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Rahul Gandhi: IIT मद्रास के छात्रों से मिले राहुल गांधी, शिक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल, कहा- बेहतर भविष्य के...
Sat, 04 Jan 2025 02:44 PM IST
काव्या मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Sat, 04 Jan 2025 02:44 PM IST
सार
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के छात्रों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल नहीं की जा सकती।
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राहुल गांधी, नेता, कांग्रेस
- फोटो : X / @RahulGandhi
विस्तार
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के छात्रों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए वर्तमान की शिक्षा प्रणाली पर फिर से विचार करने की जरूरत है।
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'शिक्षा पर अधिक पैसा हो खर्च'
उन्होंने आईआईटी मद्रास के छात्रों के एक समूह के साथ बातचीत में कहा कि बेहतर भविष्य और भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए यह जरूरी है कि देश की मौजूदा शिक्षा प्रणाली पर पुनर्विचार किया जाए तथा शिक्षा पर अधिक पैसा खर्च किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल नहीं की जा सकती। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने बातचीत का यह वीडियो अपने यूट्यूब चैनल पर साझा किया।
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सफलता का असली मतलब जानने की कोशिश की: राहुल गांधी
उन्होंने कहा, '‘मुझे हाल ही में आईआईटी मद्रास के कुछ प्रतिभाशाली युवाओं से बात करने का सौभाग्य मिला। साथ में, हमने जानने की कोशिश की कि सफलता का असली मतलब क्या है। हमने भारत के भविष्य को आकार देने में अनुसंधान और शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका तथा एक ऐसे उत्पादन पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर चर्चा की जो निष्पक्षता, नवाचार और सभी के लिए अवसर को महत्व देता है।’
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'शिक्षा प्रणआली पर विचार किया जाए'
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपने युवाओं को शिक्षित करने, बेहतर कल की कल्पना को साकार करने और भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता में बदलने के लिए भारतीय शिक्षा प्रणाली को लेकर फिर से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘वर्तमान में, हमारा शिक्षा ढांचा अक्सर युवाओं को कुछ करियर जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस, या सशस्त्र बल तक सीमित कर देता है।’
भारत को विश्व मंच पर समानता...
राहुल गांधी ने कहा कि यह विविध अवसरों को खोलने, छात्रों को अपनी आकांक्षा को पूरा करने और नवाचार एवं पसंद से प्रेरित भविष्य बनाने के लिए सशक्त बनाने का समय है। उन्होंने कहा, ‘यह बातचीत केवल विचारों के बारे में नहीं थी, यह समझने के बारे में भी थी कि हम भारत को विश्व मंच पर समानता और प्रगति की शक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए कैसे मिलकर काम कर सकते हैं। उनके विचारशील प्रश्नों और ताज़ा दृष्टिकोण ने इसे वास्तव में प्रेरणादायक बातचीत बना दिया।’
उन्होंने यह वीडियो ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘मानना है कि अपने लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की गारंटी देना किसी भी सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में से एक है। इसे निजीकरण और वित्तीय प्रोत्साहन के माध्यम से हासिल नहीं किया जा सकता। हमें शिक्षा पर अधिक पैसा खर्च करने तथा सरकारी संस्थानों को मजबूत करने की जरूरत है।’