छात्रों की सहमति के बाद ही नीट-जेईई की परीक्षाओं के मुद्दे पर फैसला करे सरकारः राहुल गांधी
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को सरकार से कहा है कि नीट और जेईई की परीक्षा मामले में वह छात्रों से बात करें और सहमति मिलने के बाद ही कोरोना काल में परीक्षा करवाने का फैसला करे। उन्होंने कहा है कि सरकार को सभी पक्षों से बातचीत कर सहमति बनाते हुए कोई समाधान निकालना चाहिए।
Congress leader Rahul Gandhi urges govt to hold conversation with students over issue of conducting #NEET and #JEE amid #COVID19 pandemic and take decision after arriving at a consensus
— Press Trust of India (@PTI_News) August 28, 2020
कोरोना संकट से निपटने में अक्षम रहने का आरोप
इतना ही नहीं राहुल ने सरकार पर कोरोना संकट से निपटने में अक्षम रहने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार को अपना फैसला थोपना नहीं चाहिए। कांग्रेस के 'स्पीक अप फॉर स्टूडेंट सेफ्टी' अभियान के तहत राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी कर कहा, 'प्रिय छात्रों, आप इस देश का भविष्य हैं और आप लोग ही भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। हर व्यक्ति समझता है कि पिछले तीन-चार महीनों में क्या हुआ। हर कोई समझता है कि कोविड संकट से सही ढंग से निपटा नहीं गया। आर्थिक तबाही हुई, लोगों को दर्द हुआ है।'
NEET-JEE aspirants’ safety should not compromised due to the failures of the Govt.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 28, 2020
Govt must listen to all stakeholders and arrive at a consensus.#SpeakUpForStudentSafety pic.twitter.com/Y1CwfMhtHf
सरकार को सहमति बनानी चाहिए-राहुल
कांग्रेस नेता ने कहा, 'मैं नहीं समझता कि लोगों को आगे और तकलीफ क्यों दी जाए? मैं नहीं समझता कि आपने क्या गलत किया है? स्पष्ट तौर पर देख सकता हूं कि सरकार अक्षम रही है। सरकार को क्यों आप पर कुछ थोपना चाहिए? सरकार को आपको सुनना चाहिए।' उन्होंने इस बात पर जोर दिया, 'कोई भी निर्णय सभी से बातचीत के बाद लिया जाना चाहिए। सरकार को सहमति बनानी चाहिए।'
आप पहले ही पर्याप्त तबाही कर चुके हैं-राहुल
राहुल गांधी ने कहा, 'भारत सरकार से मेरा कहना है कि आप पहले ही पर्याप्त तबाही कर चुके हैं। आपने छात्रों को आहत किया है। आप देश के छात्रों को सुनिए और फिर शांतिपूर्वक समाधान निकालिए।' गौरतलब है कि जेईई (मेन) परीक्षा एक से छह सितंबर के बीच होगी, जबकि नीट परीक्षा 13 सितंबर को आयोजित कराने का कार्यक्रम है।
छात्रों की आवाज सुनी जाए और राजनीति से ऊपर उठकर फैसला किया जाए-प्रियंका
वहीं, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी सरकार से आग्रह किया कि छात्रों की आवाज सुनी जाए और राजनीति से ऊपर उठकर फैसला किया जाए। प्रियंका ने कहा, 'कोरोना के बढ़ते संक्रमण के माहौल में जेईई-नीट परीक्षा देने जाने वाले छात्र-छात्राओं व उनके अभिवावकों की बात सुनना जरूरी है। ये बच्चे देश का भविष्य हैं। छात्र-छात्राओं की चिंताओं को संवेदना से देखना होगा न कि हठ और राजनीतिक दृष्टि से।' उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि छात्रों की आवाज अनसुनी नहीं की जाए और राजनीति से इतर फैसला किया जाए।