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कृषि विधेयक: पंजाब में किसानों के साथ प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं राहुल गांधी
Mon, 28 Sep 2020 10:58 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Mon, 28 Sep 2020 10:58 AM IST
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राहुल गांधी (फाइल फोटो)
- फोटो : Twitter @RahulGandhi
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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के इस सप्ताह पंजाब में किसानों द्वारा किए जा रहे कृषि कानूनों के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने की संभावना है। इस घटनाक्रम से परिचित लोगों ने इसकी जानकारी दी है। पिछले सप्ताह ही सरकार ने तीन कृषि विधेयकों को संसद से पारित किया। वहीं, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा इन विधेयकों पर हस्ताक्षर कर दिया गया है और ये विधेयक अब कानून बन चुके हैं।
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एक कांग्रेस नेता ने बताया कि राहुल एक रैली को भी संबोधित कर सकते हैं। हालांकि, इसकी तिथि और स्थल को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, पंजाब के बाद वह हरियाणा में प्रदर्शनकारी किसानों के साथ शामिल हो सकते हैं। लेकिन हमें यकीन नहीं है कि हरियाणा में भाजपा सरकार उन्हें राज्य में प्रवेश करने देगी।
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ये विरोध रैली केंद्र सरकार द्वारा लाए गए इन कानूनों के खिलाफ कांग्रेस के दो महीने लंबे आंदोलन कार्यक्रम का हिस्सा है। गौरतलब है कि जैसे ही तीनों कृषि विधेयकों को दोनों ही सदनों से पारित कर दिया गया, वैसे ही पंजाब, हरियाणा समेत देश के कई हिस्सों में किसानों का प्रदर्शन शुरू हो गए।
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रविवार को तीन विधेयकों पर हस्ताक्षर कर दिए और इन्होंने कानून का रूप धारण कर लिया। गौरतलब है कि विपक्ष ने राष्ट्रपति से विधेयकों को वापस करने का आग्रह किया था और कहा था कि एक बार उचित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद ही उस पर हस्ताक्षर किए जाएं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन कानूनों को भारतीय कृषि के इतिहास में एक ऐतिहासिक क्षण करार दिया है, जो लाखों किसानों को सशक्त करेगा। रविवार को प्रसारित अपने मासिक 'मन की बात' रेडियाो कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले कुछ राज्यों में फल और सब्जियों को कृषि उपज विपणन समितियों (एपीएमसी) अधिनियम के तहत लाने से किसानों को बड़ी संख्या में फायदा हुआ है। पीएम ने कहा, ऐसा ही प्रावधान अब अनाज पैदा करने वाले किसानों के लिए लाया गया है, जो उन्हें फायदा पहुंचाएगा।
हालांकि, इन कानूनों के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सबसे पुराने सहयोगियों में से एक शिरोमणि अकाली दल एनडीए से अलग हो गया। वहीं, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने भी मोदी सरकार से इस्तीफा दे दिया।