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RSS Defamation Case: मानहानि मामले में कोर्ट में पेश हुए राहुल गांधी, भाजपा कार्यकर्ताओं ने दिखाए काले झंडे
Sat, 21 Feb 2026 07:10 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ठाणे।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 21 Feb 2026 07:10 PM IST
सार
RSS Defamation Case: कांग्रेस नेता राहुल गांधी आरएसएस कार्यकर्ता की ओर से दर्ज कराए गए मानहानि के मामले में शनिवार को भिवंडी की अदालत में पेश हुए और अपने नए गारंटर के रूप में पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को पेश किया। रास्ते में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुलुंड टोल प्लाजा पर उनका विरोध करते हुए काले झंडे दिखाए। पढ़ें रिपोर्ट-
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राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को मानहानि के एक मामले में भिवंडी में अदालत में पेश हुए। यह मामला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता की ओर से दर्ज कराया गया था। राहुल गांधी ने पार्टी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को अपने नए गारंटर के रूप में पेश किया।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने दिखाए काले झंडे
राहुल गांधी मुंबई में उतरे और सड़क मार्ग से भिवंडी जा रहे थे, तभी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ कार्यकर्ताओं ने मुलुंड टोल प्लाजा पर उनके विरोध में काले झंडे दिखाए और नारे लगाए। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि एआई समिट में युवा कांग्रेस के विरोध ने भारत की छवि को नुकसान पहुंचाया।
अदालत ने गारंटर बनने की अनुमति दी: सपकाल
सपकाल, पार्टी सांसद वर्षा गायकवाड़ और वकील नारायण अय्यर व कुशल मोर के साथ राहुल गांधी सुबह करीब साढ़े दस बजे मजिस्ट्रेट अदालत पहुंचे। अदालत ने लोकसभा में विपक्ष के नेता से व्यक्तिगत रूप से पेश होने और नए गारंटर पेश करने को कहा था, क्योंकि पहले के गारंटर (पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटिल चाकूरकर) का दिसंबर में निधन हो गया था। सपकाल ने अदालत में आरोपी के लिए गारंटर बनने की अनुमति का आवेदन किया। शपथपत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद अदालत ने इसे मंजूरी दे दी। संयुक्त सिविल जज एवं प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट पीएम कोलसे ने मामले को चार अप्रैल तक स्थगित कर दिया, जब गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
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ये भी पढ़ें: बंगाल में सियासी सरगर्मी: CM ममता ने भाजपा सांसद को सम्मानित किया, CPM नेता ने TMC का दामन थामा; मायने क्या?
राहुल गांधी के वकील ने क्या कहा?
वकील अय्यर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सांसदों और विधायकों के खिलाफ मामलों को तेजी से निपटाने के लिए यह कार्यवाही की गई। यह प्रक्रिया करीब 15 मिनट में पूरी हुई। उसके बाद राहुल गांधी वापस मुंबई लौट गए और मीडिया से कोई बात नहीं की। अय्यर ने कहा, हम भारत की न्यायपालिका में पूरा भरोसा रखते हैं और यह तय है कि न्याय होगा। भविष्य की सुनवाई में राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने से स्थायी छूट मिल गई है और हम उचित समय पर गवाह पेश करेंगे।
याचिकाकर्ता ने क्या आरोप लगाया है?
राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 500 (मानहानि) के तहत आरएसएस कार्यकर्ता राजेश कुंटे की ओर से मामला दर्ज कराया गया है। कुंटे का आरोप है कि 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान सोनाले गांव में रैली में राहुल गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे आरएसएस का हाथ था। कुंटे का दावा है कि राहुल गांधी के बयान ने आरएसएस की छवि को खराब किया।
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भाजपा कार्यकर्ताओं ने दिखाए काले झंडे
राहुल गांधी मुंबई में उतरे और सड़क मार्ग से भिवंडी जा रहे थे, तभी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ कार्यकर्ताओं ने मुलुंड टोल प्लाजा पर उनके विरोध में काले झंडे दिखाए और नारे लगाए। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि एआई समिट में युवा कांग्रेस के विरोध ने भारत की छवि को नुकसान पहुंचाया।
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अदालत ने गारंटर बनने की अनुमति दी: सपकाल
सपकाल, पार्टी सांसद वर्षा गायकवाड़ और वकील नारायण अय्यर व कुशल मोर के साथ राहुल गांधी सुबह करीब साढ़े दस बजे मजिस्ट्रेट अदालत पहुंचे। अदालत ने लोकसभा में विपक्ष के नेता से व्यक्तिगत रूप से पेश होने और नए गारंटर पेश करने को कहा था, क्योंकि पहले के गारंटर (पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटिल चाकूरकर) का दिसंबर में निधन हो गया था। सपकाल ने अदालत में आरोपी के लिए गारंटर बनने की अनुमति का आवेदन किया। शपथपत्र और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद अदालत ने इसे मंजूरी दे दी। संयुक्त सिविल जज एवं प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट पीएम कोलसे ने मामले को चार अप्रैल तक स्थगित कर दिया, जब गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे।
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राहुल गांधी के वकील ने क्या कहा?
वकील अय्यर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सांसदों और विधायकों के खिलाफ मामलों को तेजी से निपटाने के लिए यह कार्यवाही की गई। यह प्रक्रिया करीब 15 मिनट में पूरी हुई। उसके बाद राहुल गांधी वापस मुंबई लौट गए और मीडिया से कोई बात नहीं की। अय्यर ने कहा, हम भारत की न्यायपालिका में पूरा भरोसा रखते हैं और यह तय है कि न्याय होगा। भविष्य की सुनवाई में राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने से स्थायी छूट मिल गई है और हम उचित समय पर गवाह पेश करेंगे।
याचिकाकर्ता ने क्या आरोप लगाया है?
राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 500 (मानहानि) के तहत आरएसएस कार्यकर्ता राजेश कुंटे की ओर से मामला दर्ज कराया गया है। कुंटे का आरोप है कि 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान सोनाले गांव में रैली में राहुल गांधी ने कहा कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे आरएसएस का हाथ था। कुंटे का दावा है कि राहुल गांधी के बयान ने आरएसएस की छवि को खराब किया।