{"_id":"5ba3ddc0867a557f685fab69","slug":"rahul-gandhi-says-rafael-deal-was-caught-again-on-the-lies-of-sitharaman","type":"story","status":"publish","title_hn":"राफेल सौदे पर फिर पकड़ा गया निर्मला सीतारमण का झूठ, इस्तीफा दें : राहुल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
राफेल सौदे पर फिर पकड़ा गया निर्मला सीतारमण का झूठ, इस्तीफा दें : राहुल
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Thu, 20 Sep 2018 11:19 PM IST
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Rahul Gandhi
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पर राफेल विमान बनाने में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की क्षमता को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। सरकारी कंपनी एचएएल के पूर्व प्रमुख टीएस राजू ने स्पष्ट कर दिया है कि वह झूठ बोल रही हैं। ऐसे में सीतारमण को इस्तीफा दे देना चाहिए।
राहुल ने ट्वीट किया, ‘राजू के मुताबिक, रक्षा मंत्री का यह कहना गलत है कि एचएएल राफेल विमान बनाने में मदद नहीं कर सकता।’ कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार ने सौदे से देश को 41,000 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है। साथ ही ऑफसेट ठेका एचएएल के बजाय अपने कारोबारी मित्र को दिलाकर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ भी किया है।
देश की ऑफसेट नीति के मुताबिक, विदेशी रक्षा कंपनी को ठेके के कुल मूल्य का 30 फीसदी हिस्सा भारत में कलपुर्जों की खरीद या शोध व विकास इकाई स्थापित करने पर खर्च करना अनिवार्य है। सीतारमण पहले ही कह चुकी हैं कि प्राइस निगोशिएशन कमेटी के शर्तें करीब-करीब तय किए जाने के समय ही पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के हस्तक्षेप के चलते सौदा रद्द हो गया था। एंटनी ने सौदा हासिल करने में एचएएल की मदद भी नहीं की।
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राहुल ने ट्वीट किया, ‘राजू के मुताबिक, रक्षा मंत्री का यह कहना गलत है कि एचएएल राफेल विमान बनाने में मदद नहीं कर सकता।’ कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार ने सौदे से देश को 41,000 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है। साथ ही ऑफसेट ठेका एचएएल के बजाय अपने कारोबारी मित्र को दिलाकर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ भी किया है।
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देश की ऑफसेट नीति के मुताबिक, विदेशी रक्षा कंपनी को ठेके के कुल मूल्य का 30 फीसदी हिस्सा भारत में कलपुर्जों की खरीद या शोध व विकास इकाई स्थापित करने पर खर्च करना अनिवार्य है। सीतारमण पहले ही कह चुकी हैं कि प्राइस निगोशिएशन कमेटी के शर्तें करीब-करीब तय किए जाने के समय ही पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के हस्तक्षेप के चलते सौदा रद्द हो गया था। एंटनी ने सौदा हासिल करने में एचएएल की मदद भी नहीं की।
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