{"_id":"5b77d1dc42c7924674623e07","slug":"rahul-gandhi-urges-pm-narendra-modi-the-floods-of-kerala-should-be-declared-a-national-calamity","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से की अपील, केरल की बाढ़ राष्ट्रीय आपदा घोषित की जाए","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से की अपील, केरल की बाढ़ राष्ट्रीय आपदा घोषित की जाए
भाषा, नई दिल्ली
Updated Sat, 18 Aug 2018 01:29 PM IST
विज्ञापन
rahul gandhi
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शताब्दी के सबसे भीषण बाढ़ से जूझ रहे केरल में जान और माल का भारी नुकसान हुआ है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया है और शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इसे तत्काल राष्ट्रीय आपदा घोषित किए जाने की अपील की है।
गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'प्रिय प्रधानमंत्री, कृपया बिना देर किए केरल की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। हमारे करोड़ों लोगों का जीवन, जीविका और भविष्य दांव पर है।' इससे पहले गांधी ने शुक्रवार को केरल में कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का आह्वान किया था कि वे प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे बढ़ें।
केरल में बाढ़ की स्थिति को लेकर 16 अगस्त को राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की थी और राज्य के लिए विशेष वित्तीय सहायता का आग्रह किया था।
विज्ञापन
इसी बीच राज्य के विभन्न हिस्सों में शनिवार सुबह से बारिश शुरू हो गई है जिससे बचाव एवं राहत कार्य में रूकावट होने की चिंता पैदा हो गई है। चेंगन्नूर, चलाकुडी, त्रिशुर और एर्नाकुलम जिला का विभिन्न हिस्सा बाढ़ से बेहद प्रभावित है। इन इलाकों में बचाव कार्य पर ध्यान केंद्रित होने की संभावना है।
विज्ञापन
गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'प्रिय प्रधानमंत्री, कृपया बिना देर किए केरल की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। हमारे करोड़ों लोगों का जीवन, जीविका और भविष्य दांव पर है।' इससे पहले गांधी ने शुक्रवार को केरल में कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का आह्वान किया था कि वे प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे बढ़ें।
विज्ञापन
केरल में बाढ़ की स्थिति को लेकर 16 अगस्त को राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की थी और राज्य के लिए विशेष वित्तीय सहायता का आग्रह किया था।
विज्ञापन
इसी बीच राज्य के विभन्न हिस्सों में शनिवार सुबह से बारिश शुरू हो गई है जिससे बचाव एवं राहत कार्य में रूकावट होने की चिंता पैदा हो गई है। चेंगन्नूर, चलाकुडी, त्रिशुर और एर्नाकुलम जिला का विभिन्न हिस्सा बाढ़ से बेहद प्रभावित है। इन इलाकों में बचाव कार्य पर ध्यान केंद्रित होने की संभावना है।
पांच दिनों से लोग बिना भोजन-पानी के
kerala
मुख्यमंत्री ने कहा है कि पिछले चार दिन से फंसे कुछ दूरदराज के इलाकों में बाढ़ मे लोगों को बाहर निकालने का एक मात्र विकल्प हेलीकॉप्टर ही है। राज्य सरकार ने और अधिक हेलीकॉप्टर की मांग की है। चेंगन्नूर के विधायक साजी चेरियन ने कहा कि हजारों लोग खाने-पीने की चीजों के बिना घरों में फंसे हुए हैं और अगर इनकी जिंदगियों को बचाने के लिए तत्काल कदम नहीं उठाया गया तो इनकी जान को खतरा हो सकता है।
चेरियन ने शनिवार सुबह एक समाचार चैनल से कहा, 'पिछले पांच दिनों से कई स्थानों पर लोग बिना भोजन-पानी के हैं। हमें तत्काल खाद्य पदार्थ, दवाई, पानी की जरूरत है। लोगों को तत्काल एयरलिफ्ट करने की जरूरत है। सेना, नौसेना और वायु सेना की तरफ से तत्काल बचाव की जरूरत है।'
राज्य आपदा प्रबंधन के नियंत्रण कक्ष से मिली सूचना के मुताबिक आठ अगस्त से अब तक 194 लोगों की जानें जा चुकी है और 36 लोग लापता हैं। वहीं राज्य में 3.14 लाख लोग राहत शिविर में हैं।
मौजूदा मौसम की रिपोर्ट के मुताबिक तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलप्पुझा, पथानमथिट्टा, कोट्टयम, इडुक्की और एर्नाकुलम जिले में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ ही भारी बारिश की आशंका जताई गई है। राज्य में पिछले 100 साल में आए सबसे ज्यादा भयानक बाढ़ का सामना कर रहा है। यहां 80 बांधों को खोला गया है और सभी नदियों में बाढ़ जैसी स्थिति है।
चेरियन ने शनिवार सुबह एक समाचार चैनल से कहा, 'पिछले पांच दिनों से कई स्थानों पर लोग बिना भोजन-पानी के हैं। हमें तत्काल खाद्य पदार्थ, दवाई, पानी की जरूरत है। लोगों को तत्काल एयरलिफ्ट करने की जरूरत है। सेना, नौसेना और वायु सेना की तरफ से तत्काल बचाव की जरूरत है।'
राज्य आपदा प्रबंधन के नियंत्रण कक्ष से मिली सूचना के मुताबिक आठ अगस्त से अब तक 194 लोगों की जानें जा चुकी है और 36 लोग लापता हैं। वहीं राज्य में 3.14 लाख लोग राहत शिविर में हैं।
मौजूदा मौसम की रिपोर्ट के मुताबिक तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलप्पुझा, पथानमथिट्टा, कोट्टयम, इडुक्की और एर्नाकुलम जिले में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने के साथ ही भारी बारिश की आशंका जताई गई है। राज्य में पिछले 100 साल में आए सबसे ज्यादा भयानक बाढ़ का सामना कर रहा है। यहां 80 बांधों को खोला गया है और सभी नदियों में बाढ़ जैसी स्थिति है।