रेल मंत्री ने दिए संकेत- एयरलाइंस की तरह जल्द रेल टिकटों पर भी मिलेंगे लुभावने ऑफर
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रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को संकेत दिया कि फ्लेक्सी फेयर सिस्टम को पूरी तरह बदल जाएगा। उनकी टिप्पणी तब आई है, जब कुछ ही दिन पहले रेलवे बोर्ड ने 6 सदस्यों की कमेटी बनाकर उसे फ्लेक्सी फेयर सिस्टम की समीक्षा करने का जिम्मा सौंपा है।
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिन भर चले मंथन के बाद गोयल ने कहा, ‘एयरलाइंस और होटलों की तरह डाइनामिक प्राइसिंग का अध्ययन किया जा रहा है। अभी तक हम कहते रहे हैं कि कीमतें ज्यादा नहीं होनी चाहिए, लेकिन मैं एक कदम आगे जाना चाहता हूं। मैं उस संभावना को तलाश रहा हूं, जिसमें ट्रेन में सीटें खाली होने पर एयरलाइंस की तरह रेलवे टिकटों पर भी छूट दी जाए।’
गोयल ने कहा, हम अश्विनी लोहानी (रेलवे बोर्ड के चेयरमैन) के अनुभव का फायदा लेंगे। उन्होंने कहा, जैसे होटलों में डाइनैमिक प्राइसिंग है। पहले कीमतें कम होती हैं, इसके बाद कीमत बढ़ती है और अंत में जब कमरे खाली रहते हैं तो आप होटल बुकिंग या वेबसाइटों के जरिये छूट पाते हैं।
उन्होंने पूछा, फ्लेक्सी फेयर का मतलब सिर्फ टिकटों की कीमतें बढ़ाना ही क्यों समझा गया? रेल मंत्री ने कहा, जिस तरह एयरलाइंस और होटलों में ग्राहक को अंतिम समय में छूट मिलती है, कम भीड़ वाले मार्गों पर रेलवे को भी छूट देनी चाहिए।
यात्रियों को लाभ के रास्ते सुझाएगी कमेटी
सरकार की ओर से 11 दिसंबर को छह सदस्यों की कमेटी बनाई गई है। वह ऐसे रास्ते सुझाएगी जिनसे यात्रियों तक आकर्षक योजनाओं के जरिये लाभ पहुंचाया जाए।
रेलवे बोर्ड की ओर से कमेटी को यात्रा सीजन या उसके बाद, सप्ताह के दूसरे दिनों या सप्ताहांत अथवा त्योहारों के दौरान टिकटों की लचीली दरों के लिए फ्लेक्सी फेयर सिस्टम में संशोधन पर विचार करने को कहा गया है। कमेटी को अपनी रिपोर्ट 30 दिन में देनी होगी।
रेलवे में फ्लेक्सी फेयर सिस्टम सितंबर, 2016 में शुरू किया गया था। इसमें किराया सीटें भरने के साथ-साथ 50 फीसदी तक बढ़ जाता है।
ट्रेनों के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाएगा रेलवे
महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने ट्रेनों के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाने का फैसला किया है। रेलमंत्री पीयूष गोयल ने इसकी जानकारी देते हुए बताया, रेलवे ने 2018 को ‘मानव तस्करी निरोधक एवं महिला सुरक्षा वर्ष’ घोषित किया है।
उन्होंने कहा, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए हम दो क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। ट्रेनों में वाई-फाई कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा रही है।
इसके साथ ही सभी रेलवे स्टेशनों और लंबी दूरी की ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा, हमने 983 रेलवे स्टेशनों की पहचान की है, जहां सीसीटीवी लगाए जाने हैं। इसके लिए निर्भया कोष का इस्तेमाल किया जाएगा।