मुंबई में बारिश के चलते गिरा रेलवे फुट ओवरब्रिज गिरा, 5 जख्मी, पीयूष गोयल ने दिए जांच के आदेश
जुलाई की पहली बरसात में पश्चिम रेलवे के अंधेरी रेलवे स्टेशन के पास मंगलवार को एक ओवरब्रिज का कुछ हिस्सा भरभराकर गिर गया। इसकी चपेट में आने से पांच लोग जख्मी हो गए। इनमें दो की हालत गंभीर है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। गोयल ने कहा, '5 लोग घायल हुए हैं जिन्हें एडहॉक पर 1 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। उनके इलाज का खर्च भी सरकार उठाएगी।'
वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मुंबई के लोगों से सुरक्षित रहने की अपील की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'शहर में सड़कों पर बाढ़ आ गई है, लोग फंसे हुए हैं, पुल गिर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन फेल हो गया है। मैं मुंबई के लोगों के साथ हूं, आप सुरक्षित रहें।'
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक घटना सुबह करीब 7:30 बजे हुई। कहा जा रहा है कि फुट ओवरब्रिज में दरारे पड़ गई थी जिससे वह गिर गया। इस दौरान कोई ट्रेन ओवरब्रिज के नीचे से होकर नहीं गुजरी अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। ओवरब्रिज गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस के जवान और फायर ब्रिगेड कर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे। वहीं, एनडीआरएफ की टीम ने भी मोर्चा संभाल लिया। ब्रिज हादसे में पांच लोग घायल हुए जिनमें द्वारिका प्रसाद, हरीश कोहाटे, गिंधामनी सिंह और एक महिला अस्मिता कटक शामिल हैं। इन घायलों को कूपर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रवीन्द्र भापकर ने कहा कि ब्रिज गिरने से ओवरहेड इक्विपमेंट छतिग्रस्त हो गया है। इंजीनियरों का दल इसे ठीक करने में लगा है। इसके चलते जहां लंबी दूरी की मेल और एक्प्रेस ट्रेने रद्द कर दी गई वहीं, बांद्रा से लेकर गोरेगांव के बीच करीब आठ घंटे तक लोकल ट्रेन का परिचालन बाधित रहा। इस घटना के बाद मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरूपम ने रेलवे पर गुस्सा उतारा। उन्होंने कहा कि एल्फिस्टन ब्रिज हादसे से रेल प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया।
रेलवे और बीएमसी ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ा
अंधेरी ब्रिज हादसे के बाद मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) और रेलवे ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया और एक दूसरे ब्लेमगेम शुरु कर दिया है। बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त ने कहा कि पुल बीएमसी ने बनाया था लेकिन, इसके रखरखाव की जिम्मेदारी रेलवे की थी। वहीं, पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी रवीन्द्र भापकर ने कहा कि पुल बीएमसी ने बनाया था और मरम्मत की जिम्मेदारी भी बीएमसी की ही है।
मोटरमैन की सूझबूझ से बची सैकड़ों की जान, ब्रिज गिरने से पहले ही रोक दी गाड़ी
अंधेरी रेलवे स्टेशन के फूट ओवरब्रिज गिरने से बड़ा भयावह हादसा हो सकता था लेकिन, लोकल ट्रेन के चालक (मोटरमैन) ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सैकड़ों लोगों की जान बचा ली। यदि चालक चंद्रकांत सावंत ने इमरजेंसी ब्रेक नहीं लगाया होता तो ब्रिज का मलबा लोकल ट्रेन पर गिरता और फिर हाहाकार मच जाता।
मोटरमैन चंद्रकांत सावंत ने बताया कि अंधेरी से गाड़ी आगे बढ़ी तब मैने ब्रिज के हिस्से को लरकते हुए देखा। इसके बाद तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। ब्रेक लगते ही ब्रिज का हिस्सा भरभराकर गिर गया। उस वक्त लोकल ट्रेन की रफ्तार करीब 50 किमी प्रतिघंटे की थी। सतर्कता के चलते ब्रिज से 50-60 मीटर पहले ही गाड़ी रूक गई थी।
सावंत ने बताया कि ओवरब्रिज गिरने की सूचना उन्होंने तत्काल रेलवे अधिकारियों को दी। इसके बाद एक के पीछे एक लोकल ट्रेनें जो जहां थी वहीं रूक गई। मोटरमैन सावंत बोरिवली से 7 बजकर आठ बजे की ट्रेन लेकर चर्चगेट के लिए निकले थे। सावंत पिछले 27 साल से रेलवे में नौकरी कर रहे हैं। इसलिए उनका तजुर्बा काम आया और अपनी सूझबूझ से सैंकड़ों लोगों को किसी अनहोनी से बचा लिया।
गौरतलब है कि इससे पहले साल 2009 में मुंबई से सटे ठाणे रेलवे स्टेशन के पास कोपरी ओवरब्रिज लोकल ट्रेन पर गिरा था जिसमें मोटरमैन समेत दो लोगों की मौत हो गई थी। मोटरमैन पूरी तरह से ट्रेन में ही चिपक गया था जिसे बाहर निकालने में बड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी।