Rahul Gandhi: राहुल गांधी को फिर मिला पुराना 12 तुगलक लेन बंगला, इस कांग्रेसी नेता किया था आवास देने का आग्रह
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विस्तार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सदस्यता बहाल होने के एक दिन बाद उन्हें पुराना सरकारी घर आवंटित हो गया है। लोकसभा की हाउसिंग कमेटी ने उन्हें दिल्ली का 12 तुगलक लेन वाला बंगला वापस कर दिया है। घर फिर से मिलने पर राहुल ने कहा, 'मेरा घर पूरा हिंदुस्तान है।' सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लोकसभा की हाउसिंग कमेटी से कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने संपर्क किया था। चौधरी ने कमेटी से राहुल गांधी को पुराना बंगला फिर से आवंटित करने का आग्रह किया था।
लोकसभा की हाउसिंग कमेटी ने कहा था कि इस बारे में नियम साफ है। राहुल गांधी को घर के लिए फिर से आवेदन करना होगा। उसके बाद ही उन्हें यह घर (12 तुगलक लेन) मिल सकता है। कांग्रेस नेता के लिए अच्छी बात यह थी कि अभी पुराना घर किसी दूसरे को आवंटित नहीं हुआ था। ऐसे में उन्हें पुराना घर फिर मिलने की पूरी संभावना थी। 22 अप्रैल को राहुल ने यह घर खाली कर दिया था। इससे एक महीने पहले उन पर मोदी सरनेम मामले में दोषसिद्धि साबित हुआ था और कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई थी। दरअसल, दो साल या उससे अधिक सजा मिलने पर संसद सदस्य अयोग्य हो जाते हैं। इसके बाद सांसद को अधिकतम एक महीने के भीतर सरकारी आवास छोड़ना होता है।
राहुल गांधी ने 22 अप्रैल 2023 को दिल्ली के 12 तुगलक लेने वाला बंगला 19 साल बाद खाली किया था। उन्होंने इस दौरान कहा था कि सच्चाई की जो भी कीमत हो वे चुकाएंगे। इसके लिए हमेशा वे तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने मुझे घर दिया था, लेकिन छीन लिया गया, कोई बात नहीं।
राहुल इस घर की रखते हैं पात्रता
लोकसभा में केरल की वायनाड संसदीय सीट प्रतिनिधित्व करने वाले राहुल गांधी को दिल्ली में सरकारी आवास मिलना था। नियम के तहत अभी 8 तरह के सरकारी आवास दिए जाते हैं। टाइप-5 और टाइप-7 के तहत घर लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों को दिए जाते हैं। राहुल संसद में तीन कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और टाइप-7 बंगले के लिए पात्र हैं। टाइप-7 बंगला एक से डेढ़ एकड़ के बीच फैला होता है। इसमें 4 बेडरूम होते हैं। ऐसे बंगले में राज्य मंत्री, दिल्ली हाई कोर्ट के जज आदि रहते हैं। नए सांसदों को टाइप-5 बंगला मिलता है।
सुप्रीम कोर्ट ने सजा पर लगाई रोक
राहुल गांधी ने सांसदी जाने के बाद सजा पर रोक के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद वे फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जहां सजा पर रोक लग गई। इसके बाद राहुल गांधी की सदस्यता बहाल हो गई और वह फिर से वायनाड के सांसद बन गए। सांसदी वापस मिलने के बाद राहुल सोमवार को लोकसभा भी पहुंचे थे। 137 दिन बाद संसद भवन पहुंचे राहुल गांधी का I.N.D.I.A. गठबंधन के सभी सांसदों ने स्वागत किया था। अपनी सांसदी वापस आने पर राहुल ने कहा था, 'आज नहीं तो कल सच की जीत होती ही है।' सांसदी लौटने के बाद राहुल गांधी अब 12-13 अगस्त को वायनाड भी जाने वाले हैं।