
रेलवे के इस नए नियम का असर लखनऊ से दिल्ली और मुंबई जाने वाली ट्रेनों पर भी दिखाई दे रहा हैं। यहां अभी अधिकांश ट्रेनों में रिग्रेट बताया जा रहा है। रिग्रेट का मतलब है कि उस ट्रेन के लिए उस खास क्लास में कोई सीट उपलब्ध नहीं है और वेटिंग लिस्ट या आरएसी का कोटा भी पूरा हो चुका है। इसका मतलब है कि आप उस ट्रेन में उस तारीख के लिए टिकट बुक नहीं कर सकते है।
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लखनऊ से दिल्ली जाने के लिए लखनऊ मेल, एसी एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों में एक दिन पहले या चार्ट के बनने के पहले तक वेटिंग टिकट मिल जाते थे, लेकिन अब आलम यह हो गया है कि इन ट्रेनों में सात-आठ दिन पहले से ही रिग्रेट आ गया है। आईआरसीटीसी के टिकट बुकिंग ऐप पर लखनऊ मेल में 5 जुलाई तक रिग्रेट है। सबसे ज्यादा खराब स्थित थर्ड एसी इकॉनमी और थर्ड एसी का है। ऐसा ही हाल सेकेंड एसी का भी है। मुंबई जैसे लंबी दूरी वाले शहरों की हालत और खराब दिख रही है। लखनऊ से या यहां से होकर मुंबई जाने वाली थर्ड एसी कोच में 10 से 30 जुलाई तक रिग्रेट हो गया है।
लखनऊ से दिल्ली जाने वाली ये ट्रेनें भी है रिग्रेट
— 12229 लखनऊ मेल
— 12225 कैफियत एक्सप्रेस
— 12555 गोरखधाम एक्सप्रेस
— 22419 सुहेलदेव सुपरफास्ट
— 12557 सप्तक्रांति एक्सप्रेस
— 14205 अयोध्या एक्सप्रेस
— 12391 श्रमजीवी एक्सप्रेस
— 12565 बिहार सप्तक्रांति एक्सप्रेस
— 12553 वैशाली एक्सप्रेस
— 12523 न्यू जलपाईगुड़ी नई दिल्ली एक्सप्रेस
ट्रेनों के रिग्रेट होने से यात्री परेशान है। इस संबंध में यात्रियों का कहना है कि रेलवे का नया नियम उन लोगों के लिए सजा बन गया है, जो मजबूरी में अंतिम समय पर यात्रा करते हैं। हाल ये है कि कई लोगों को तो अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ी रही है। क्योंकि उनके पास टिकट बुकिंग का कोई विकल्प नहीं बचा। यात्रियों की मांग है कि ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता बढ़ानी चाहिए। अस्थायी कोच जोड़े जाएं। साथ ही नए नियम की समीक्षा करनी चाहिए, ताकि आम आदमी को परेशानी न हो।
इस मामले में रेलवे अधिकारियों का कहना है कि,रेलवे अधिकारियों ने बताया कि प्रतीक्षा सूची को नियंत्रित करने व बुकिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए यह नया नियम लागू किया है। इसके तहत रेलवे ने वेटिंग टिकटों की संख्या हर ट्रेन की क्लास में कुल उपलब्ध सीटों का 25 फीसदी तक सीमित कर दिया है। साथ ही न्यूनतम वेटिंग की संख्या भी तय कर दी है। ताकि बहुत कम सीटों वाली ट्रेनों में भी कुछ वेटिंग टिकट बुक हो सकें।