Rahul Gandhi: दक्षिण अमेरिकी देशों के दौरे पर निकले राहुल, चार देशों के नेताओं और छात्रों से करेंगे मुलाकात
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार को चार दक्षिण अमेरिकी देशों की यात्रा पर रवाना हो गए। इस दौरान वे राजनीतिक लोगों, छात्रों और कारोबारियों से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस की मीडिया और प्रचार विभाग के प्रभारी पवन खेड़ा ने यह जानकारी दी।
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शनिवार को चार दक्षिण अमेरिकी देशों की यात्रा पर रवाना हो गए। इस दौरान वे राजनीतिक लोगों, छात्रों और कारोबारियों से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस की मीडिया और प्रचार विभाग के प्रभारी पवन खेड़ा ने यह जानकारी दी। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि राहुल गांधी कितने दिन देश से बाहर रहेंगे।
10 दिन की हो सकती है यह यात्रा
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दक्षिण अमेरिकी देशों की यात्रा पर रवाना हो गए हैं। वे चार देशों में राजनीतिक नेताओं, विश्वविद्यालय के छात्रों और कारोबारी जगत से जुड़े लोगों से संवाद करेंगे। कांग्रेस के अनुसार राहुल गांधी ब्राजील और कोलंबिया जाएंगे, जहां वे विश्वविद्यालय के छात्रों से बातचीत करेंगे। बताया जा रहा है कि राहुल की यह यात्रा 10 दिन की है। इस दौरान वह पेरू, चिली, ब्राजील और कोलंबिया जाएंगे।
कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी ब्राज़ील, कोलंबिया और अन्य जगहों का दौरा करेंगे, जहां उनके विश्वविद्यालय के छात्रों से बातचीत करने की उम्मीद है। पार्टी ने कहा कि वह कई देशों के राष्ट्रपतियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकें करेंगे और लोकतांत्रिक एवं रणनीतिक संबंधों को मजबूत करेंगे।
पार्टी ने यह भी कहा कि अमेरिकी शुल्क के मद्देनजर भारतीय व्यापार और साझेदारी में विविधता लाने के अपने प्रयासों के तहत, राहुल गांधी व्यापार जगत के प्रमुख लोगों के साथ मिलकर अवसरों की तलाश करेंगे। वह ब्राजील, कोलंबिया और अन्य जगहों के विश्वविद्यालयों के छात्रों से बातचीत करेंगे और वैश्विक नेताओं की अगली पीढ़ी के साथ संवाद स्थापित करेंगे।
कांग्रेस ने कहा कि यह महत्वपूर्ण यात्रा ऐतिहासिक महत्व रखती है। कांग्रेस ने कहा कि भारत और दक्षिण अमेरिका ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन, ‘ग्लोबल साउथ’ में एकजुटता और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता के माध्यम से लंबे समय से अपने संबंध साझा किए हैं। मुख्य विपक्षी दल के अनुसार, राहुल गांधी का यह अभियान इस परंपरा को जारी रखते हुए व्यापार, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान में सहयोग के नए रास्ते खोल रहा है।पार्टी ने यह भी कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को आकार देने और भारत की वैश्विक उपस्थिति को आगे बढ़ाने में भारत के लोकतांत्रिक विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।
भाजपा ने साधा निशाना
भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी की यात्रा पर कटाक्ष किया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी भारत विरोधी वैश्विक गठबंधन बना रहे हैं। भंडारी ने कहा कि वह सोच रहे हैं कि राहुल गांधी की एक ओर विदेश यात्रा में अगला भारत विरोधी कौन व्यक्ति होगा। जिससे राहुल बंद दरवाजों के पीछे मिलेंगे। प्रदीप भंडारी ने कहा राहुल भारतीय संघ और लोकतंत्र से लड़ना चाहते हैं, इसके लिए वह एक वैश्विक गठबंधन बना रहे हैं। शायद जार्ज सोरोस उन्हें निर्देश दे रहे होंगे। उन्होंने दावा किया कि राहुल ने भारत के लोकतंत्र में विदेशी हस्तक्षेप की मांग की है, वह इल्हान उमर से मिलते हैं, खालिस्तानी आतंकी पन्नू का समर्थन भी उन्हें मिला हुआ है।