राहुल गांधी बोले- अर्थव्यवस्था को ठीक करने के लिए दुष्प्रचार नहीं, ठोस नीति की जरूरत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश में छाई मंदी को लेकर गुरुवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि समस्या को स्वीकार करना जरूरी है। एक अखबार में छपे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साक्षात्कार का हवाला देते हुए गांधी ने यह भी कहा कि पहले सरकार को स्वीकार करना चाहिए कि अर्थव्यवस्था को लेकर समस्या है।
उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘इस समय दुष्प्रचार, मनगढ़ंत खबरों और युवाओं के बारे में मूर्खतापूर्ण बातें करने की जरूरत नहीं है, बल्कि भारत को एक ठोस नीति की जरूरत है ताकि अर्थव्यवस्था की स्थिति को ठीक किया जा सके।’
गांधी ने कहा, ‘पहले स्वीकार करिये कि हमारे सामने समस्या है। यह स्वीकार करना ही अच्छी शुरुआत होगी।’ उन्होंने मनमोहन सिंह के जिस साक्षात्कार का हवाला दिया उसमें पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा है कि नोटबंदी और गलत ढंग से जीएसटी लागू करने के कारण अर्थव्यवस्था की स्थिति खराब हुई है।
What India needs isn’t propaganda, manipulated news cycles & foolish theories about millennials, but a concrete plan to #FixTheEconomy that we can all get behind.
Acknowledging that we have a problem is a good place to start.https://t.co/mAycubTxy1 — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) September 12, 2019
भाजपा सरकार अर्थव्यव्स्था के मामले में इतनी भ्रमित क्यों है: प्रियंका
इससे पहले राहुल गांधी की बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अर्थव्यवस्था को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट करके कहा, 'चुनाव के पहले बोला गया कि ओला-उबर ने रोजगार बढ़ाए हैं। अब बोला जा रहा है कि ओला-उबर की वजह से ऑटो सेक्टर में मंदी आ गई है।' प्रियंका ने सवाल किया, 'भाजपा सरकार अर्थव्यव्स्था के मामले में इतनी भ्रमित क्यों है?'
बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि वाहन क्षेत्र में सुस्ती के कारणों में युवाओं की सोच में बदलाव भी है क्योंकि लोग अब खुद का वाहन खरीदकर मासिक किस्त देने के बजाए ओला और उबर जैसी आनलाइन टैक्सी सेवा प्रदाताओं के जरिये वाहनों की बुकिंग को ज्यादा महत्व देते हैं।