राहुल गांधी ने किया पीएम मोदी के वीवीआईपी चॉपर पर सवाल, 'किसके आए अच्छे दिन'
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कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा पर तनाव का मुद्दा उठाया। गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीवीआईपी चॉपर और भयंकर ठंड में भी अपने काम को अंजाम दे रहे सैनिकों की स्थिति की तुलना करते हुए सवाल किया कि अच्छे दिन किसे मिले।
राहुल गांधी ने ट्विटर पर एक न्यूज रिपोर्ट को शेयर करते हुए यह सवाल उठाया। उन्होंने लिखा, 'देश के जवान भयंकर सर्दी में साधारण टेंट में गुजारा करते हुए भी चीन के आक्रमण का डटकर मुकाबला करते हैं। जबकि देश के पीएम 8400 करोड़ के हवाई जहाज में घूमते हैं और चीन का नाम तक लेने से डरते हैं। किसे मिले अच्छे दिन?'
बता दें कि कुछ दिन पहले ही वीवीआईपी विमान 'एयर इंडिया वन' अमेरिका से दिल्ली पहुंचा है। इसका इस्तेमाल राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री करेंगे। ये अत्याधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम से लैस है जो हवा में ऑडियो-वीडियो कम्युनिकेशन करने में सक्षम है। रिपोर्ट्स के अनुसार ऐसे दो विमानों की लागत करीब 8400 करोड़ रुपये आई है।
इस समाचार को गलत ठहरा चुका है पीआईबी
राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में जिस समाचार रिपोर्ट को साझा किया है, उसमें कहा गया है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) भारतीय क्षेत्र में और आगे बढ़ आई है। यह समाचार लद्दाख का प्रतिनिधित्व करने वाले भाजपा के पूर्व सांसद थुप्सतान छेवांग के हवाले से लिखा गया था।
हालांकि, प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) ने इस समाचार रिपोर्ट को गलत करार दिया है। पीआईबी के ट्विटर हैंडल पीआईबी फैक्ट चेक से इस संबंध में एक ट्वीट किया गया था। इसमें कहा गया था कि यह समाचार रिपोर्ट फर्जी है और भारतीय सेना ने इसका पूरी तरह से खंडन किया है।
.@the_hindu citing a claim, has published that Chinese troops have further transgressed into Indian territory and occupied positions in Finger 2 and 3 of the north bank of #PangongTso Lake.#PIBFactCheck: It is a #Fake news. @adgpi has refuted this statement. pic.twitter.com/PvNjUQRCt4
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) October 30, 2020
बता दें कि भारत और चीन के बीच चल रहे तनाव को देखते हुए इस साल सर्दी के महीनों में भीषण ठंड वाले पर्वतीय इलाकों में 50 हजार से ज्यादा सैनिकों के तैनात करने की उम्मीद है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में वादा किया था कि सैनिकों को रहने के लिए उचित व्यवस्था और कपड़े मुहैया कराए जाएंगे।