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Rahul Gandhi: बुलडोजर मामले में SC की टिप्पणी को राहुल ने सराहा, कहा- भाजपा का संविधान विरोधी चेहरा बेनकाब

Mon, 02 Sep 2024 10:44 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Mon, 02 Sep 2024 10:44 PM IST
सार

राहुल गांधी ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं सुप्रीम कोर्ट संवेदनशील मुद्दे पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करेगा और नागरिकों को भाजपा सरकारों के इस लोकतंत्र विरोधी अभियान से बचाएगा।

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Rahul appreciated SC s comment in the bulldozer case said BJP anti constitutional face exposed.
राहुल गांधी। - फोटो : ANI

विस्तार

बुलडोजर एक्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी की लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सराहना की। उन्होंने कहा कि मानवता और न्याय को बुलडोजर के नीचे कुचलने वाली भाजपा का संविधान विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है। एक्स पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा की असांवधानिक और अन्यायपूर्ण बुलडोजर नीति पर अदालत की टिप्पणी का स्वागत है।

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राहुल गांधी ने कहा कि बेलगाम सत्ता का प्रतीक बन चुके बुलडोजर ने नागरिक अधिकारों को कुचलकर अहंकार के साथ लगातार कानून को चुनौती दी है। अक्सर बहुजनों और गरीबों के घर बुलडोजर के पहियों के नीचे आते हैं, जो तत्काल न्याय की आड़ में भय का शासन स्थापित करने के लिए चलाया जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं सुप्रीम कोर्ट इस बेहद संवेदनशील मुद्दे पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करेगा और नागरिकों को भाजपा सरकारों के इस लोकतंत्र विरोधी अभियान से बचाएगा। देश सत्ता के चाबुक से नहीं, बाबा साहब के संविधान से चलेगा।
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दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा किए जा रहे बुलडोजर एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जाहिर की थी। जस्टिस बीआर गवई ने मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, 'सिर्फ इसलिए घर कैसे गिराया जा सकता है कि वह आरोपी है? अगर वह दोषी है तो भी घर नहीं गिराया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन को बताने के बाद भी...हमें रवैये में कोई बदलाव नहीं दिख रहा।'

याचिका पर सुनवाई कर रही पीठ में शामिल जस्टिस केवी विश्वनाथन ने कहा कि 'किसी को भी कमियों का फायदा नहीं उठाना चाहिए। पिता का बेटा अड़ियल या आज्ञा न मानने वाला हो सकता है, लेकिन अगर इस आधार पर घर गिराया जाता है, तो यह तरीका नहीं है।'

केंद्र सरकार का तर्क- कानून का उल्लंघन करने पर ही होती है कार्रवाई
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि कानून का उल्लंघन होने पर घरों को गिराया जा रहा है। उन्होंने कहा, 'हम तभी कार्रवाई करते हैं जब कानून का उल्लंघन होता है।' इसके जवाब में पीठ ने कहा, 'लेकिन शिकायतों को देखते हुए, हमें लगता है कि उल्लंघन हुआ है।'


न्यायमूर्ति विश्वनाथन ने पूरे राज्य में अनधिकृत इमारतों को ध्वस्त करने के लिए एक दिशानिर्देश की आवश्यकता पर भी गौर किया। न्यायमूर्ति गवई ने कहा, 'सुझाव आने दीजिए। हम अखिल भारतीय स्तर पर दिशानिर्देश जारी करेंगे। दरअसल, बुलडोजर एक्शन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की गई थी। इन्हीं याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणी की। 

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