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लखीमपुर खीरी हिंसा: राहुल गांधी को यकीन- गृह राज्यमंत्री को जाना पड़ेगा जेल, भाजपा को बैकफुट पर लाने का मिला मंत्र

Tue, 21 Dec 2021 07:15 PM IST
सुरेंद्र जोशी जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली 
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली  Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 21 Dec 2021 07:15 PM IST
सार

यूपी चुनाव में भाजपा को बैकफुट पर लाने का एक बड़ा मंत्र है लखीमपुर खीरी। उससे लगे हुए कई इलाकों में बड़े स्तर पर विपक्ष इस मुद्दे को उठाने की तैयारी कर रहा है।

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Rahul Gandhi sure: Minister of State for Home Teni will go to jail, Congress has got the mantra to bring BJP on back foot
राहुल गांधी - फोटो : पीटीआई

विस्तार

कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पक्का यकीन है कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा 'टेनी' को कुर्सी छोड़नी पड़ेगी। लखीमपुर खीरी में हुई किसानों की मौत के मामले में टेनी का बेटा आशीष मिश्रा मुख्य आरोपी है। पिछले दिनों एसआईटी ने लखीमपुर खीरी कांड को लेकर एक बड़ा खुलासा किया था। उससे साफ हो गया कि वह कांड एक नियोजित साजिश थी। किसानों को जानबूझकर बदनाम किया गया। मंगलवार को विपक्षी दलों को साथ लेकर राहुल गांधी बोले, 'मैंने कहा था, किसानों के कानून वापस होंगे। अब हम कह रहे हैं कि वो व्यक्ति 'टेनी' हटेगा, जेल जाएगा। हम उसे जेल पहुंचाकर रहेंगे।' 

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एसआईटी के खुलासे के बाद विपक्ष हमलावर
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यूपी चुनाव में भाजपा को बैकफुट पर लाने का एक बड़ा मंत्र है लखीमपुर खीरी। उससे लगे हुए कई इलाकों में बड़े स्तर पर विपक्ष इस मुद्दे को उठाने की तैयारी कर रहा है। इसमें रैली, महापंचायत और पद यात्रा जैसा कुछ हो सकता है। विपक्ष कई दिनों से इस मुद्दे को उठा रहा है। जब से एसआईटी ने कहा है कि लखीमपुर खीरी की घटना हादसा नहीं, बल्कि सोची समझी साजिश थी, तभी से कांग्रेस व दूसरे विपक्षी दल संसद में केंद्र सरकार के खिलाफ हमलावर हो गए हैं।
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राहुल ने दिया था स्थगन प्रस्ताव का नोटिस
राहुल गांधी ने लखीमपुर खीरी हत्याकांड को लेकर गत बुधवार को लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया था। विपक्षी दलों के हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही बाधित हो गई। राहुल गांधी का आरोप था कि एसआईटी ने लखीमपुर खीरी मामले की जांच में जो खुलासा किया है, वह बहुत गंभीर है। वह घटना एक हादसा नहीं थी। उस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए। इतने अहम मुद्दे पर उन्हें लोकसभा में बोलने नहीं दिया जा रहा है।
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न सरकार, न मीडिया कर रहा अपना काम
मंगलवार को संसद के बाहर विपक्षी दलों के बीच राहुल गांधी ने कहा, मोदी सरकार में जो व्यक्ति गृह राज्यमंत्री है, उसके बेटे ने किसानों को मारा है। किसानों को जीप से कुचला गया है। जो रिपोर्ट आई है, उसमें भी इस मामले को साजिश बताया गया है। इस बाबत पीएम कुछ नहीं करते हैं। राहुल ने मीडिया पर भी निशाना साधा। कहा, 'न मीडिया, न सरकार अपना काम कर रही है। पीएम कहते हैं कि मैं किसानों से माफी मांगता हूं। दूसरी तरफ वे अपने मंत्रिमंडल में लखीमपुर खीरी कांड के मुख्य आरोपी के पिता को शामिल किए हुए हैं। पीएम अब लंबे समय तक चुप नहीं रह सकते। उन्हें सामने आना पड़ेगा, बोलना होगा। सफाई तो देनी होगी, लेकिन इससे होगा कुछ नहीं। हम, उस व्यक्ति को जेल में डालकर दिखाएंगे। उसे छोड़ेंगे नहीं, आज या कल।'

बचाव की मुद्रा में सरकार व भाजपा  
राहुल और दूसरे विपक्षी दलों के नेताओं द्वारा इस मुद्दे को लेकर संसद में बहस कराने की मांग लगातार उठाई जा रही है। अभी तक भाजपा और केंद्र सरकार, इस मामले में बयानबाजी से बचती हुई नजर आ रही है। उनकी तरफ से केवल यही कहा जाता है कि मामले की जांच चल रही है। गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी को एक दिन पहले एसएसबी के स्थापना दिवस पर बतौर मुख्य अतिथि परेड की सलामी लेनी थी। ऐन मौके पर उनका कार्यक्रम रद्द हो गया। गृह मंत्रालय में उनके सहयोगी राज्य मंत्री निशिथ प्रामाणिक को एसएसबी में भेजा गया। इससे विपक्षी दलों की इस मांग को बल मिला है कि गृह राज्यमंत्री 'टेनी' को हटना होगा।

यूपी चुनाव पर पड़ेगा असर
आने वाले दिनों में विपक्ष इस मुद्दे को जोर शोर से उठाने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में यूपी और खासतौर से टेनी के लोकसभा क्षेत्र एवं उसके निकटवर्ती इलाक़ों में चुनाव पर असर पड़ सकता है। यह बात भाजपा नेतृत्व भी समझ रहा है। राहुल गांधी, जिस यकीन से कह रहे हैं कि टेनी को हटना होगा, उन्हें जेल जाना होगा, उसके पीछे यूपी चुनाव का गणित ही मुख्य तौर पर सामने आ रहा है। 


आशीष मिश्रा की जमानत याचिका खारिज
उधर, मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को अदालत से एक और झटका लगा है। सत्र न्यायालय ने आशीष मिश्रा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। जमानत के लिए दाखिल की गई अर्जी के कागजों में त्रुटि के चलते कोर्ट ने उसके प्रार्थना पत्र को अस्वीकार कर दिया। अब आशीष मिश्रा को फिर से जमानत के लिए कोर्ट में अर्जी दाखिल करनी होगी। अदालत ने लखीमपुर खीरी हिंसा में शामिल पांच अन्य आरोपी अंकित दास, लतीफ, शेखर, शिवनंदन और सत्यम की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी है। 

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