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'संवैधानिक मूल्यों से बनती है संसद, अहंकार की ईंटों से नहीं': नए संसद भवन पर राहुल का तंज, उद्घाटन पर कहा ये
Wed, 24 May 2023 03:42 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Wed, 24 May 2023 03:42 PM IST
सार
प्रधानमंत्री मोदी 28 मई को संसद के नए भवन का उद्घाटन करेंगे। गौरतलब है कि इसे लेकर विपक्ष के 19 दलों ने बुधवार को एलान किया कि वे संसद के नए भवन के उद्घाटन समारोह का सामूहिक रूप से बहिष्कार करेंगे
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राहुल गांधी
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कंग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को नए संसद भवन और उसके उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर केंद्र सरकार पर तंज कसा। राहुल ने कहा कि संसद संवैधानिक मूल्यों से बनती है, न कि अहंकार की ईंटों से। उन्होंने यह भी कहा कि कहा कि संसद के नए भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों नहीं कराया जाना और समारोह में भी उन्हें आमंत्रित नहीं किया जाना देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान है।
राहुल ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘राष्ट्रपति से संसद का उद्घाटन न करवाना और न ही उन्हें समारोह में बुलाना - यह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान है। संसद अहंकार की ईंटों से नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों से बनती है। राहुल के इस ट्वीट पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट कर कहा, ‘‘संसद में 'लोकतंत्र' की शहनाई बजनी चाहिए, लेकिन जब से स्वघोषित विश्वगुरु पधारे हैं 'एकतंत्र' की तोप चलाई जा रही है। इमारत नहीं, नीयत बदलो!’’
प्रधानमंत्री मोदी 28 मई को संसद के नए भवन का उद्घाटन करेंगे। गौरतलब है कि इसे लेकर विपक्ष के 19 दलों ने बुधवार को एलान किया कि वे संसद के नए भवन के उद्घाटन समारोह का सामूहिक रूप से बहिष्कार करेंगे, क्योंकि इस सरकार के कार्यकाल में संसद से लोकतंत्र की आत्मा को निकाल दिया गया है और समारोह से राष्ट्रपति को दूर रखकर 'अशोभनीय कृत्य' किया गया है।
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इन दलों ने संयुक्त बयान में यह आरोप भी लगाया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को उद्घाटन समारोह से दरकिनार करना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद के नए भवन का उद्घाटन करने का फैसला लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
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राहुल ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘राष्ट्रपति से संसद का उद्घाटन न करवाना और न ही उन्हें समारोह में बुलाना - यह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान है। संसद अहंकार की ईंटों से नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों से बनती है। राहुल के इस ट्वीट पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट कर कहा, ‘‘संसद में 'लोकतंत्र' की शहनाई बजनी चाहिए, लेकिन जब से स्वघोषित विश्वगुरु पधारे हैं 'एकतंत्र' की तोप चलाई जा रही है। इमारत नहीं, नीयत बदलो!’’
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प्रधानमंत्री मोदी 28 मई को संसद के नए भवन का उद्घाटन करेंगे। गौरतलब है कि इसे लेकर विपक्ष के 19 दलों ने बुधवार को एलान किया कि वे संसद के नए भवन के उद्घाटन समारोह का सामूहिक रूप से बहिष्कार करेंगे, क्योंकि इस सरकार के कार्यकाल में संसद से लोकतंत्र की आत्मा को निकाल दिया गया है और समारोह से राष्ट्रपति को दूर रखकर 'अशोभनीय कृत्य' किया गया है।
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इन दलों ने संयुक्त बयान में यह आरोप भी लगाया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को उद्घाटन समारोह से दरकिनार करना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संसद के नए भवन का उद्घाटन करने का फैसला लोकतंत्र पर सीधा हमला है।